SGB पर 228% का शानदार रिटर्न, ₹1 लाख बने करीब ₹3.28 लाख; जानें कब मिलेगा पैसा

SGB निवेशकों को करीब 5 साल में 228% का शानदार रिटर्न मिला है. ₹4,682 प्रति ग्राम की इश्यू कीमत वाला बॉन्ड अब ₹15,334 पर रिडीम होगा. इस हिसाब से ₹1 लाख का निवेश करीब ₹3.28 लाख हो गया है.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

Highlights

  • SGB निवेशकों को करीब 5 साल में 228% रिटर्न मिला
  • ₹1 लाख का निवेश बढ़कर करीब ₹3.28 लाख हुआ
  • SGB की समयपूर्व निकासी कीमत ₹15,334 तय हुई

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2021-22 सीरीज VI की समय से पहले निकासी (Premature Redemption) की कीमत तय कर दी है. इस सीरीज के निवेशक 7 सितंबर 2026 से अपने गोल्ड बॉन्ड को समय से पहले भुना सकेंगे. इस निवेश ने करीब 5 साल में 228% का एब्सोल्यूट रिटर्न दिया है.

₹4,682 की कीमत पर जारी हुआ था बॉन्ड

SGB 2021-22 Series VI को 7 सितंबर 2021 को जारी किया गया था. ऑनलाइन निवेश करने वाले लोगों के लिए उस समय इसकी इश्यू कीमत ₹4,682 प्रति ग्राम थी. ऑनलाइन खरीद पर निवेशकों को ₹50 प्रति ग्राम की छूट भी मिली थी. वहीं ऑफलाइन खरीद के लिए इश्यू प्राइस ₹4,732 प्रति ग्राम था.

अब RBI ने इस सीरीज की समय से पहले निकासी कीमत ₹15,334 प्रति यूनिट तय की है. यानी ₹4,682 के निवेश पर ₹10,652 का सीधा फायदा हुआ. इस हिसाब से निवेश पर करीब 227.50% का एब्सोल्यूट रिटर्न बनता है, जिसे करीब 228% माना जा रहा है.

₹1 लाख का निवेश कितना हुआ?

अगर किसी निवेशक ने सितंबर 2021 में इस SGB में ₹1 लाख लगाए थे, तो मौजूदा रिडेम्पशन कीमत के आधार पर उसकी वैल्यू करीब ₹3.28 लाख हो गई है. खास बात यह है कि इस गणना में SGB पर मिलने वाला ब्याज शामिल नहीं है. यानी ब्याज को जोड़ने पर कुल रिटर्न इससे कुछ ज्यादा होगा.

SGB की कीमत कैसे तय होती है?

RBI के मुताबिक SGB की समय से पहले निकासी कीमत 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कारोबारी दिनों के औसत क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय होती है. इस सीरीज के लिए 2, 3 और 4 सितंबर 2026 के सोने के औसत भाव को आधार बनाया गया है. इसी आधार पर 7 सितंबर की रिडेम्पशन कीमत ₹15,334 प्रति यूनिट तय हुई है.

SGB पर मिलता है ब्याज भी

SGB केवल सोने की कीमत बढ़ने से रिटर्न नहीं देता, बल्कि इसमें सालाना 2.50% की निश्चित ब्याज दर भी मिलती है. यह ब्याज निवेश की शुरुआती रकम पर मिलता है और साल में दो बार निवेशक के बैंक खाते में जमा किया जाता है.

SGB को भारत सरकार की ओर से RBI जारी करता है. इसमें निवेशक को फिजिकल सोना रखने के बजाय सोने की कीमत से जुड़ी सरकारी सिक्योरिटी मिलती है. इस वजह से निवेशकों को सोने में निवेश के साथ नियमित ब्याज का भी फायदा मिलता है.

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