ITR Filing 2026: सैलरीड या फ्रीलांसर को कौन सा ITR Form भरना होगा? जानिए नए नियम और डेडलाइन
AY 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग शुरू होने वाली है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि कौन सा ITR फॉर्म भरना चाहिए. जानिए सैलरीड, फ्रीलांसर, कैपिटल गेन और बिजनेस इनकम वालों के लिए कौन सा ITR फॉर्म सही रहेगा, नए टैक्स नियमों और आखिरी तारीख के साथ.

Which ITR form to file AY 2026-27: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का सीजन करीब आ गया है. असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने सभी जरूरी फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं. हालांकि पोर्टल 1 अप्रैल से खुल जाता है, लेकिन डेटा अपडेट होने के बाद असली रफ्तार मई के मध्य से पकड़ती है. इस बार नए इनकम टैक्स एक्ट 2026 के लागू होने से कुछ नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है. गलत फॉर्म का चुनाव न केवल आपकी फाइलिंग को अमान्य कर सकता है, बल्कि इनकम टैक्स विभाग का नोटिस भी घर ला सकता है.
सैलरीड क्लास के लिए ITR-1
वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए ITR-1 (सहज) सबसे पॉपुलर फॉर्म है. लेकिन इस साल इसमें कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
- कौन भर सकता है: वह रेजिडेंट इंडिविजुअल जिसकी कुल सालाना आय ₹50 लाख तक है.
- दो हाउस प्रॉपर्टी: पहले सिर्फ एक घर से होने वाली आय पर यह फॉर्म भरा जाता था, अब दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली आय को भी इसमें शामिल किया जा सकता है.
- कैपिटल गेन्स (LTCG): इस बार सबसे बड़ी राहत यह है कि लिस्टेड इक्विटी या म्यूचुअल फंड से ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) अब ITR-1 में दिखाया जा सकता है. अगर कमाई इससे ज्यादा है, तो आपको ITR-2 पर जाना होगा.
- नया टैक्स रेट: बजट 2024-25 के अनुसार, बिना इंडेक्सेशन के सभी एसेट्स पर LTCG की दर 12.5% तय की गई है, जो इस बार लागू होगी.
फ्रीलांसरों के लिए क्या हैं नियम?
कंटेंट राइटर, ग्राफिक डिजाइनर और वीडियो एडिटर जैसे फ्रीलांसरों के लिए ITR-3 या ITR-4 का विकल्प होता है:
- अनुमानित कराधान (Presumptive Taxation): सेक्शन 44ADA के तहत फ्रीलांसर अपनी कुल रसीदों का मात्र 50% हिस्सा ही टैक्स योग्य आय के रूप में घोषित कर सकते हैं.
- TDS और रिफंड: फ्रीलांसरों की सेवाओं पर सेक्शन 194J के तहत 10% TDS कटता है. इसे आप रिटर्न दाखिल करते समय टैक्स क्रेडिट या रिफंड के रूप में क्लेम कर सकते हैं.
- एडवांस टैक्स: यदि टैक्स देनदारी ₹10,000 से अधिक है, तो हर तिमाही एडवांस टैक्स देना होता है. हालांकि, अनुमानित टैक्स स्कीम लेने वालों को यह 15 मार्च तक एक बार में चुकाने की छूट मिलती है.
कौन सा फॉर्म किसके लिए?
| फॉर्म | किसके लिए उपयोगी है? |
| ITR-1 | ₹50 लाख तक आय, सैलरी, दो हाउस प्रॉपर्टी और ब्याज से कमाई. |
| ITR-2 | कैपिटल गेन्स (शेयर या प्रॉपर्टी बिक्री) और ₹50 लाख से अधिक आय वालों के लिए. |
| ITR-3 | बिजनेस या प्रोफेशन से आय प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के लिए. |
| ITR-4 | ₹50 लाख तक की प्रोफेशनल/बिजनेस आय (अनुमानित स्कीम के तहत). |
| ITR-5/6/7 | फर्म, LLP (5), कंपनियों (6) और चैरिटेबल ट्रस्ट (7) के लिए. |
डेडलाइन का रखें ध्यान, वरना लगेगा जुर्माना
टैक्सपेयर्स को तारीखों को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है:
- 31 जुलाई 2026: नॉन-ऑडिटेड सैलरीड और व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स (ITR-1 और ITR-2) के लिए आखिरी तारीख.
- 31 अगस्त 2026: उन नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर्स के लिए जो ITR-3 और ITR-4 भरते हैं.
- 31 दिसंबर 2026: यदि आप डेडलाइन चूक जाते हैं, तो लेट फीस और ब्याज के साथ बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) भरने की अंतिम तिथि.
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यदि आपके फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज ₹40,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) से अधिक है, तो बैंक 10% TDS काटता है. पैन कार्ड (PAN) अपडेट न होने पर यह दर काफी अधिक हो सकती है, इसलिए अपना डेटा समय रहते चेक कर लें.