₹10 लाख की FD कराने से पहले जान लें ये तरीका, ब्याज भी मिलेगा और जरूरत पर पैसा भी रहेगा
अगर आपके पास 10 लाख रुपये हैं और आप इन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना चाहते हैं, तो FD लैडरिंग की रणनीति समझना उपयोगी हो सकता है. इसमें रकम को अलग-अलग अवधि की एफडी में बांटा जाता है, जिससे अलग-अलग समय पर पैसा मैच्योर होता है. इससे जरूरत पड़ने पर रकम निकालने या दोबारा निवेश करने का विकल्प मिलता है.
Published: 12 Oct 2026 20:52 PM Updated On: 12 Oct 2026 20:54 PM
अगर आपके पास 10 लाख रुपये हैं और आप इन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करना चाहते हैं, तो पूरी रकम एक ही FD में जमा करने के बजाय अलग-अलग अवधि की एफडी बनाना एक विकल्प हो सकता है. इसे FD लैडरिंग कहते हैं. इस तरीके में आपकी एफडी अलग-अलग समय पर मैच्योर होती हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर रकम निकालने या दोबारा निवेश करने का विकल्प मिलता है.
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क्या है FD लैडरिंग?FD लैडरिंग में निवेश की पूरी रकम को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग अवधि की एफडी बनाई जाती हैं. उदाहरण के लिए, 10 लाख रुपये को 2-2 लाख रुपये की पांच एफडी में बांटा जा सकता है. इनकी अवधि एक, दो, तीन, चार और पांच साल रखी जा सकती है. इससे पूरी रकम एक ही समय पर लॉक नहीं होती और अलग-अलग अंतराल पर पैसा उपलब्ध होने का मौका मिलता है.
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₹10 लाख को पांच FD में कैसे बांटें?अगर आप 10 लाख रुपये की एफडी लैडरिंग करना चाहते हैं, तो एक उदाहरण के तौर पर निवेश को इस तरह बांट सकते हैं:1 साल की FD: 2 लाख रुपये2 साल की FD: 2 लाख रुपये3 साल की FD: 2 लाख रुपये4 साल की FD: 2 लाख रुपये
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FD लैडरिंग से ब्याज का कितना फायदा?मान लीजिए कि अलग-अलग अवधि की एफडी पर उदाहरण के लिए 6 फीसदी से 6.40 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है. इस स्थिति में 2 लाख रुपये की एक साल की एफडी पर करीब 12,273 रुपये, दो साल की एफडी पर 25,743 रुपये और तीन साल की एफडी पर 40,897 रुपये का ब्याज मिल सकता है. चार और पांच साल की एफडी पर उदाहरण के मुताबिक ब्याज क्रमशः 56,814 रुपये और 74,729 रुपये हो सकता है. ये अनुमानित आंकड़े हैं. वास्तविक ब्याज बैंक की दर, कंपाउंडिंग और एफडी की शर्तों पर निर्भर करेगा.
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मैच्योरिटी पर दोबारा निवेश करने का फायदाFD लैडरिंग का एक अहम पहलू यह है कि मैच्योर होने वाली एफडी को उस समय उपलब्ध ब्याज दर पर दोबारा निवेश किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, अगर एक साल बाद 2 लाख रुपये की एफडी मैच्योर होती है और उस समय पांच साल की एफडी पर 6.65 फीसदी ब्याज मिल रहा है, तो आप उस रकम को दोबारा पांच साल के लिए जमा कर सकते हैं. हालांकि, भविष्य में ब्याज दरें बढ़ेंगी ही, इसकी कोई गारंटी नहीं है. दरें घटने पर कम ब्याज भी मिल सकता है.
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बैंक में जमा करना सही है?एफडी बनाते समय सिर्फ ब्याज दर नहीं, बल्कि बैंक की शर्तों और जमा बीमा को भी समझना जरूरी है. DICGC के नियमों के तहत पात्र बैंक में एक जमाकर्ता को एक बैंक में मूलधन और ब्याज मिलाकर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है. अलग-अलग बैंकों में पात्र जमा रखने से इस सीमा के तहत कवरेज बढ़ सकता है. इसलिए 10 लाख रुपये जमा करने से पहले बैंक और जमा बीमा के नियमों की जांच करें.
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FD लैडरिंग करते समय किन बातों का रखें ध्यान?FD लैडरिंग उन निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो अलग-अलग समय पर रकम उपलब्ध रखना चाहते हैं. निवेश से पहले यह जांच लें कि समय से पहले एफडी तोड़ने पर कितना जुर्माना लगेगा, ब्याज का भुगतान कैसे होगा और जमा पर टैक्स का क्या असर पड़ेगा. अपनी जरूरत के हिसाब से एफडी की अवधि चुनें और अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें. यह रणनीति तरलता और दोबारा निवेश का विकल्प देती है, लेकिन इससे अधिक रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती.