नहीं लिया PM सूर्य घर योजना का फायदा, 5 महीने में बंद होगी स्कीम, मिल रही ₹78000 की सब्सिडी; ऐसे करें अप्लाई
केंद्र सरकार की PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है. 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम औसतन 300 यूनिट से ज्यादा बिजली बना सकता है.

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: बिजली के बढ़ते बिल से परेशान लोगों के लिए केंद्र सरकार की PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana राहत का मौका दे रही है. इस योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाने पर सरकार की ओर से 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है. इसका मकसद देश के 1 करोड़ घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ना और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने में मदद करना है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत 13 फरवरी 2024 को की थी. इसके तहत घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के लिए सरकार आर्थिक मदद देती है. सब्सिडी की रकम सोलर सिस्टम की क्षमता के आधार पर तय होती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए घरों को नेशनल पोर्टल के जरिए आवेदन करना होता है.
क्या है PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana?
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana केंद्र सरकार की एक योजना है. इसके तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) दी जाती है. सरकार 2 किलोवाट क्षमता वाले सोलर सिस्टम की लागत पर 60 फीसदी सब्सिडी देती है. वहीं, 2 से 3 किलोवाट क्षमता के बीच अतिरिक्त सिस्टम लागत पर 40 फीसदी की सब्सिडी दी जाती है. हालांकि, सब्सिडी की अधिकतम सीमा 3 किलोवाट तक रखी गई है.
मौजूदा बेंचमार्क कीमतों के आधार पर अलग-अलग क्षमता के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी इस तरह मिलेगी.
- 1 किलोवाट सिस्टम पर 30,000 रुपये की सब्सिडी.
- 2 किलोवाट सिस्टम पर 60,000 रुपये की सब्सिडी.
- 3 किलोवाट या इससे ज्यादा क्षमता के सिस्टम पर 78,000 रुपये की सब्सिडी.
कैसे मिलेगा ₹78,000 तक की सब्सिडी का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए घरों को नेशनल पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा. आवेदन करने के बाद उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से सोलर पैनल लगाने के लिए वेंडर चुन सकते हैं. नेशनल पोर्टल पर उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम की सही क्षमता चुनने में मदद के लिए जरूरी जानकारी दी जाती है. इसमें सिस्टम साइज, फायदे का कैलकुलेटर और वेंडर की रेटिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
सोलर पैनल लगने और डिस्कॉम के निरीक्षण के बाद सब्सिडी की रकम सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में भेजी जाती है. दी गई जानकारी के मुताबिक, रिडेम्पशन रिक्वेस्ट के बाद आमतौर पर 30 से 45 दिनों में सब्सिडी खाते में आ जाती है.
सोलर पैनल लगवाने के लिए मिल सकता है सस्ता लोन
इस योजना के तहत घरों में 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के लिए कम ब्याज दर पर बिना किसी गारंटी के लोन की सुविधा भी दी जाती है. SBI और Bank of Baroda में 2 लाख रुपये तक के सोलर लोन पर 5.75 फीसदी तक सालाना ब्याज दर दी जा रही है. यह फ्लोटिंग रेट है और जुलाई 2026 की आधिकारिक दरों के मुताबिक है. वहीं, 2 लाख से 6 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज दर 7.90 फीसदी से शुरू होती है. इन लोन की अवधि अधिकतम 10 साल तक हो सकती है.
इसके अलावा PNB, Canara Bank और Union Bank भी सोलर पैनल लगवाने के लिए लोन देते हैं. 3 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए 2 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी गारंटी के मिल सकता है. इसके लिए Jansamarth पोर्टल के जरिए आवेदन किया जा सकता है.
हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा बिजली बना सकता है 3 किलोवाट का सिस्टम
सरकार के मुताबिक, 3 किलोवाट क्षमता वाला सोलर सिस्टम एक महीने में औसतन 300 यूनिट से ज्यादा बिजली पैदा कर सकता है. इससे घरों के बिजली बिल में बचत हो सकती है. अगर सोलर सिस्टम से जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है, तो उपभोक्ता अतिरिक्त बिजली डिस्कॉम को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं. इस तरह योजना के जरिए बिजली बिल में बचत के साथ अतिरिक्त आमदनी का मौका भी मिल सकता है.
सरकार का अनुमान है कि इस योजना से रिहायशी क्षेत्र में रूफटॉप सोलर के जरिए 30 गीगावाट सोलर क्षमता जुड़ सकती है. इससे 25 साल के दौरान 1,000 बिलियन यूनिट (BU) बिजली पैदा होगी और कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में 720 मिलियन टन की कमी आएगी.
कब तक उठा सकते हैं योजना का लाभ?
PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana को 31 मार्च 2027 तक चलाने का कार्यक्रम है यानी योजना के तहत आवेदन करने और इसका लाभ लेने की तय अवधि 31 मार्च 2027 तक है.
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