कल खुलेगा Jio का IPO, RIL शेयरहोल्डर्स के लिए है स्पेशल ₹2500 करोड़ का कोटा; कैसे बढ़ेगा अलॉटमेंट का मौका?
Jio IPO: भारत के अब तक के सबसे बड़े पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में भारी मांग की उम्मीद है. ऐसे में, पात्र निवेशक 'शेयरहोल्डर' और 'रिटेल' - दोनों श्रेणियों में आवेदन करके शेयर मिलने की अपनी संभावनाओं को बेहतर बना सकते हैं.
Highlights
- शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व किए हैं.
- 30,213 करोड़ रुपये के इस IPO में इस रिजर्वेशन ने काफी ध्यान खींचा है.
- जियो के लिए आवेदन के लिए मिनिमम लॉट साइज 12 शेयर है.
मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO बुधवार, 21 अक्टूबर को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर रखने वाले निवेशकों के पास 2,500 करोड़ रुपये के विशेष ‘शेयरहोल्डर रिजर्वेशन’ (शेयरधारकों के लिए रिजर्व कोटा) के जरिए शेयर अलॉटमेंट पाने का एक अतिरिक्त मौका है. भारत के अब तक के सबसे बड़े पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में भारी मांग की उम्मीद है. ऐसे में, पात्र निवेशक ‘शेयरहोल्डर’ और ‘रिटेल’ – दोनों श्रेणियों में आवेदन करके शेयर मिलने की अपनी संभावनाओं को बेहतर बना सकते हैं.
2500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व
जियो प्लेटफॉर्म्स ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व किए हैं. इससे उन्हें एक अलग अलॉटमेंट पूल में शामिल होने का मौका मिलता है, जिससे उन्हें केवल अन्य रिटेल निवेशकों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करनी पड़ती.
30,213 करोड़ रुपये के इस IPO में इस रिजर्वेशन ने काफी ध्यान खींचा है. खासकर तब, जब कंपनी के ‘एंकर बुक’ में लगभग 8,110 करोड़ रुपये के अलॉटमेंट के मुकाबले करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां (bids) प्राप्त हुईं. हालांकि, सिर्फ पात्र होना ही शेयर मिलने की गारंटी नहीं है. किसी निवेशक को कितने शेयर मिलेंगे, यह ‘शेयरहोल्डर कैटेगरी’ में आई मांग और अलॉटमेंट के अंतिम आधार (Basis of Allotment) पर निर्भर करेगा.
जियो IPO के शेयरहोल्डर कोटे के लिए कौन पात्र है?
वे व्यक्तिगत निवेशक और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), जिनके पास 14 अक्टूबर 2026 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर थे, वे इस ‘शेयरहोल्डर रिजर्वेशन’ के तहत आवेदन करने के पात्र हैं. कंपनी ने 14 अक्टूबर (जिस दिन ‘रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस’ जारी हुआ था) को पात्रता के लिए ‘कट-ऑफ’ तारीख तय की है.
इस तारीख पर अगर किसी निवेशक के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज का सिर्फ एक शेयर भी है, तो वह इस रिजर्वेशन के लिए पात्र है. हालांकि, जिन निवेशकों ने 14 अक्टूबर या उसके बाद RIL के शेयर खरीदे हैं, वे इसके लिए पात्र नहीं होंगे.
भारत की T+1 सेटलमेंट सिस्टम के अनुसार, पात्रता के लिए रिलायंस के शेयर खरीदने का आखिरी सामान्य ट्रेडिंग दिन 13 अक्टूबर था. जो लोग इस समय-सीमा से चूक गए हैं, वे भी लागू शर्तों के तहत ‘सामान्य रिटेल कैटेगरी’ में जियो IPO के लिए आवेदन कर सकते हैं.
अलॉटमेंट की संभावनाओं को कैसे बेहतर बना सकते हैं?
शेयर मिलने की संभावनाओं को अधिकतम करने के लिए, निवेशक ‘शेयरहोल्डर’ और ‘रिटेल’ – दोनों कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों को यह फायदा मिलता है कि वे एक ही PAN का उपयोग करके दो अलग-अलग IPO आवेदन जमा कर सकते हैं.
एक पात्र निवेशक शेयरहोल्डर रिजर्वेशन के तहत एक बार और रेगुलर रिटेल कैटेगरी के तहत एक बार आवेदन कर सकता है. एक ही कैटेगरी में कई आवेदन (डुप्लिकेट आवेदन) करने पर आवेदन रद्द हो सकते हैं, लेकिन जियो के ऑफर डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, इन दो अलग-अलग कैटेगरी में आवेदन करने की अनुमति है.
इससे निवेशकों को अलॉटमेंट के दो अलग-अलग पूल मिल जाते हैं, जिससे उन्हें शेयर मिलने की संभावना बढ़ सकती है.
