10 किलो पनीर से ऐसे बनाया ₹10000 करोड़ का साम्राज्य, अब आ रहा है IPO; 16 साल की उम्र में छोड़ा था स्कूल
सतीश कुमार ने 16 साल की उम्र में स्कूल छोड़कर 10 किलो पनीर से अपना सफर शुरू किया. आज उनकी कंपनी Milky Mist 10000 करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यू पर IPO लाने जा रही है. पनीर से शुरू हुआ यह बिजनेस अब डेयरी प्रोडक्ट्स के बड़े ब्रांड में बदल चुका है और तेजी से ग्रोथ कर रहा है.

Milky Mist IPO: सिर्फ 10 किलो पनीर से शुरू हुआ एक छोटा सा प्रयोग आज 10000 करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी बनने की दहलीज पर खड़ा है. 16 साल की उम्र में स्कूल छोड़कर परिवार के डूबते कारोबार को संभालने का फैसला करने वाले सतीश कुमार (Sathish Kumar T.) ने Milky Mist को एक बड़ी डेयरी ब्रांड में बदल दिया. अब कंपनी 1553 करोड़ रुपये के IPO के जरिए शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी में है.
संघर्ष से शुरू हुई कहानी
यह कहानी किसी बड़ी फैक्ट्री या निवेश से नहीं, बल्कि संघर्ष से शुरू हुई. तमिलनाडु के इरोड में सतीश कुमार का परिवार पहले पावरलूम का काम करता था, लेकिन यह कारोबार ज्यादा समय तक नहीं चल पाया. इसके बाद परिवार ने दूध का कारोबार शुरू किया, जहां वे लोकल सप्लायर से दूध लेकर उसे ठंडा करके बेंगलुरु भेजते थे.
करीब 3,000 लीटर रोजाना सप्लाई के बावजूद इस बिजनेस में ज्यादा मुनाफा नहीं था. साल 1990 में उनके चाचा अलग हो गए और 1992 तक यह कारोबार भी बंद हो गया.
16 साल की उम्र में लिया बड़ा फैसला
यहीं से सतीश कुमार की एंट्री होती है. महज 16 साल की उम्र में उन्होंने स्कूल छोड़कर परिवार के कारोबार को संभालने का फैसला किया. उन्होंने एक बात नोटिस की थी कि उनका एक ग्राहक दूध खरीदकर उससे पनीर बनाता था और होटलों को बेचता था. यहीं से उन्हें नया आइडिया मिला.
बिना किसी गाइड के सीखा पनीर बनाना
उस समय न इंटरनेट था, न कोई गाइड. सतीश कुमार ने खुद ही प्रयोग शुरू किए. दूध को गर्म करना, उसमें सिरका मिलाना, सही टेक्सचर लाना—कई बार कोशिशें फेल हुईं और काफी दूध खराब भी हुआ. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे सही क्वालिटी का पनीर बनाना सीख लिया.
10 किलो पनीर से शुरू हुआ सफर
साल 1993 में उन्होंने पहली बार 10 किलो पनीर तैयार किया और उसे बैग में भरकर बेंगलुरु ले गए. शुरुआत में यह पनीर होटलों और रेस्टोरेंट्स को बेचा गया. यह छोटा सा प्रयोग धीरे-धीरे बिजनेस में बदल गया. साल 1995 तक कंपनी रोज 50-100 किलो पनीर बेचने लगी.
बड़ा फैसला जिसने बदली किस्मत
इसके बाद परिवार ने एक अहम फैसला लिया. उन्होंने दूध बेचना बंद कर दिया और उसी दूध से पनीर बनाना शुरू किया. यही Milky Mist की असली नींव बनी. सतीश कुमार ने समझ लिया था कि सिर्फ दूध बेचने में मार्जिन कम है, जबकि वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट जैसे पनीर ज्यादा कमाई दे सकते हैं.
पनीर से बना पूरा डेयरी ब्रांड
पनीर से शुरुआत करने के बाद कंपनी ने धीरे-धीरे अपने प्रोडक्ट बढ़ाए. इसमें दही, मक्खन, घी, चीज, योगर्ट, आइसक्रीम और UHT प्रोडक्ट शामिल हो गए. आज कंपनी SmartChef, Capella और Misty Lite जैसे ब्रांड भी चलाती है.
साल 1997 में कंपनी ने रिटेल मार्केट में एंट्री करने का फैसला किया. इसके लिए एक ब्रांड नाम की जरूरत थी. तभी “Milky Mist” नाम चुना गया, जो आसान था, याद रखने में सरल था और किसी खास क्षेत्र या धर्म से जुड़ा नहीं था. कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक, 1997 में यह नाम सामने आया और 2007 में इसका लोगो लॉन्च हुआ.
सप्लाई चेन पर खास फोकस
डेयरी बिजनेस में सिर्फ प्रोडक्ट बनाना ही नहीं, उसे सही हालत में ग्राहक तक पहुंचाना भी जरूरी होता है. इसी वजह से Milky Mist ने कोल्ड स्टोरेज, रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट और रिटेल आउटलेट्स पर कूलिंग सिस्टम में बड़ा निवेश किया. कंपनी ने सिर्फ रिटेलर्स पर निर्भर रहने के बजाय खुद की कोल्ड चेन मजबूत की. इससे प्रोडक्ट की क्वालिटी बनी रही और ब्रांड पर भरोसा बढ़ा.
ब्रांडिंग और टेक्नोलॉजी पर निवेश
साल 2010 में कंपनी ने पनीर के लिए अपना पहला टीवी विज्ञापन लॉन्च किया, जिससे ब्रांड को पहचान मिली. इसके बाद कंपनी ने बड़े स्तर पर ऑटोमेशन में निवेश किया. 2018 में रोबोटिक बेस्ड पनीर और दही प्रोसेसिंग लाइन शुरू की गई और 2019 में ऑटोमेटेड चीज प्लांट लगाया गया.
तेजी से बढ़ता कारोबार
कंपनी की कमाई लगातार बढ़ी है. 2024 में कंपनी का रेवेन्यू 1,826.86 करोड़ रुपये था, जो 2025 में बढ़कर 2,354.79 करोड़ रुपये और 2026 में 3,145.01 करोड़ रुपये हो गया. 2024 में PAT 19.44 करोड़ रुपये था, जो 2025 में 46.07 करोड़ रुपये और 2026 में 127.01 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
अब IPO की तैयारी
Milky Mist Dairy Food का IPO 11 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 13 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा, जिसके जरिए निवेशकों को तेजी से बढ़ती पैकेज्ड फूड और वैल्यू-एडेड डेयरी कंपनी में निवेश का मौका मिलेगा. इस IPO का प्राइस बैंड 133 से 140 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और इसका लॉट साइज 107 शेयरों का है, जिसके हिसाब से रिटेल निवेशकों को ऊपरी प्राइस बैंड पर कम से कम 14980 रुपये का निवेश करना होगा.
यह इश्यू 10.20 करोड़ शेयरों के फ्रेश इश्यू और 0.89 करोड़ शेयरों के ऑफर फॉर सेल का मिश्रण है. कंपनी के शेयर NSE और BSE दोनों पर लिस्ट होने का प्रस्ताव है और इसकी संभावित लिस्टिंग तारीख 18 अगस्त 2026 तय की गई है.
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