अब इलाज, पढ़ाई, शादी या घर के लिए PF से निकाल सकेंगे आसानी से पैसा! EPFO ने बदले नियम
EPFO ने PF से आंशिक निकासी के नियम आसान कर दिए हैं. नए नियमों के तहत ज्यादातर निकासी के लिए कम से कम 12 महीने की सदस्यता जरूरी है. सदस्य अपने पात्र PF शेष की 75% तक राशि निकाल सकते हैं, जबकि 25% रकम खाते में रखनी होगी.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने PF खाते से पैसे निकालने के नियमों को आसान कर दिया है. अब नौकरी जाने, इलाज, पढ़ाई, शादी और घर से जुड़ी जरूरतों के लिए PF से पैसा निकालना पहले के मुकाबले आसान होगा. नए नियमों में अलग-अलग जरूरतों के लिए बने 13 नियमों को घटाकर तीन बड़ी कैटेगरी में रखा गया है. साथ ही ज्यादातर आंशिक निकासी के लिए कम से कम सदस्यता अवधि 12 महीने तय की गई है. नए नियम 29 जून 2026 को अधिसूचित EPF योजना, 2026 का हिस्सा हैं, जिसने पुराने 1952 के नियमों की जगह ली है.
PF से कितनी रकम निकाल सकते हैं?
नए नियमों में PF की आंशिक निकासी के दौरान खाते में कम से कम 25% राशि रखना जरूरी है. इसका मतलब है कि सदस्य सामान्य तौर पर अपने पात्र PF शेष की 75% तक रकम निकाल सकता है. इस रकम की गणना में कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता का योगदान और उस पर मिला ब्याज शामिल होता है. यानी पहले की तुलना में कई मामलों में सदस्य के लिए उपलब्ध रकम ज्यादा हो सकती है.
इसे आसान उदाहरण से समझें. अगर आपके PF खाते में कुल 1 लाख रुपये जमा हैं, तो कम से कम 25000 रुपये खाते में रखना होगा. बाकी 75000 रुपये तक रकम नियमों के मुताबिक निकाली जा सकती है.
PF निकासी के लिए अब तीन बड़ी कैटेगरी है
पहले PF से आंशिक निकासी के लिए 13 अलग-अलग प्रावधान थे. इनमें अलग-अलग शर्तें और सदस्यता अवधि लागू होती थी. अब इन्हें तीन बड़ी श्रेणियों में बांटा गया है.
1. जरूरी जरूरतें
इसमें बीमारी, पढ़ाई और शादी से जुड़ी जरूरतें शामिल हैं.
बीमारी के मामले में सदस्य खुद या परिवार के इलाज के लिए PF से रकम निकाल सकता है. पढ़ाई और शादी के लिए भी निकासी की सुविधा है.
नए नियमों के मुताबिक पढ़ाई के लिए सदस्य अपने PF सदस्यता काल में 10 बार तक रकम निकाल सकता है. शादी के लिए यह सुविधा 5 बार तक है. बीमारी के मामले में एक वित्त वर्ष में अधिकतम 3 बार निकासी की जा सकती है.
2. घर से जुड़ी जरूरतें
इस श्रेणी में घर या जमीन खरीदना, घर बनाना, होम लोन चुकाना और घर की मरम्मत या बदलाव जैसी जरूरतें शामिल हैं.
इन जरूरतों के लिए भी कम से कम 12 महीने की सदस्यता पूरी होना जरूरी है. इस कैटेगरी में सदस्यता के दौरान 5 बार तक निकासी की जा सकती है.
3. विशेष परिस्थितियां
इस कैटेगरी में सदस्य को किसी खास कारण का उल्लेख किए बिना नियमों के तहत PF से पैसा निकालने की सुविधा दी गई है. इसका मकसद अचानक आने वाली वित्तीय जरूरत में सदस्य को राहत देना है.
नौकरी जाने पर PF से कितना पैसा मिलेगा?
