गांव-गांव पहुंचेगा म्यूचुअल फंड! FPO बनेंगे डिस्ट्रीब्यूटर, NCDEX निधि से किसानों को मिलेगा नया इन्वेस्टमेंट ऑप्शन
ग्रामीण भारत में म्यूचुअल फंड और एसआईपी की पहुंच बढ़ाने के लिए एफपीओ को म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में तैयार किया जा रहा है. एनसीडीईएक्स ने ग्रामीण और सेमी-अर्बन इंडिया के लिए एनसीडीईएक्स निधि प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. इस पहल के जरिए किसानों को फिक्स्ड डिपॉजिट के अलावा म्यूचुअल फंड और सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान जैसे विकल्पों की जानकारी देने की कोशिश की जा रही है.

Mutual Fund: भारत के ग्रामीण इलाकों में म्यूचुअल फंड्स और एसआईपी की पहुंच बढ़ाने के लिए फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन्स (एफपीओ) अब एक नई भूमिका निभाने की तैयारी में हैं. एनसीडीईएक्स ने ग्रामीण और सेमी-अर्बन इंडिया में म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट को आसान बनाने के उद्देश्य से एनसीडीईएक्स निधि नाम का म्यूचुअल फंड ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. इस पहल के तहत एफपीओ को म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि किसानों तक इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स की जानकारी और पहुंच स्थानीय स्तर पर बढ़ाई जा सके.
एफपीओ के जरिए किसानों तक पहुंचेगा म्यूचुअल फंड
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के रानीपुर ट्राइबल ब्लॉक में एग्रोविला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के सीईओ सचिन चौरे किसानों को म्यूचुअल फंड्स और एसआईपी के बारे में समझा रहे हैं. उनकी एफपीओ करीब 800 किसानों से जुड़ी है. अब तक चौरे करीब 10 से 12 किसानों से बातचीत कर चुके हैं और उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट्स के अलावा सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में निवेश के विकल्प के बारे में जानकारी दे रहे हैं.
ग्रामीण इलाकों में म्यूचुअल फंड्स को लेकर जागरूकता अभी सीमित है. कई किसान शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड्स को जोखिम भरा मानते हैं. ऐसे में एफपीओ के जरिए इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स की जानकारी देने का मकसद किसानों के बीच मौजूद भरोसे का इस्तेमाल करना है.
एनसीडीईएक्स निधि प्लेटफॉर्म हुआ लॉन्च
एनसीडीईएक्स ने हाल ही में एनसीडीईएक्स निधि प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका लक्ष्य रूरल और सेमी-अर्बन इंडिया में म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट की पहुंच बढ़ाना है. प्लेटफॉर्म पर फिलहाल एचडीएफसी एएमसी, टाटा एएमसी, निप्पॉन इंडिया एमएफ, एक्सिस एमएफ, पीजीआईएम एमएफ, एबीएसएल एमएफ और एलआईसी एमएफ समेत करीब 7 एसेट मैनेजमेंट कंपनियां जुड़ी हैं.
एनसीडीईएक्स को इस प्लेटफॉर्म के लिए दिसंबर 2025 में सेबी से इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिला था. कंपनी के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म भविष्य में इक्विटी और इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग की दिशा में भी एक आधार तैयार कर सकता है.
2016 से एफपीओ के साथ काम कर रहा एनसीडीईएक्स
एफपीओ के साथ एनसीडीईएक्स का जुड़ाव नया नहीं है. एक्सचेंज ने 2016 से फार्मर कलेक्टिव्स के लिए कमोडिटी रिस्क मैनेजमेंट ट्रेनिंग शुरू की थी. इसके जरिए हर साल करीब 800 से 900 एफपीओ के साथ लगभग 15 राज्यों में काम किया गया.
इस दौरान एफपीओ ऑफिस-बेयरर्स को कमोडिटी डेरिवेटिव्स और प्राइस रिस्क मैनेजमेंट की जानकारी दी गई. इसी नेटवर्क के आधार पर एनसीडीईएक्स ने म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन को भी एफपीओ के लिए एक नए अवसर के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई है.
एनआईएसएम सर्टिफिकेशन बनी शुरुआती चुनौती
एफपीओ को म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए एनआईएसएम सर्टिफिकेशन एग्जाम पास करना जरूरी था. हालांकि, एनसीडीईएक्स को जल्द ही महसूस हुआ कि उपलब्ध स्टडी मटेरियल में फाइनेंशियल जार्गन काफी ज्यादा है. इसके बाद एक्सचेंज ने सरल बाइलिंगुअल ट्रेनिंग मटेरियल तैयार किया, जिसमें म्यूचुअल फंड्स, एनएवी और पोर्टफोलियो रेशियो जैसी बेसिक कॉन्सेप्ट्स को आसान तरीके से समझाया गया.
करीब 60 एफपीओ ने अब तक एग्जाम देने की कोशिश की है. इनमें करीब 10 एफपीओ ने पहली कोशिश में और लगभग 20 ने दूसरी कोशिश में परीक्षा पास की. कुल मिलाकर करीब 30 एफपीओ सर्टिफिकेशन हासिल कर चुके हैं.
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