25 साल के युवक का कमाल, ₹2000 से की शुरुआत ऐसे 6 साल में बना दिया ₹63.5 लाख का पोर्टफोलियो, आखिर क्या थी रणनीति
गुरुग्राम में काम करने वाले 25 साल के शिवेंद्र शर्मा का निवेश पोर्टफोलियो करीब 63.5 लाख रुपये का है. वह हर महीने 1.5 लाख रुपये की SIP करते हैं. उन्होंने कार, विदेश यात्रा और परिवार पर करीब 34 लाख रुपये खर्च किए हैं. अब उनका लक्ष्य 45 साल की उम्र तक 10 करोड़ रुपये जुटाना है.

पैसा कमाने के साथ उसे खर्च करना और निवेश करना, दोनों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता. लेकिन गुरुग्राम में काम करने वाले 25 साल के शिवेंद्र शर्मा ने यह रास्ता अपनाया है. उन्होंने अपनी कमाई से करीब 15 लाख रुपये की कार खरीदी, विदेश यात्राएं कीं, परिवार पर खर्च किया और इसके साथ ही अपना निवेश पोर्टफोलियो भी बढ़ाकर करीब 63.5 लाख रुपये तक पहुंचा दिया. ऐसे में आइए जानते हैं कैसे.
Financial Express की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवेंद्र की कहानी उन युवाओं के लिए दिलचस्प है जो कम उम्र में पैसा कमाने के साथ अपनी जिंदगी का आनंद भी लेना चाहते हैं. शिवेंद्र का मानना है कि सिर्फ भविष्य के लिए बचत करते रहना सही नहीं है. कमाई के साथ जिंदगी का आनंद लेना और परिवार की मदद करना भी जरूरी है.
पिता की एक बात ने बदल दी सोच
शिवेंद्र शर्मा लखनऊ के एक मिडिल क्लास परिवार से आते हैं. साल 2020 में उन्होंने अपने पिता से कार खरीदने की इच्छा जताई थी. उनके पिता मारुति स्विफ्ट या हुंडई ग्रैंड i10 खरीदने पर विचार करने को तैयार थे, लेकिन शिवेंद्र इससे महंगी कार चाहते थे. इस बात पर दोनों के बीच बहस हुई. आखिर में पिता ने उनसे कहा, “जब खुद कमाओगे तब वैल्यू पता चलेगी.” पिता की यह बात शिवेंद्र को याद रह गई. इसके चार साल बाद उन्होंने अपनी बचत से करीब 15 लाख रुपये की कार खरीदी. इसके लिए उन्होंने कोई लोन नहीं लिया.
फ्री ऑनलाइन टूल से सीखी डिजाइनिंग, पहली कमाई ₹2,000
शिवेंद्र को बचपन से वेबसाइट, लोगो और ऐप डिजाइन करने में दिलचस्पी थी. उन्होंने फ्री टूल और ऑनलाइन ट्यूटोरियल की मदद से ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी. लखनऊ में कंप्यूटर साइंस से BTech की पढ़ाई के दौरान उन्होंने UI और UX डिजाइन, HTML, CSS और JavaScript भी सीखी. इसके लिए उन्होंने मुख्य रूप से YouTube और अपने छोटे प्रोजेक्ट्स की मदद ली.
साल 2020 में उन्हें दो क्लाइंट से लोगो और विजिटिंग कार्ड बनाने के लिए 1000 से 1000 रुपये मिले. साल 2021 में फ्रीलांस काम से उनकी कमाई करीब 28,000 रुपये रही. इसके बाद 2022 में उन्हें अमेरिका का पहला इंटरनेशनल क्लाइंट मिला. इस क्लाइंट ने लोगो से लेकर ऑनलाइन मेन्यू वेबसाइट तक की पूरी ब्रांडिंग के लिए करीब 55,000 रुपये दिए. शिवेंद्र के मुताबिक, इसी काम से उन्हें समझ आया कि अलग-अलग स्किल को मिलाकर कमाई की क्षमता बढ़ाई जा सकती है.
3 साल में ₹36 लाख तक पहुंचा सालाना पैकेज
BTech की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2023 में शिवेंद्र गुरुग्राम की एक यूरोपीय टेक्नोलॉजी कंपनी में इंटर्न के तौर पर जुड़े. इसके बाद उनकी सैलरी में तेजी से बढ़ोतरी हुई.
उनकी कमाई का सफर कुछ इस तरह रहा:
| साल | करियर में बदलाव | कमाई |
|---|---|---|
| 2023 | छह महीने की इंटर्नशिप के बाद फुल टाइम ऑफर | पहले ₹50,000 और फिर ₹1 लाख महीना |
| 2024 | नौकरी छोड़ने पर विचार किया, कंपनी ने रिटेंशन हाइक दिया | करीब ₹2 लाख महीना |
| 2025 | दूसरी स्टार्टअप कंपनी में नौकरी बदली | करीब 50% ज्यादा सैलरी |
| 2026 | मौजूदा नौकरी | सालाना करीब ₹36 लाख, वैरिएबल पे सहित |
इसके अलावा, उन्हें 2023 में करीब 3 लाख रुपये का एकमुश्त बोनस और 2024 में करीब 3 लाख रुपये का रिटेंशन बोनस भी मिला. नौकरी के साथ वह अपने कुछ पुराने फ्रीलांस क्लाइंट के लिए भी काम करते हैं. इससे उन्हें सालाना करीब 5 लाख से 6 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई होती है.
