32 की उम्र में ₹9 करोड़ की संपत्ति, न बेस्ट म्यूचुअल फंड चुने न मार्केट टाइम किया; 40 तक ₹25 करोड़ का लक्ष्य

पुणे के 32 वर्षीय IT प्रोफेशनल सुधीर दंडोतिया ने लगातार निवेश और खर्च पर नियंत्रण से करीब ₹9 करोड़ की संपत्ति बनाई. वह हर महीने ₹1.5 लाख निवेश करते हैं और 40 साल की उम्र तक ₹20-25 करोड़ का लक्ष्य रखते हैं.

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पुणे के 32 वर्षीय IT प्रोफेशनल सुधीर दंडोतिया ने 32 की उम्र तक करीब ₹9 करोड़ की संपत्ति बना ली है. खास बात यह है कि उन्होंने इसके लिए किसी ‘बेस्ट म्यूचुअल फंड’ का पीछा नहीं किया. उनका कहना है कि लगातार निवेश, खर्च पर नियंत्रण और लंबे समय तक निवेश बनाए रखना उनकी रणनीति रही.

2017 में ₹4.5 लाख थी सालाना कमाई

सुधीर ने 2017 में करीब ₹4.5 लाख सालाना आय से करियर शुरू किया था. बेहतर अवसरों के साथ नौकरी बदलते हुए उनकी सालाना कमाई 2022 में करीब ₹40 लाख और 2026 में लगभग ₹52 लाख तक पहुंच गई. हालांकि, आय बढ़ने के साथ उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल पर खर्च तेजी से नहीं बढ़ाया.

उनके मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में घर का खर्च करीब ₹2 लाख महीना रहा. सैलरी बढ़ने के बावजूद उन्होंने महंगी कार, छुट्टियों या दूसरी चीजों पर खर्च बढ़ाने के बजाय निवेश जारी रखा.

हर महीने ₹1.5 लाख की SIP

सुधीर हर महीने करीब ₹1.5 लाख म्यूचुअल फंड SIP में निवेश करते हैं. इसके अलावा करीब ₹1.61 लाख होम लोन की EMI में जाता है. यानी हर महीने लगभग ₹3.1 लाख उनकी आय से सीधे एसेट बनाने में लग जाते हैं.

वह म्यूचुअल फंड की रकम को बार-बार निकालने के बजाय लंबे समय तक निवेशित रखने में विश्वास करते हैं. उन्होंने मार्च 2020 की बाजार गिरावट और 2022 के कमजोर दौर में भी अपने निवेश को नहीं भुनाया.

₹9 करोड़ की संपत्ति में क्या-क्या शामिल?

सुधीर की कुल संपत्तियों में करीब ₹2.56 करोड़ म्यूचुअल फंड में हैं. लगभग ₹4.7 करोड़ की वैल्यू का पुणे में फ्लैट है. इसके अलावा करीब ₹64 लाख गोल्ड, ₹57 लाख FD और बैंक बैलेंस, ₹24 लाख PPF और EPF तथा लगभग ₹23 लाख डायरेक्ट स्टॉक्स में हैं. हालांकि, ₹9 करोड़ उनकी कुल संपत्तियों की अनुमानित वैल्यू है. होम लोन की बकाया रकम घटाने के बाद उनकी वास्तविक नेटवर्थ करीब ₹7 करोड़ बैठती है.

‘बेस्ट फंड’ से ज्यादा जरूरी है निरंतरता

सुधीर का मानना है कि निवेश में सबसे जरूरी चीज सही समय पर सही फंड चुनना नहीं, बल्कि नियमित निवेश करते रहना है. वह 11 म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं और अलग-अलग कैटेगरी में पैसा लगाते हैं. हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक बहुत ज्यादा फंड रखने से पोर्टफोलियो में एक ही तरह के शेयरों का ओवरलैप हो सकता है. उनकी रणनीति का सबसे बड़ा सबक यह है कि बढ़ती आय के साथ खर्च बढ़ाने के बजाय निवेश बढ़ाना लंबी अवधि में बड़ा अंतर पैदा कर सकता है.

40 की उम्र तक ₹25 करोड़ का लक्ष्य

सुधीर का लक्ष्य 40 साल की उम्र तक अपनी कुल संपत्ति को ₹20-25 करोड़ तक पहुंचाना है. इसके लिए वह मौजूदा SIP जारी रखने और प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं. हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत अनुमान है, कोई गारंटी नहीं.

उनकी कहानी बताती है कि संपत्ति बनाने के लिए हमेशा ‘हॉट’ निवेश या सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड की जरूरत नहीं होती. नियमित निवेश, बचत की आदत, सीमित खर्च और लंबे समय तक निवेश बनाए रखना भी बड़ा कॉरपस बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

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