अगस्त में बैंकों नए लोन पर वसूल ज्यादा ब्याज, लेकिन ग्राहकों टर्म डिपॉजिट पर दिया कम रिटर्न; इतना बढ़ा अंतर
एक महीने में दोनों दरों के बीच का अंतर 27 बेसिस पॉइंट (BPS) बढ़ गया. एक बेसिस पॉइंट, फीसदी पॉइंट का सौवां हिस्सा होता है. यह अंतर मार्च के बाद से बढ़ा है, जब बैंकों ने डिपॉजिट दरों में तेजी से बढ़ोतरी की थी. मौजूदा बिजनेस लोन की दरों में बहुत मामूली बदलाव हुआ.

अगस्त में देश के पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर से बैंकों ने नए लोन पर दर वसूलने के मुकाबले नए टर्म डिपॉजिट पर कम ब्याज दर दिया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डेटा से पता चलता है कि अगस्त में बैंकों ने नए टर्म डिपॉजिट पर कम ब्याज दिया, जबकि नए लोन पर औसत दर बढ़ गई. इससे एक महीने में दोनों दरों के बीच का अंतर 27 बेसिस पॉइंट (BPS) बढ़ गया. एक बेसिस पॉइंट, फीसदी पॉइंट का सौवां हिस्सा होता है.
टर्म डिपॉजिट दर बनाम लोन दर
नए टर्म डिपॉजिट पर वेटेड एवरेज रेट जुलाई के 5.85 फीसदी से 18 बेसिस पॉइंट घटकर अगस्त में 5.67 फीसदी हो गया. नए लोन पर वेटेड एवरेज लेंडिंग रेट 8.52% से 9 बेसिस पॉइंट बढ़कर 8.61% हो गया.
ईटी ने RBI के आंकड़ों के हवाले से बताया कि पब्लिक और प्राइवेट, दोनों सेक्टर के बैंकों ने नए डिपॉजिट पर कम ब्याज दिया. पब्लिक सेक्टर बैंकों में औसत दर 15 बेसिस पॉइंट घटकर 6.20% हो गई, जबकि प्राइवेट बैंकों में यह 14 बेसिस पॉइंट घटकर 5.82% हो गई.
नए लोन की दरों में बढ़ोतरी मुख्य रूप से प्राइवेट बैंकों में देखी गई, जहां औसत दर 10 बेसिस पॉइंट बढ़कर 9.19% हो गई. पब्लिक सेक्टर बैंकों में यह एक बेसिस पॉइंट बढ़कर 7.99% हो गई.
मार्च के बाद बढ़ा अंतर
यह अंतर मार्च के बाद से बढ़ा है, जब बैंकों ने डिपॉजिट दरों में तेजी से बढ़ोतरी की थी. नए डिपॉजिट पर औसत दर मार्च के 6.07% से 40 बेसिस पॉइंट गिर गई है, जबकि नए लोन पर औसत दर 8.40% से 21 बेसिस पॉइंट बढ़ गई है.
लोन की दरों में बढ़ोतरी सभी तरह के उधारकर्ताओं के लिए एक जैसी नहीं थी. अगस्त में नए अन्य पर्सनल लोन पर औसत दर 17 बेसिस पॉइंट बढ़कर 10.41% हो गई और एजुकेशन लोन पर यह 16 बेसिस पॉइंट बढ़कर 9.30% हो गई. हालांकि, नए व्हीकल लोन की दरें 19 बेसिस पॉइंट घटकर 9.57% हो गईं, जबकि हाउसिंग लोन की दरें दो बेसिस पॉइंट घटकर 7.61% हो गईं.
बिजनेस लोन की दरों बदलाव
मौजूदा बिजनेस लोन की दरों में बहुत मामूली बदलाव हुआ. अगस्त में बकाया लोन पर वेटेड एवरेज रेट एक बेसिस पॉइंट घटकर 8.96% हो गई, जबकि बकाया टर्म डिपॉजिट पर रेट दो बेसिस पॉइंट घटकर 6.56% हो गई. इसके अलावा, एक साल की मीडियन मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) अगस्त के 8.70% से घटकर सितंबर में 8.61% हो गई.
जून के आखिर में बैंकों के कुल बकाया फ्लोटिंग रेट वाले रुपये लोन में एक्सटर्नल बेंचमार्क-बेस्ड लेंडिंग रेट (EBLR) से जुड़े लोन का हिस्सा 68.2% था, जबकि मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) से जुड़े लोन का हिस्सा 29.6 फीसदी था.