शिवेंद्र का मानना है कि सिर्फ एक स्किल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग काम सीखना जरूरी है. उनका काम अब प्रोडक्ट डिजाइन, फ्रंट-एंड डेवलपमेंट और कंपनी के फाउंडर्स, इंजीनियर्स व मार्केटिंग टीम के साथ मिलकर काम करने तक फैला हुआ है.
कार, विदेश यात्रा और शौक पर खर्च किए करीब ₹34 लाख
शिवेंद्र ने अपनी कमाई का एक हिस्सा अपनी पसंद और परिवार पर भी खर्च किया है. उनके मुताबिक, अब तक किए गए बड़े खर्चों का ब्योरा इस तरह है:
| खर्च | अनुमानित रकम |
|---|---|
| कार | ₹15 लाख |
| दो इंटरनेशनल ट्रिप | ₹4 लाख |
| निजी और लाइफस्टाइल खर्च | ₹3 लाख से ₹4 लाख |
| 20 से ज्यादा घरेलू यात्राएं | ₹3 लाख |
| हाई-एंड PC और एक्सेसरीज | ₹2.5 लाख |
| मोटरसाइकिल | ₹2 लाख |
| माता-पिता के लिए गिफ्ट | ₹2 लाख |
| iPhone और iPad | ₹2 लाख |
इस तरह इन खर्चों की कुल रकम करीब 34 लाख रुपये बैठती है. शिवेंद्र का कहना है कि अगर उन्होंने इनमें से कुछ खर्च टाल दिए होते तो उनके निवेश पोर्टफोलियो में करीब 15 लाख रुपये से 20 लाख रुपये और हो सकते थे. हालांकि, उन्हें इन खर्चों पर कोई पछतावा नहीं है.
वह लखनऊ में अपने परिवार के घरेलू खर्चों में भी योगदान देते हैं. इसके अलावा, वह अपने माता-पिता को छुट्टियों पर ले जा चुके हैं और फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई कर रही अपनी छोटी बहन की मदद करना चाहते हैं.
₹15,000 से शुरू की SIP, अब हर महीने लगा रहे ₹1.5 लाख
शिवेंद्र ने 2023 में नियमित सैलरी मिलने के बाद पहली SIP शुरू की थी. शुरुआत में वह हर महीने करीब ₹15,000 निवेश करते थे. इसके बाद जैसे-जैसे उनकी कमाई बढ़ी, उन्होंने SIP की रकम भी बढ़ाई.
उनकी मासिक SIP का सफर इस तरह रहा:
| समय | हर महीने SIP |
|---|---|
| 2023 | ₹15,000 |
| 2024 की शुरुआत | ₹35,000 |
| 2024 के आखिर में | ₹60,000 |
| 2025 | ₹1 लाख |
| 2026 | ₹1.5 लाख |
करीब तीन साल में उनकी SIP 10 गुना हो गई है. मौजूदा 1.5 लाख रुपये की मासिक SIP उनकी 36 लाख रुपये की सालाना सैलरी का टैक्स से पहले करीब आधा हिस्सा है. शिवेंद्र का कहना है कि जब भी उनकी सैलरी बढ़ती है, वह बढ़ी हुई कमाई को पूरी तरह लाइफस्टाइल पर खर्च करने के बजाय निवेश बढ़ाने की कोशिश करते हैं.
कहां-कहां निवेश करते हैं शिवेंद्र?
फिलहाल, शिवेंद्र का कुल निवेश पोर्टफोलियो करीब ₹63.5 लाख का है. इसमें इक्विटी म्यूचुअल फंड से लेकर फिक्स्ड डिपॉजिट, EPF और गोल्ड ETF तक शामिल हैं.
| निवेश का विकल्प | मौजूदा वैल्यू |
|---|---|
| इक्विटी म्यूचुअल फंड | ₹32 लाख |
| सीधे शेयरों में निवेश | ₹8 लाख |
| फिक्स्ड डिपॉजिट | ₹6 लाख |
| EPF | ₹5.5 लाख |
| NPS | ₹5 लाख |
| गोल्ड ETF | ₹4 लाख |
| लिक्विड फंड | ₹3 लाख |
| कुल | करीब ₹63.5 लाख |
उनके म्यूचुअल फंड निवेश में इंडेक्स, फ्लेक्सी-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड शामिल हैं. उनके कुल पोर्टफोलियो का करीब 30 फीसदी हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट, EPF, गोल्ड और लिक्विड फंड में है. वह जानबूझकर अपने पूरे निवेश को शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के जोखिम में नहीं रखना चाहते.
गिरते बाजार में घबराए, फिर बदली निवेश की आदत
शिवेंद्र का निवेश पोर्टफोलियो अभी नया है. उनके मुताबिक, SIP के जरिए लगाए गए हर पांच रुपये में से करीब चार रुपये जनवरी 2025 के बाद निवेश किए गए हैं. इस दौरान उन्होंने बाजार में 15 से 20 फीसदी की गिरावट भी देखी. उनका कहना है कि लंबे समय के निवेश के बावजूद इतनी गिरावट देखना भावनात्मक रूप से मुश्किल था. इसके बाद उन्होंने अपनी कमाई और खर्च का हिसाब रखने के लिए ट्रैकर बनाया. निवेश और खर्च के पैसे अलग रखे और रोजाना पोर्टफोलियो चेक करना बंद कर दिया.
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