8th Pay Commission: 5% या 6% सालाना इंक्रीमेंट मिला, तो कितनी बढ़ जाएगी सैलरी? DA, HRA और पेंशन पर भी होगा बड़ा असर
8th Pay Commission के तहत सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग तेज हो गई है. कर्मचारी संगठन 3 फीसदी के बजाय 5 फीसदी , 6 फीसदी और 7 फीसदी तक सालाना इंक्रीमेंट की मांग कर रहे हैं. अगर यह लागू होता है, तो कर्मचारियों की बेसिक पे के साथ DA, HRA और NPS पर भी बड़ा असर पड़ सकता है.

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8th Pay Commission से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. आयोग के गठन को 3 अगस्त 2026 को नौ महीने पूरे हो गए हैं और अब यह अपने 18 महीने के कार्यकाल का आधा समय पूरा कर चुका है. आयोग अब वेतन, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन सुधारों पर अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस बीच, कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मौजूदा 3 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 5 फीसदी, 6 फीसदी और कुछ संगठनों ने 7 फीसदी तक करने की मांग की है.
कब गठित हुई थी कमेटी
3 नवंबर 2025 को गठित 8th Pay Commission की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. अब तक आयोग दिल्ली, लद्दाख, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित कई राज्यों में कर्मचारी संगठनों और विभिन्न पक्षों के साथ बैठकें कर चुका है. 8th Pay Commission की वेबसाइट के अनुसार, अगस्त और सितंबर में भी कई अहम बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.
कर्मचारी संगठनों की क्या है मांग
7th Pay Commission के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल बेसिक पे का करीब 3 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट मिलता है. हालांकि, विभिन्न कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए इसे बढ़ाया जाना चाहिए.
कर्मचारी संगठनों की मांग इस प्रकार है:
- National Council of the Joint Consultative Machinery (NC-JCM) – 6%
- All India Defence Employees’ Federation (AIDEF) – 6%
- Federation of National Postal Organisations (FNPO) – 6%
- All India New Pension Scheme Employees Federation (AINPSEF) – 7%
- Indian Railways’ Supervisors’ Association (IRTSA) – 5%
5 साल में कितना बढ़ सकता है बेसिक पे
BankBazaar.com ने 7th Pay Commission के पे मैट्रिक्स के आधार पर एक अनुमानित गणना तैयार की है. यह केवल उदाहरण के लिए है और 8th Pay Commission की आधिकारिक सिफारिश नहीं है.
लेवल-1 कर्मचारी
यदि किसी कर्मचारी का शुरुआती बेसिक पे 18,000 रुपये है, तो:
- 3 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट पर 5 साल बाद बेसिक पे करीब 20,900 रुपये हो सकता है.
- 5 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट होने पर यह बढ़कर 23,100 रुपये तक पहुंच सकता है.
- 6 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट मिलने पर बेसिक पे करीब 24,200 रुपये हो सकता है.
लेवल-2 कर्मचारी
19,900 रुपये के शुरुआती बेसिक पे वाले कर्मचारी का वेतन:
- 3 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट पर करीब 23,100 रुपये,
- 5 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट पर 26,800 रुपये,
- 6 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट पर 27,600 रुपये तक पहुंच सकता है.
लेवल-3 कर्मचारी
21,700 रुपये के शुरुआती बेसिक पे वाले कर्मचारी का अनुमानित वेतन:
- 3 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट पर करीब 25,200 रुपये,
- 5 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट पर 27,700 रुपये,
- 6 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट पर 29,100 रुपये तक पहुंच सकता है.
इन आंकड़ों से साफ है कि कंपाउंड इफेक्ट की वजह से सालाना इंक्रीमेंट में थोड़ी-सी बढ़ोतरी भी लंबे समय में कर्मचारियों की आय में बड़ा अंतर पैदा कर सकती है.
केवल बेसिक पे ही नहीं, इन पर भी पड़ेगा असर
यदि सालाना इंक्रीमेंट की दर बढ़ती है, तो उसका असर केवल बेसिक पे तक सीमित नहीं रहेगा. बेसिक पे बढ़ने से महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), NPS में योगदान और रिटायरमेंट के समय मिलने वाले कई लाभ भी बढ़ सकते हैं. भविष्य में होने वाले पे रिवीजन का आधार भी अधिक बेसिक पे ही होगा, जिससे कुल वेतन में और बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है.
अभी नहीं हुआ कोई अंतिम फैसला
फिलहाल 8th Pay Commission ने सालाना इंक्रीमेंट, फिटमेंट फैक्टर या वेतन बढ़ोतरी को लेकर कोई अंतिम सिफारिश जारी नहीं की है. आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक केंद्र सरकार को सौंप सकता है. इसके बाद ही सरकार इन सिफारिशों पर फैसला लेगी. ऐसे में फिलहाल 5 फीसदी 6 फीसदी या 7 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट को लेकर चल रही सभी गणनाएं और अनुमान केवल संभावित हैं, अंतिम निर्णय नहीं.
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