TCS-Infosys या Coforge-Mphasis? H-1B Visa की टेंशन के बीच IT शेयरों में कहां बनेगा पैसा?
भारतीय आईटी सेक्टर इस समय कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से गुजर रहा है. दिग्गज कंपनी टीसीएस ने पोर्शे की सब्सिडरी एमएचपी का 320 मिलियन यूरो (लगभग 3,574 करोड़ रुपए) में अधिग्रहण करने की घोषणा की है. यह डील टीसीएस के लिए दीर्घकालिक रूप से सकारात्मक मानी जा रही है, हालांकि विशेषज्ञ अल्पावधि में बड़ी वृद्धि की उम्मीद नहीं कर रहे हैं.
दूसरी ओर, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एच-1बी वीजा फीस में उल्लेखनीय वृद्धि का प्रस्ताव दिया है, जिसे भारतीय करेंसी में लगभग 98 लाख से एक करोड़ रुपए के करीब बताया जा रहा है. इसके साथ ही, नौकरी छूटने पर 60 दिन का ग्रेस पीरियड खत्म करने की भी बात हो रही है, जिससे भारतीय आईटी पेशेवरों और कंपनियों के लिए चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे आईटी कंपनियाँ अपने काम को भारत में स्थानांतरित कर सकती हैं.
