EPFO लाई एमनेस्टी स्कीम 2026, PF ट्रस्ट को स्टेटस रेगुलराइज कराने का मिला आखिरी मौका, जानें डिटेल
EPFO ने एमनेस्टी स्कीम 2026 शुरू की है, जिसके तहत ऐसे PF ट्रस्ट अपने स्टेटस को रेगुलर करा सकेंगे जिनके पास औपचारिक छूट की नोटिफिकेशन नहीं है. यह प्लान छह महीने तक लागू रहेगी. पात्र संस्थानों को पूर्व प्रभाव से रेगुलाराइज, छूट की मान्यता और कई नियमों में राहत मिलेगी.

EPFO ने एमनेस्टी स्कीम 2026 शुरू की है. इस प्लान के तहत ऐसे PF ट्रस्ट अपने स्टेटस को रेगुलर करा सकेंगे जिनके पास औपचारिक छूट की नोटिफिकेशन नहीं है. यह एक बार का स्पेशल मौका होगा और प्लान छह महीने तक लागू रहेगी. EPFO का कहना है कि इससे पात्र संस्थानों को कई तरह की राहत मिलेगी. इच्छुक संस्थान आवेदन कर इस प्लान का लाभ उठा सकते हैं.
क्या है EPFO एमनेस्टी स्कीम 2026
श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले EPFO ने एमनेस्टी स्कीम 2026 लागू की है. यह प्लान उन संस्थानों के लिए है जो आयकर कानून के तहत मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट चला रहे हैं. लेकिन उनके पास EPF कानून के तहत औपचारिक छूट की मंजूरी नहीं है. अब ऐसे संस्थानों को अपना स्टेटस रेगुलराइज कराने का मौका मिलेगा.
किन संस्थानों को मिलेगा फायदा
यह प्लान उन संस्थानों पर लागू होगी जिनके PF ट्रस्ट को आयकर कानून के तहत मान्यता मिली हुई है. लेकिन उनके पास केंद्र या राज्य सरकार की ओर से जारी औपचारिक छूट नोटिफिकेशन नहीं है. जो संस्थान अब बिना छूट वाले संस्थान के रूप में काम कर रहे हैं या आगे ऐसा करने का विकल्प चुन रहे हैं वे भी इस प्लान के पात्र होंगे.
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छह महीने तक कर सकेंगे आवेदन
एमनेस्टी स्कीम की नोटिफिकेशन 29 जून 2026 को जारी की गई थी. प्लान छह महीने तक प्रभावी रहेगी. पात्र संस्थान केंद्र सरकार को औपचारिक आवेदन भेज सकते हैं. आवेदन संबंधित EPFO क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से जमा किया जाएगा. संस्थान अपनी रुचि ईमेल के जरिये भी दर्ज करा सकते हैं.
प्लान में क्या मिलेगी राहत
इस प्लान के तहत पात्र संस्थानों को ट्रस्ट की शुरुआत से तय तिथि तक पूर्व प्रभाव से रेगुलर करने की सुविधा मिलेगी. साथ ही न्यूनतम कर्मचारी संख्या और कोष से जुड़े कुछ नियमों में भी राहत दी जाएगी. तीन साल के अनुपालन की शर्त भी पूरी मानी जाएगी. इससे कई संस्थानों को कानूनी प्रक्रिया आसान बनाने में मदद मिलेगी.
लंबित मामलों में भी मिलेगी राहत
यदि पात्र संस्थानों ने कर्मचारियों के खातों में तय नियमों के अनुसार या उससे अधिक ब्याज और कंट्रीब्यूशन जमा किया है तो बकाया राशि, हर्जाना और ब्याज से जुडे लंबित मामलों को वापस लिया जाएगा. पहले जारी कुछ अंतिम आदेश भी अमान्य माने जाएंगे. EPFO के क्षेत्रीय कार्यालय आवेदन प्रक्रिया में संस्थानों की मदद करेंगे.