क्रेडिट कार्ड से ₹10000 कैश निकालना पड़ेगा महंगा, 30 दिन में देने होंगे ₹644 एक्स्ट्रा; जानें कैसे

क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने पर कैश एडवांस फीस और उसी दिन से ब्याज लगना शुरू हो जाता है. इसमें ब्याज मुक्त अवधि का फायदा नहीं मिलता. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति क्रेडिट कार्ड से 10000 रुपये निकालता है, तो उसे मूल रकम के अलावा फीस, ब्याज और GST भी देना पड़ सकता है.

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कई बार अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर लोग क्रेडिट कार्ड से ATM के जरिए कैश निकाल लेते हैं. मेडिकल इमरजेंसी या किसी जरूरी खर्च के समय यह सुविधा काम आ सकती है. लेकिन क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना काफी महंगा पड़ सकता है. इसकी वजह है कि इस पर कैश एडवांस फीस के साथ उसी दिन से ब्याज लगना शुरू हो जाता है. इसमें आम खरीदारी की तरह ब्याज मुक्त अवधि यानी इंटरेस्ट फ्री पीरियड का फायदा नहीं मिलता.

अगर कोई व्यक्ति क्रेडिट कार्ड से 10000 रुपये निकालता है, तो उसे मूल रकम के अलावा फीस, ब्याज और GST भी देना पड़ सकता है. ऐसे में कुछ ही दिनों में चुकाई जाने वाली रकम भी बढ़ सकती है. आइए समझते हैं कि 10000 रुपये निकालने पर कितना अतिरिक्त खर्च हो सकता है.

क्रेडिट कार्ड से ₹10,000 निकालने पर कितना लगेगा चार्ज?

क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने पर बैंक आमतौर पर कैश एडवांस फीस लेते हैं. यह फीस निकाली गई रकम का एक तय प्रतिशत या न्यूनतम तय राशि हो सकती है. बैंक इनमें से जो रकम ज्यादा होती है, उसे वसूलते हैं. इसके अलावा निकाली गई रकम पर अलग से ब्याज भी लगता है. यह ब्याज कैश निकालने वाले दिन से शुरू हो जाता है और पूरी रकम चुकाने तक जारी रहता है. संबंधित फीस और ब्याज पर क्रेडिट कार्ड के नियमों के मुताबिक GST भी देना पड़ता है.

एक उदाहरण से समझें. मान लीजिए किसी क्रेडिट कार्ड पर कैश निकालने की फीस 2.5% है और हर महीने का ब्याज 3% यानी सालाना 36% है. आमतौर पर कैश एडवांस फीस निकाली गई रकम का 2.5% से 3.5% तक हो सकती है.

इस उदाहरण में 10,000 रुपये निकालने पर 2.5% के हिसाब से 250 रुपये कैश एडवांस फीस बनेगी. इसके अलावा निकाली गई रकम पर ब्याज और लागू GST भी देना होगा.

दिए गए उदाहरण के मुताबिक, अगर व्यक्ति 30 दिन बाद रकम चुकाता है, तो उसे करीब 644 रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं यानी 10,000 रुपये निकालने पर कुल भुगतान करीब 10,644 रुपये हो सकता है. अगर भुगतान में और देरी होती है, तो ब्याज का बोझ भी बढ़ता जाएगा.

क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना क्यों पड़ सकता है महंगा?

क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इस पर इंटरेस्ट फ्री पीरियड नहीं मिलता. सामान्य खरीदारी में कार्डधारक को बिल की तय तारीख तक ब्याज से बचने का मौका मिल सकता है. लेकिन कैश निकालने पर ब्याज उसी दिन से जुड़ना शुरू हो जाता है.

इसके अलावा कैश निकालने पर रिवॉर्ड पॉइंट, कैशबैक या दूसरे ऑफर भी नहीं मिलते. इस सुविधा की अलग से एक लिमिट होती है, जो कई बार क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट से कम होती है. इसलिए सिर्फ सुविधा देखकर क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना सही फैसला नहीं हो सकता. खासकर तब, जब निकाली गई रकम चुकाने में ज्यादा समय लगने वाला हो.

इमरजेंसी में कैश की जरूरत हो तो क्या करें?

क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने की सुविधा का इस्तेमाल तभी करना चाहिए, जब पैसे की जरूरत बहुत जरूरी हो और उधार लेने के दूसरे विकल्प उपलब्ध न हों. अगर बचत खाते से जुड़े डेबिट कार्ड के जरिए पैसा निकाला जा सकता है, तो पहले उस विकल्प पर विचार करें. इसके अलावा कम खर्च वाले दूसरे कर्ज विकल्पों की जानकारी भी लें.

क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने से पहले अपने कार्ड की फीस, ब्याज दर और भुगतान की शर्तें जरूर जांच लें. अगर किसी बात को लेकर असमंजस है, तो प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना बेहतर हो सकता है.

कुल मिलाकर, क्रेडिट कार्ड से निकाले गए 10,000 रुपये का खर्च सिर्फ 10,000 रुपये तक सीमित नहीं रहता. कैश एडवांस फीस, पहले दिन से लगने वाला ब्याज और GST मिलकर भुगतान की रकम बढ़ा सकते हैं. इसलिए इस सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले सभी चार्ज समझना जरूरी है.

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