PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी, EPFO 15 जुलाई तक जमा करेगा 1.44 लाख करोड़ रुपये का ब्याज
EPFO ने 15 जुलाई तक करीब 34 करोड़ PF खातों में 1.44 लाख करोड़ रुपये का ब्याज जमा करने का लक्ष्य तय किया है. वित्त वर्ष 2026 के लिए 8.25 फीसदी ब्याज दर लागू होगी. नए सेंट्रलाइज्ड आईटी एनेबल्ड सर्विसेज (CITES) प्लेटफॉर्म के जरिए इंटरेस्ट क्रेडिट, क्लेम सेटलमेंट, पीएफ ट्रांसफर और अन्य सेवाएं पहले से अधिक तेज और पारदर्शी होंगी.

EPFO Interest Credit: देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि (PF) खाताधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का लक्ष्य 15 जुलाई तक वित्त वर्ष 2026 का 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज करीब 34 करोड़ PF खातों में जमा करना है. अगर ऐसा होता है, तो यह पिछले कई वर्षों की तुलना में सबसे तेज इंटरेस्ट क्रेडिट प्रक्रिया होगी. इस बार EPFO ने अपने नए सेंट्रलाइज्ड आईटी एनेबल्ड सर्विसेज (CITES) प्लेटफॉर्म की मदद से पूरी प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक तेज और पारदर्शी बनाने की तैयारी की है.
15 जुलाई तक खातों में आएगा ब्याज
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि EPFO का लक्ष्य 15 जुलाई तक सभी पात्र खाताधारकों के खातों में वित्त वर्ष 2026 का ब्याज जमा करना है. इस वर्ष PF जमा पर 8.25 फीसदी ब्याज दर लागू होगी, जिसे मार्च में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने मंजूरी दी थी. बाद में केंद्र सरकार ने भी इस सिफारिश को मंजूरी दे दी. मंडाविया के अनुसार, ब्याज जमा करने से पहले जरूरी फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा, ताकि किसी भी सदस्य के खाते में ब्याज की गणना में कोई गलती न हो.
नए CITES प्लेटफॉर्म से बदलेगी व्यवस्था
EPFO ने अपने पुराने सिस्टम की जगह अब सेंट्रलाइज्ड आईटी एनेबल्ड सर्विसेज (CITES) प्लेटफॉर्म लागू किया है. पहले हर क्षेत्रीय कार्यालय का अलग डेटाबेस होता था, लेकिन अब सभी सदस्यों का रिकॉर्ड एक राष्ट्रीय डेटाबेस पर उपलब्ध होगा. इस नई व्यवस्था के तहत किसी भी अधिकृत EPFO कार्यालय से सदस्यों को सर्विस उपलब्ध कराई जा सकेंगी. यानी अब किसी सदस्य को केवल उसी क्षेत्रीय कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जहां उसका PF खाता पंजीकृत है.
ब्याज की गणना भी होगी ज्यादा सटीक
नई व्यवस्था में ब्याज की गणना अंतिम भुगतान की मंजूरी मिलने की तारीख तक की जाएगी. पहले ब्याज की गणना पिछले महीने के अंत तक ही की जाती थी. इससे अब सदस्यों को पूरी पात्र अवधि का ब्याज मिल सकेगा. इसके अलावा, वार्षिक इंटरेस्ट क्रेडिट की पूरी प्रक्रिया अब ऑटोमेटेड वर्कफ्लो के जरिए पूरी होगी, जिससे समय की बचत होगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी.
क्लेम से जुड़े नियम भी हुए आसान
EPFO ने पूरी तरह KYC वाले सदस्यों के लिए ऑटो सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है. अब क्लेम प्रोसेसिंग के दौरान यदि किसी तरह की जानकारी या स्पष्टीकरण की जरूरत होगी, तो सदस्य ऑनलाइन ही उसका जवाब दे सकेंगे. क्लेम मंजूर होने के बाद भुगतान भी नई सेंट्रलाइज्ड पेमेंट आर्किटेक्चर के जरिए उसी दिन सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा. इससे क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज हो जाएगी.
नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर होगा आसान
नई व्यवस्था के तहत आधार से जुड़े Universal Account Number (UAN) वाले खातों का ट्रांसफर भी पूरी तरह ऑटोमेटिक हो जाएगा. नौकरी बदलने पर अब पुराने नियोक्ता, नए नियोक्ता या EPFO कार्यालय से अलग-अलग मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी. कर्मचारी का PF खाता और उसकी पूरी सर्विस हिस्ट्री स्वतः ट्रांसफर हो जाएगी. इसके अलावा, पेंशनधारक अब देश के किसी भी EPFO कार्यालय से सर्विस ले सकेंगे. वहीं सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम के जरिए पेंशन सीधे बैंक खाते में जमा की जाएगी.
करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
नई डिजिटल व्यवस्था से करोड़ों PF खाताधारकों को ब्याज जल्दी मिलने के साथ-साथ क्लेम, ट्रांसफर और अन्य सर्विस में भी तेजी आएगी. EPFO का मानना है कि CITES प्लेटफॉर्म के लागू होने से संगठन की कार्यक्षमता बढ़ेगी, सर्विस में पारदर्शिता आएगी और सदस्यों को पहले की तुलना में कहीं बेहतर अनुभव मिलेगा.
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