ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किए तीन लाइफ साइकिल फंड, 9 सितंबर तक निवेश का मौका

ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने 2031, 2036 और 2041 लक्ष्य वाले तीन लाइफ साइकिल फंड लॉन्च किए हैं. NFO 26 अगस्त से 9 सितंबर तक खुला है. ग्लाइड पाथ रणनीति के तहत समय के साथ इक्विटी और डेट का अनुपात बदलेगा.

ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड

Highlights

  • ICICI प्रूडेंशियल ने तीन लाइफ साइकिल फंड लॉन्च किए हैं
  • NFO में 9 सितंबर 2026 तक निवेश कर सकते हैं
  • ग्लाइड पाथ रणनीति से समय के साथ जोखिम घटेगा

ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने निवेशकों के लिए तीन नए लाइफ साइकिल फंड लॉन्च किए हैं. इनमें ICICI प्रूडेंशियल लाइफ साइकिल फंड 2031, लाइफ साइकिल फंड 2036 और लाइफ साइकिल फंड 2041 शामिल हैं. तीनों ओपन-एंडेड स्कीमें हैं और इन्हें निवेशकों के तय वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इन योजनाओं का न्यू फंड ऑफर (NFO) 26 अगस्त 2026 को खुल चुका है और 9 सितंबर 2026 तक निवेश किया जा सकता है.

क्या है लाइफ साइकिल फंड की रणनीति?

इन फंड्स की सबसे खास बात इनकी ‘ग्लाइड पाथ’ रणनीति है. इसके तहत निवेश की शुरुआत में इक्विटी का हिस्सा ज्यादा रखा जाता है, ताकि लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावना का फायदा उठाया जा सके. जैसे-जैसे फंड अपनी तय मैच्योरिटी डेट के करीब पहुंचता है, इक्विटी में निवेश धीरे-धीरे कम किया जाता है और डेट जैसे अपेक्षाकृत स्थिर एसेट में निवेश बढ़ाया जाता है.

इस तरह निवेशक को खुद यह तय करने की जरूरत नहीं होती कि लक्ष्य की तारीख नजदीक आने पर इक्विटी से पैसा कब निकालना है और डेट में कब लगाना है.

2031, 2036 और 2041 के लक्ष्य वाले विकल्प

तीनों फंड अलग-अलग समय अवधि को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्य के मुताबिक विकल्प चुन सकते हैं. मसलन, 5 साल के आसपास का लक्ष्य रखने वाला निवेशक 2031 फंड, करीब 10 साल की अवधि वाला निवेशक 2036 फंड और लंबी अवधि के लक्ष्य वाला निवेशक 2041 फंड चुन सकता है. इनका इस्तेमाल बच्चों की शिक्षा, शादी, घर खरीदने, रिटायरमेंट या किसी अन्य बड़े वित्तीय लक्ष्य के लिए किया जा सकता है.

कई एसेट क्लास में निवेश

इन स्कीमों में निवेश सिर्फ शेयरों तक सीमित नहीं रहेगा. फंड इक्विटी और इक्विटी से जुड़े सिक्योरिटीज, डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स के अलावा गोल्ड और सिल्वर ETF, गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड कमोडिटी डेरिवेटिव्स (ETCDs) और InvITs में भी निवेश कर सकता है.

इक्विटी हिस्से में इक्विटी आर्बिट्राज का एक्सपोजर भी शामिल किया जा सकता है. हालांकि, कुल इक्विटी और उससे जुड़े निवेश को स्कीम में तय सीमाओं के भीतर ही रखा जाएगा.

निवेशक को बार-बार एसेट बदलने की जरूरत नहीं

आमतौर पर लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए इक्विटी में निवेश करने वाले निवेशक को लक्ष्य की तारीख करीब आने पर खुद पोर्टफोलियो में बदलाव करना पड़ता है. बाजार में तेजी या गिरावट के दौरान यह फैसला लेना मुश्किल हो सकता है. हानि से बचने की मानसिकता, भीड़ का अनुसरण और हालिया प्रदर्शन को ज्यादा महत्व देना जैसे व्यवहार निवेश के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं.

लाइफ साइकिल फंड में यह काम तय नियमों के आधार पर फंड के अंदर ही किया जाता है. यानी समय के साथ इक्विटी, डेट और अन्य एसेट क्लास का अनुपात बदलता रहता है.

अलग-अलग एसेट में निवेश से डायवर्सिफिकेशन

ICICI प्रूडेंशियल के मुताबिक, 2012 से 2025 के बीच अलग-अलग वर्षों में इक्विटी, डेट और गोल्ड ने अलग-अलग समय पर बेहतर प्रदर्शन किया. ऐसे में इन एसेट क्लास का मिश्रण पोर्टफोलियो में ज्यादा स्थिरता लाने में मदद कर सकता है.

ग्लाइड पाथ रणनीति इसी सोच पर आधारित है. निवेश की शुरुआत में ज्यादा इक्विटी एक्सपोजर रखा जाता है, जबकि लक्ष्य की तारीख करीब आने पर पोर्टफोलियो को धीरे-धीरे कंजर्वेटिव बनाया जाता है.

S नरेन ने बताई फंड की खासियत

ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के ईडी और सीआईओ एस नरेन ने कहा कि लाइफ साइकिल फंड कंपनी के लंबे समय के निवेश अनुभव और हाइब्रिड फंड मैनेजमेंट की विशेषज्ञता को जोड़ता है. उनके मुताबिक, तय लक्ष्य, बदलता एसेट एलोकेशन और ओपन-एंडेड ढांचा निवेशकों को लचीलापन देता है.

उन्होंने कहा कि लंबी निवेश अवधि में इक्विटी का ज्यादा इस्तेमाल ग्रोथ की संभावना बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, जबकि मैच्योरिटी नजदीक आने पर पोर्टफोलियो को धीरे-धीरे ज्यादा स्थिर बनाया जाता है.

इक्विटी और डेट का निवेश कैसे तय होगा?

इक्विटी निवेश के लिए फंड मैनेजमेंट टीम टॉप-डाउन और बॉटम-अप दोनों तरीकों का इस्तेमाल करेगी. इसमें मैक्रोइकोनॉमिक परिस्थितियों के साथ ऐसी कंपनियों की पहचान पर ध्यान दिया जाएगा, जिनके पास मजबूत कारोबार, बेहतर कमाई की क्षमता, मजबूत बैलेंस शीट और लंबे समय तक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हो.

वहीं, डेट पोर्टफोलियो में अवधि प्रबंधन, ब्याज दरों का नजरिया, रिसर्च आधारित निवेश और जोखिम-रिटर्न का आकलन अहम भूमिका निभाएगा. गोल्ड, सिल्वर और अन्य एसेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए किया जाएगा.

9 सितंबर तक कर सकते हैं निवेश

इन तीनों लाइफ साइकिल फंड का NFO 26 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक खुला है. निवेशकों के लिए यह विकल्प उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो किसी तय भविष्य के वित्तीय लक्ष्य के लिए लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं और समय के साथ एसेट एलोकेशन में बदलाव की जिम्मेदारी खुद नहीं लेना चाहते. हालांकि, म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन होते हैं और निवेश से पहले योजना के दस्तावेजों और जोखिमों को समझना जरूरी है.

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