विदेश जाने पर बंद होगा NPS अकाउंट? PFRDA ने बताया पूरा नियम
भारत से विदेश जाकर NRI बनने पर NPS अकाउंट अपने आप बंद नहीं होता. PFRDA के नियमों के अनुसार NRI और OCI सब्सक्राइबर NPS Tier I अकाउंट जारी रख सकते हैं और NRE या NRO बैंक अकाउंट के जरिए योगदान कर सकते हैं. हालांकि, NRI और OCI के लिए Tier II अकाउंट एक्टिवेट करने की सुविधा उपलब्ध नहीं है.

NPS for NRI: भारत से विदेश जाकर NRI बनने पर आपका नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) अकाउंट अपने आप बंद नहीं होता. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के मौजूदा नियमों के अनुसार, भारतीय नागरिक विदेश में रहने के बाद भी NPS में निवेश जारी रख सकते हैं. NRI और Overseas Citizens of India (OCI) के लिए NPS Tier I अकाउंट की सुविधा उपलब्ध है. हालांकि, NRI और OCI सब्सक्राइबर Tier II अकाउंट को एक्टिवेट नहीं कर सकते.
NRI बनने के बाद NPS अकाउंट का क्या होगा
PFRDA के अनुसार, NPS भारतीय नागरिकों, Non-Resident Indians (NRIs) और OCI के लिए उपलब्ध है. NPS को रोजगार और भौगोलिक स्थिति के लिहाज से पोर्टेबल पेंशन सिस्टम माना जाता है. इसलिए नौकरी या रहने की जगह बदलने और NRI बनने पर Tier I अकाउंट बंद करना जरूरी नहीं है.
NRI सब्सक्राइबर को NPS अकाउंट जारी रखने के लिए NRE या NRO बैंक अकाउंट का प्रमाण देना होता है. OCI के लिए भी यही बैंकिंग आवश्यकता लागू होती है. NRI उपलब्ध माध्यमों के जरिए NPS में योगदान जारी रख सकते हैं. उनका पैसा चुने गए पेंशन फंड और एसेट एलोकेशन के अनुसार निवेश किया जाता है और सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) में दर्ज रहता है.
Tier I और Tier II में क्या अंतर है
NRI के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव Tier II अकाउंट को लेकर है. PFRDA के नियमों के मुताबिक, NRI और OCI सब्सक्राइबर NPS Tier II अकाउंट को एक्टिवेट नहीं कर सकते. यानी विदेश जाने के बाद Tier I अकाउंट जारी रखा जा सकता है, लेकिन Tier II की नई सुविधा उपलब्ध नहीं रहती.
NPS में पैसा कहां निवेश कर सकते हैं
NPS में निवेशकों को अलग-अलग एसेट क्लासेज में पैसा लगाने का विकल्प मिलता है. PFRDA के अनुसार, NPS योगदान को इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड्स और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश किया जा सकता है. निवेश लागू इन्वेस्टमेंट गाइडलाइंस के अनुसार होता है.
एक्टिव चॉइस में सब्सक्राइबर खुद तय करता है कि उसका पैसा अलग-अलग एसेट क्लासेज में किस अनुपात में निवेश किया जाएगा. कॉमन स्कीम्स में इक्विटी एलोकेशन 75% तक हो सकता है. वहीं, ऑटो चॉइस में निवेश का एलोकेशन चुनी गई लाइफ-साइकिल स्ट्रैटेजी और सब्सक्राइबर की उम्र के आधार पर तय होता है. सब्सक्राइबर वित्त वर्ष में एक बार अपना पेंशन फंड और चार बार इन्वेस्टमेंट चॉइस बदल सकता है.
भारतीय नागरिकता छोड़ने पर क्या होगा
सिर्फ विदेश जाने और NRI बनने तथा भारतीय नागरिकता छोड़ने में अंतर है. यदि कोई NPS सब्सक्राइबर भारतीय नागरिकता छोड़ देता है और उसके पास OCI कार्ड भी नहीं है, तो उस पर अलग नियम लागू होते हैं. PFRDA ने अप्रैल 2025 में ऐसे मामलों में NPS अकाउंट बंद करने और जमा कॉर्पस के सेटलमेंट से जुड़े नियम जारी किए थे.
इस तरह, भारतीय नागरिकता बरकरार रखते हुए विदेश जाने वाले व्यक्ति के लिए NPS जारी रखा जा सकता है. हालांकि, उसे NRE या NRO बैंकिंग नियमों का पालन करना होगा और NRI/OCI के लिए Tier II अकाउंट एक्टिवेट करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी.
यह भी पढ़ें: Nifty IT में बड़ी गिरावट, Infosys, Wipro और TCS जैसे शेयरों का बुरा हाल; अमेरिकी रिपोर्ट ने झकझोरा