नए नियमों का सबसे अहम बदलाव बेरोजगारी से जुड़ा है. अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है या वह नौकरी छोड़ देता है और उसके पास दूसरी नौकरी नहीं है, तो वह अपने PF खाते की 75% तक रकम तुरंत निकाल सकता है. बाकी 25% रकम एक साल तक लगातार बेरोजगार रहने के बाद निकाली जा सकती है.
पहले के नियमों में नौकरी छोड़ने के बाद दो महीने तक बेरोजगार रहने पर पूरी PF राशि निकालने का प्रावधान था. अब पूरी रकम निकालने के लिए इंतजार की अवधि बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है.
हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे सेवानिवृत्ति, स्थायी विकलांगता, काम करने में असमर्थता, छंटनी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या स्थायी रूप से विदेश जाने आदि में पूरी PF राशि निकालने की अनुमति बनी हुई है.
इलाज के लिए PF से पैसा निकालने का नियम
बीमारी को जरूरी जरूरतों की श्रेणी में रखा गया है. सदस्य अपने या परिवार के इलाज के लिए PF से पैसा निकाल सकता है. नई व्यवस्था में बीमारी के लिए निकासी की सुविधा एक वित्त वर्ष में 3 बार तक है. इसके लिए सदस्य की कुल PF सदस्यता कम से कम 12 महीने होनी चाहिए.
पढ़ाई के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं PF?
बच्चों या खुद की पढ़ाई के लिए PF से पैसा निकालने की सुविधा को भी आसान किया गया है. नए नियमों के तहत पढ़ाई के लिए सदस्य अपने PF सदस्यता काल में 10 बार तक निकासी कर सकता है. इसके लिए भी 12 महीने की सदस्यता पूरी होना जरूरी है.
शादी के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं पैसा?
शादी के लिए PF से पैसे निकालने की सुविधा भी बढ़ाई गई है. अब सदस्य अपने PF सदस्यता काल में 5 बार तक इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकता है. यह सुविधा खुद की शादी के अलावा परिवार के सदस्यों की शादी के लिए भी लागू है, तय नियमों और शर्तों के तहत.
नए नियम क्यों लाए गए?
EPFO और श्रम मंत्रालय के मुताबिक, पहले PF से आंशिक निकासी के लिए बहुत सारे अलग-अलग नियम होने के कारण सदस्यों को परेशानी होती थी. कई बार अलग-अलग शर्तों की वजह से दावे खारिज भी हो जाते थे.
इसके अलावा बार-बार PF निकालने से रिटायरमेंट के समय लोगों के खाते में बहुत कम रकम बच रही थी. इसी वजह से नई व्यवस्था में 25% राशि को खाते में बनाए रखना जरूरी किया गया है, ताकि सदस्यों के पास भविष्य के लिए कुछ रकम सुरक्षित रहे.
PF पर कितना ब्याज मिल रहा है?
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर ब्याज दर 8.25% सालाना है. सरकार ने इस दर को मंजूरी दी थी और EPFO ने इसे सदस्यों के खातों में जमा करने की प्रक्रिया शुरू की थी. इसलिए PF से पैसा निकालते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि निकाली गई रकम पर आगे मिलने वाला ब्याज और चक्रवृद्धि का फायदा नहीं मिलेगा. इसी वजह से EPFO ने 25% राशि खाते में बनाए रखने का प्रावधान किया है.
आसान भाषा में समझें नया नियम
- नौकरी चली गई: 75% PF रकम तुरंत, बाकी 25% एक साल बाद.
- बीमारी: खुद या परिवार के इलाज के लिए निकासी, एक वित्त वर्ष में 3 बार तक.
- पढ़ाई: सदस्यता के दौरान 10 बार तक.
- शादी: सदस्यता के दौरान 5 बार तक.
- घर: घर खरीदने, बनाने, गृह ऋण चुकाने या मरम्मत के लिए निकासी.
- सामान्य नियम: ज्यादातर आंशिक निकासी के लिए कम से कम 12 महीने की PF सदस्यता और खाते में 25% न्यूनतम राशि बनाए रखना जरूरी है.
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