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शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 2000 अंक उछला, निफ्टी 24500 के पार

शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी आई. सेंसेक्स 2052 अंक उछलकर 79353 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 590 अंक चढ़कर 24551 के स्तर पर पहुंच गया. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी और अमेरिकी बाजारों में तेजी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ.

शेयर बाजार में तेजी. Image Credit: मनी9लाइव

Highlights

  • सेंसेक्स 2,052 अंक उछलकर 79,353 के स्तर पर पहुंचा.
  • निफ्टी 590 अंक चढ़कर 24,551 के पार निकला.
  • 3कच्चे तेल में गिरावट, FII की खरीदारी और मजबूत ग्लोबल संकेतों से बाजार को मिला सहारा.

शेयर मार्केट में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स 2000 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी ने 24500 का स्तर पार कर लिया. कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी और अमेरिकी शेयर बाजारों में आई तेजी ने भी घरेलू बाजार को सहारा दिया. दोनों मेन इंडेक्स करीब तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गए.

दोपहर करीब 1:45 बजे सेंसेक्स 2052.45 अंक यानी 2.66 फीसदी की तेजी के साथ 79353.85 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी 590.60 अंक यानी 2.46 फीसदी चढ़कर 24,551.20 के स्तर पर पहुंच गया.

पिछले छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 8 फीसदी चढ़ चुके हैं. इस तेजी के साथ दोनों इंडेक्स एक साल की सबसे लंबी तेजी की ओर बढ़ रहे हैं. हालांकि, साल की शुरुआत से अब तक सेंसेक्स में 7.4 फीसदी और निफ्टी में 6.5 फीसदी की गिरावट बनी हुई है.

कीमतों में गिरावट से बाजार को सपोर्ट

बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही. गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कच्चे तेल के दाम नीचे आए. ब्रेंट क्रूड 1.07 फीसदी गिरकर 93.61 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 1.29 फीसदी की गिरावट के साथ 86.98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

इससे पहले बुधवार को दोनों बेंचमार्क में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी. इस सप्ताह अब तक कच्चे तेल की कीमतें करीब 16 फीसदी टूट चुकी हैं. अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बढ़ी है. इससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव आया है.

भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से देश का आयात बिल घट सकता है. इससे महंगाई का दबाव कम करने और कंपनियों की कमाई को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.

विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती दी है. विदेशी निवेशकों ने लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी की. उन्होंने बुधवार को 7,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. अक्टूबर 2025 के बाद भारत में उनकी यह सबसे बड़ी एक दिन की खरीदारी में से एक रही.

विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है और भारतीय शेयरों को लेकर उनका भरोसा भी जाहिर होता है. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक निवेशकों का रुझान बदलने से भारत जैसे बाजारों को फायदा मिल सकता है.

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अमेरिकी बाजारों में तेजी का असर

वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने भी घरेलू शेयर बाजार को सपोर्ट किया. बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 3.03 फीसदी उछला, जबकि S&P 500 में 1.58 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 1.44 फीसदी की बढ़त रही.

एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला. शंघाई का SSE Composite और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.