आसान भाषा में समझें
उदाहरण के लिए, कोई निवेशक शेयरहोल्डैर कैटेगरी के तहत एक लॉट और रिटेल कैटेगरी के तहत एक और लॉट के लिए आवेदन कर सकता है. इन आवेदनों पर अलग-अलग विचार किया जाएगा और शेयर का अलॉटमेंट हर कैटेगरी में मौजूद डिमांड पर निर्भर करेगा.
शेयरहोल्डर कोटा के तहत आवेदन के साइज पर ध्यान दें. RIL के पात्र शेयरहोल्डर इस रिजर्व कैटेगरी के तहत 2 लाख रुपये तक के शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं.
मिनिमम लॉट साइज
जियो के लिए आवेदन के लिए मिनिमम लॉट साइज 12 शेयर है. 1,119 रुपये के अपर प्राइस बैंड (कीमत) के हिसाब से इसकी कीमत 13,428 रुपये होती है. निवेशक 12 शेयरों के मल्टीपल में आवेदन कर सकते हैं. अधिकतम कीमत पर, एक शेयरहोल्डर 14 लॉट तक के लिए बोली लगा सकता है, जिसमें कुल 168 शेयर होंगे और इसके लिए 1.87 लाख रुपये की आवश्यकता होगी.
रिटेल कैटेगरी के विपरीत, जहां बहुत अधिक ओवरसब्सक्रिप्शन होने पर आमतौर पर ड्रॉ के जरिए न्यूनतम लॉट अलॉट किया जाता है, शेयरहोल्डर रिजर्वेशन में ‘आनुपातिक अलॉटमेंट’ (Proportionate Allotment) का तरीका अपनाया जाता है. यह न्यूनतम लॉट और शेयरों की उपलब्धता पर निर्भर करता है.
इसलिए, अधिक शेयरों के लिए आवेदन करने से आनुपातिक तरीके के तहत निवेशक को मिलने वाले शेयरों की संख्या बढ़ सकती है. हालांकि, अधिकतम वॉल्यूम के लिए बोली लगाने पर भी शेयर मिलने की गारंटी नहीं होती, खासकर तब जब उस कैटेगरी में बहुत अधिक ओवरसब्सक्रिप्शन हो.
अलग-अलग खातों का उपयोग करें
जिन परिवारों में कई सदस्य हैं और वे स्वतंत्र रूप से शेयरहोल्डर रिजर्वेशन के लिए पात्र हैं, वे अपने-अपने डीमैट खातों के जरिए आवेदन कर सकते हैं. नियमों के अनुसार, प्रत्येक पात्र निवेशक एक अलग रिटेल आवेदन भी जमा कर सकता है.
हालांकि, ये आवेदन वास्तविक और स्वतंत्र रूप से पात्र निवेशकों के ही होने चाहिए. एक ही कैटेगरी में एक ही PAN (पैन) नंबर से किए गए कई आवेदनों को डुप्लिकेट माना जा सकता है. आज जियो IPO का GMP
IPO खुलने से पहले, 20 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग 245 रुपये चल रहा था. यह 1,119 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 22% का अनौपचारिक प्रीमियम दिखाता है. इस प्रीमियम के हिसाब से, शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत लगभग 1,364 रुपये प्रति शेयर बैठती है.
हालांकि, ग्रे मार्केट की कीमतें अनौपचारिक होती हैं, मांग के साथ बदलती रहती हैं और लिस्टिंग पर असल मुनाफे की कोई गारंटी नहीं देतीं.
जियो IPO का प्राइस बैंड, लॉट साइज और लिस्टिंग की तारीख
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने IPO के लिए 1,065-1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. यह पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा. शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्तूबर को इन शेयरों को 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट किया जाना है.
इस ऑफर में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर शामिल हैं, जिनसे प्राइस बैंड के अपर लेवल पर 30,213 करोड़ रुपये तक जुटाए जा सकते हैं. इस कीमत पर, जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये होगा.
कंपनी की योजना IPO से मिलने वाली कुल रकम में से लगभग 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने या समय से पहले भुगतान करने के लिए करने की है, जबकि बाकी बची रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामों के लिए किया जाएगा.
शेयरधारकों को कितनी छूट मिलेगी?
शेयरधारकों के लिए रिजर्व 2,500 करोड़ रुपये के अलावा, जियो ने पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये अलग रखे हैं, जिन्हें प्रति शेयर 54 रुपये की छूट मिलेगी.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए, दोनों कैटेगरी के माध्यम से आवेदन करने पर शेयर पाने का एक अतिरिक्त अवसर मिलता है. शेयर अलॉट होने की वास्तविक संभावना अंततः सब्सक्रिप्शन की मांग और अंतिम अलॉटमेंट प्रक्रिया पर निर्भर करेगी.
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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