Ground Report: कहीं 400 रु किलो गैस तो कहीं ₹5100 में 14 Kg वाला LPG सिलेंडर, होटल-ढाबों पर संकट, थाली हुई 15% तक महंगी

देश के कई हिस्सों में LPG सिलेंडर की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. दिल्ली-एनसीआर में रिटेल बाजार में गैस कहीं ₹200-₹400 प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि 14.2 किलो का सिलेंडर ₹3500 से ₹5100 तक में ऑफर हो रहा है. सरकार पर्याप्त भंडार का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां कर रही है.

LPG Crisis in Delhi-NCR Image Credit: @AI/Money9live

“तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है,
मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है.”

LPG Crisis in Delhi-NCR: अदम गोंडवी का यह शेर मौजूदा हालात पर सटीक बैठता है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और गहराते युद्ध का असर घरेलू रसोई तक दिखाना शुरू कर दिया है. देश के कई हिस्सों में LPG सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ता दिख रहा है और आम लोग ऊंची कीमत पर गैस खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं.

सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है. हालांकि, जमीनी स्तर की तस्वीर इन दावों से पूरी तरह मेल नहीं खाती. दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में रसोई गैस की किल्लत महसूस की जा रही है. Money9live की ग्राउंड रिपोर्ट में दिल्ली और नोएडा के कई दुकानदारों और वेंडरों से बातचीत में सामने आया कि रिटेल बाजार में गैस कहीं ₹400 प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि 14.2 किलो का सिलेंडर ₹5100 तक में ऑफर किया जा रहा है.

₹400 प्रति किलो तक पहुंचा रिटेल रेट

दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में रिटेल में LPG बेचने वाली कई दुकानों पर ताले लगे मिले. कुछ दुकानें खुली थीं, लेकिन उनके पास गैस का स्टॉक नहीं था. तीन दुकानदारों से बातचीत में पता चला कि दो दुकानों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है और उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं है कि अगला स्टॉक कब पहुंचेगा. दुकानदारों का कहना है कि ऊपर से सप्लाई ही बंद हो गई है.

हालांकि, एक दुकान पर सीमित मात्रा में गैस उपलब्ध थी. दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे फिलहाल सिर्फ अपने पुराने ग्राहकों को ही गैस दे रहे हैं. उनके मुताबिक, खरीद महंगी होने की वजह से वे गैस ₹400 प्रति किलो के हिसाब से बेच रहे हैं. इस दर पर 14.2 किलो का सिलेंडर करीब ₹5100 तक पहुंच जाता है.

नोएडा के सेक्टर 126 स्थित रायपुर खादर में भी रिटेल गैस विक्रेता के पास स्टॉक खत्म हो चुका है. दुकानदार के मुताबिक 12 मार्च को स्टॉक खत्म हो गया था और अगले दिन नई सप्लाई मिलने की उम्मीद है. फिलहाल इलाके में गैस ₹200 से ₹250 प्रति किलो तक बिक रही है.

₹3500 में ऑफर हो रहा सिलेंडर

भारतगैस के कुछ वेंडरों से बातचीत में पता चला कि फिलहाल प्राथमिकता उन ग्राहकों को दी जा रही है जिनके पास आधिकारिक गैस कनेक्शन है. ब्लैक में सिलेंडर खरीदने वाले ग्राहकों को सप्लाई लगभग बंद कर दी गई है.

तीन वेंडरों में से दो ने सिलेंडर देने से साफ मना कर दिया. हालांकि, एक वेंडर ने ₹3500 में 14.2 किलो का सिलेंडर देने की बात कही. सरकार द्वारा 25 दिन बाद बुकिंग की अनिवार्यता लागू किए जाने के बाद अवैध सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है. इसका असर रिटेल बाजार में दिखाई दे रहा है, जहां कई विक्रेताओं के पास स्टॉक खत्म हो गया है.

छोटे ढाबों पर संकट

नोएडा के सेक्टर 125 में तपन और उनकी पत्नी एक छोटा ढाबा चलाते हैं. गैस की किल्लत का असर उनके कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. तपन बताते हैं कि वे पहले की तुलना में पांच गुना ज्यादा कीमत देने को तैयार हैं, लेकिन सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है.

गैस की बढ़ती कीमतों ने उनके ढाबे की लागत बढ़ा दी है. इसी वजह से उन्होंने ₹60 की थाली की कीमत बढ़ाकर ₹70 कर दी है.

तपन की पत्नी कहती हैं,
“14.2 किलो के सिलेंडर के लिए ₹5000 देने को तैयार हूं, फिर भी नहीं मिल रहा. दुकान संभालने के बाद 4-5 घंटे तक गैस के लिए भटकना पड़ता है, लेकिन सिलेंडर नहीं मिलता.”

क्या सरकार के दावे गलत हैं?

एलपीजी भंडार को लेकर सरकार के दावे पूरी तरह गलत नहीं कहे जा सकते. जिन उपभोक्ताओं के पास आधिकारिक गैस कनेक्शन है, उन्हें नियमित सप्लाई मिल रही है. लेकिन वे लोग जो रिटेल विक्रेताओं पर निर्भर हैं, उनके लिए स्थिति कठिन हो गई है.

रिटेल बाजार में गैस बेचने वाले कई विक्रेता अक्सर ब्लैक में सिलेंडर खरीदकर ही आगे बेचते थे. सरकार की सख्ती बढ़ने के बाद इस सप्लाई चेन पर असर पड़ा है. नतीजतन रिटेल खरीदारों के सामने गैस की उपलब्धता का संकट खड़ा हो गया है.

क्यों बढ़ रहा है LPG पर दबाव?

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर तेल-गैस के बाजार पर भी पड़ रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का करीब 85-90 प्रतिशत LPG इसी क्षेत्र से आयात करता है. ऐसे में वहां किसी भी तरह की राजनीतिक अस्थिरता या सैन्य संघर्ष का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है.

तनाव या युद्ध की स्थिति में तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही महंगी और जोखिम भरी हो जाती है. इससे शिपिंग और ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ती है, जिसका असर अंततः LPG की कीमतों पर पड़ता है.

ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है. इस अस्थिरता का असर भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों के बाजार में साफ दिखाई देने लगा है.

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