बिना हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा ₹50,000 तक का टैक्स डिडक्शन, सीनियर सिटीजन ऐसे उठाएं Section 80D का फायदा
आयकर अधिनियम की धारा 80D के तहत बिना हेल्थ इंश्योरेंस वाले 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक एक वित्त वर्ष में मेडिकल खर्च पर 50,000 रुपये तक की टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं. यह लाभ केवल पुराने टैक्स रिजीम में उपलब्ध है. अगर बच्चे अपने वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के मेडिकल बिल का पेमेंट करते हैं, तो वे भी निर्धारित शर्तों के तहत यह छूट ले सकते हैं.
ITR 2026: अगर आप या आपके माता-पिता 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के हैं और हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तब भी आप इनकम टैक्स में 50,000 रुपये तक की छूट का फायदा उठा सकते हैं. आयकर अधिनियम की धारा 80D के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मेडिकल खर्च पर यह टैक्स डिडक्शन मिलता है. हालांकि, यह सुविधा सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले टैक्सपेयर्स के लिए उपलब्ध है. नए टैक्स रिजीम में यह छूट नहीं मिलेगी.
किन खर्चों पर मिलेगा टैक्स डिडक्शन?
धारा 80D के तहत तीन तरह के खर्चों पर टैक्स छूट मिलती है. इसमें हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम, बिना हेल्थ इंश्योरेंस वाले वरिष्ठ नागरिकों का मेडिकल खर्च और प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप शामिल हैं.
अगर किसी वरिष्ठ नागरिक के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो इलाज पर किए गए वास्तविक खर्च पर अधिकतम 50,000 रुपये तक की कटौती का दावा किया जा सकता है. वहीं, प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप पर 5,000 रुपये तक की अलग से छूट मिलती है.
बच्चों को भी मिलेगा फायदा
अगर माता-पिता की उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है और उनके पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो उनके मेडिकल बिल का पेमेंट करने वाले बच्चे भी धारा 80D के तहत टैक्स डिडक्शन का दावा कर सकते हैं. यह छूट सिर्फ उसी मेडिकल खर्च पर मिलेगी, जिसका पेमेंट संबंधित वित्त वर्ष के दौरान किया गया हो.
ऐसे समझिए नियम
मान लीजिए किसी 65 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक ने एक वित्त वर्ष में इलाज पर 45,000 रुपये खर्च किए हैं और उनके पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है. ऐसे में पूरे 45,000 रुपये पर टैक्स कटौती मिल सकती है. लेकिन अगर मेडिकल खर्च 90,000 रुपये है, तब भी अधिकतम 50,000 रुपये की ही कटौती मिलेगी.
कैश पेमेंट पर नहीं मिलेगा लाभ
अगर मेडिकल इलाज का पेमेंट कैश में करने पर धारा 80D के तहत टैक्स छूट नहीं मिलेगी. हालांकि, प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए 5,000 रुपये तक का पेमेंट नकद में भी किया जा सकता है.
ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख
आयकर विभाग ने अलग-अलग कैटेगरी के करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अलग-अलग समयसीमा तय की है. वेतनभोगी और दूसरे सामान्य करदाताओं के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है. बिना ऑडिट वाले बिजनेस टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त 2026, ऑडिट वाले मामलों के लिए 31 अक्टूबर 2026 और ट्रांसफर प्राइसिंग वाले मामलों के लिए 30 नवंबर 2026 अंतिम तिथि है. समय पर ITR दाखिल नहीं करने पर जुर्माना और ब्याज देना पड़ सकता है.
| ITR फॉर्म | अंतिम तिथि |
|---|---|
| ITR-1 और ITR-2 | 31 जुलाई 2026 |
| ITR-3 और ITR-4 (बिना ऑडिट) | 31 अगस्त 2026 |
| ITR-3 और ITR-4 (ऑडिट वाले मामले) | 31 अक्टूबर 2026 |
| ट्रांसफर प्राइसिंग वाले बिजनेस | 30 नवंबर 2026 |
| बिलेटेड (लेट) रिटर्न | 31 दिसंबर 2026 |
| रिवाइज्ड रिटर्न | 31 मार्च 2027 |
| अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) | 31 मार्च 2031 |
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