8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 5 बड़े अपडेट, जानें अब तक क्या हुआ?
8th Pay Commission की प्रक्रिया अभी विचार और परामर्श के दौर में है. आयोग कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े संगठनों के साथ बैठकें कर रहा है. Jaipur, Chandigarh, Puducherry और Chennai में आगामी बैठकों की तारीखें तय हैं. फिलहाल फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम सैलरी, पेंशन में बदलाव या नई वेतन संरचना पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. आयोग फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनसे जुड़े संगठनों से सुझाव और राय लेने के दौर में है. आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई हैं. इसका गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और इसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. आयोग इस समय अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स समूहों के साथ बैठकें कर रहा है. आने वाले महीनों में चंडीगढ़, चेन्नई, पुडुचेरी और राजस्थान में भी बैठकें होनी हैं.
1. सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े दिशा-निर्देश बदले
11 अगस्त को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग ने सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े दिशा-निर्देशों में आंशिक बदलाव किया है. इससे पता चलता है कि आयोग अपने रिसर्च और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है.
2. जयपुर में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक बैठक
आठवां वेतन आयोग राजस्थान के जयपुर में 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक कर्मचारियों, पेंशनर्स और दूसरे संबंधित पक्षों के साथ बैठक करेगा. इस बैठक के लिए सुझाव और आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त है.
3. चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर तक बैठक
आयोग चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर 2026 तक बैठक करेगा. इसमें कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े पक्ष अपनी बातें और सुझाव रख सकेंगे. इस बैठक के लिए सुझाव और आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 25 अगस्त है.
4. पुडुचेरी में 9 सितंबर को बैठक
आठवें वेतन आयोग की पुडुचेरी में 9 सितंबर 2026 को बैठक होगी. इसमें संबंधित पक्ष आयोग के सामने अपनी मांगें और सुझाव रख सकेंगे. इसके लिए सुझाव और आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त है.
5. चेन्नई में 7-8 सितंबर को बैठक
आयोग चेन्नई में 7 और 8 सितंबर 2026 को बैठक करेगा. इस बैठक में भी कर्मचारियों, पेंशनर्स और दूसरे संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे. इसके लिए सुझाव और आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त है.
कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए इसका क्या मतलब?
इन ताजा घटनाक्रमों से साफ है कि आठवां वेतन आयोग अभी आंकलन और विश्लेषण के चरण में है. आयोग की कोशिश है कि कर्मचारियों, पेंशनर्स और दूसरे संबंधित पक्षों को अपनी समस्याएं और मांगें रखने का मौका मिले.
यह सलाह-मशविरा प्रक्रिया आने वाले कुछ महीनों तक चलने की उम्मीद है. इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशों का मसौदा तैयार करेगा और उसे केंद्र सरकार को सौंपेगा.
वेतन और पेंशन को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सबसे अहम बात यह है कि अभी तक आठवें वेतन आयोग ने फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, पेंशन में बदलाव या नई वेतन व्यवस्था को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की है. वेतन आयोग का गठन आमतौर पर हर 10 साल में किया जाता है. पिछले कुछ वेतन आयोगों में फिटमेंट फैक्टर बढ़ा है. छठे वेतन आयोग में यह 1.86 था, जबकि सातवें वेतन आयोग में यह 2.57 रहा था.
आठवें वेतन आयोग में सरकार किस फिटमेंट फैक्टर को तय करती है और इसके लिए किस आधार को अपनाया जाता है, यह अभी स्पष्ट नहीं है. फिलहाल केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनर्स और दूसरे संबंधित पक्ष आयोग की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए हुए हैं. आयोग की सलाह-मशविरा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वेतन, भत्तों और पेंशन में बदलाव को लेकर तस्वीर साफ होगी.
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