टाटा मोटर्स ने Iveco के लिए टेंडर ऑफर किया लॉन्च, 14.10 यूरो प्रति शेयर का भाव; 7 सितंबर से 26 अक्टूबर तक मिलेगा मौका

Tata Motors ने Iveco Group के सभी सामान्य शेयरों को खरीदने के लिए 14.1 यूरो प्रति शेयर के नकद टेंडर ऑफर की शुरुआत कर दी है. ऑफर 7 सितंबर से 26 अक्टूबर तक चलेगा. 16 अक्टूबर को Iveco के शेयरधारक सौदे से जुड़े प्रस्तावों पर मतदान करेंगे. सौदा पूरा होने पर दोनों कंपनियों का संयुक्त Commercial Vehicle कारोबार 5,90,000 से ज्यादा वाहनों की सालाना बिक्री और करीब ₹2.28 लाख करोड़ से ज्यादा के राजस्व वाला ग्लोबल समूह बन सकता है.

टाटा मोटर्स Image Credit: @AI/Money9live

Highlights

  • Tata Motors ने Iveco के शेयरों के लिए 14.1 यूरो प्रति शेयर का नकद ऑफर दिया है.
  • ऑफर 7 सितंबर से 26 अक्टूबर तक और Iveco की शेयरधारक बैठक 16 अक्टूबर को होगी.
  • दोनों कंपनियों की संयुक्त सालाना बिक्री 5,90,000 से ज्यादा वाहन और राजस्व ₹2.28 लाख करोड़ से ज्यादा रहने की उम्मीद है.

Tata Motors-Iveco Deal: टाटा मोटर्स और इटली की कमर्शियल व्हीकल कंपनी Iveco Group के बीच प्रस्तावित सौदा अब अगले चरण में पहुंच गया है. सभी जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद Tata Motors ने Iveco के सभी जारी सामान्य शेयरों को खरीदने के लिए औपचारिक रूप से स्वैच्छिक टेंडर ऑफर शुरू कर दिया है. यह ऑफर 14.1 यूरो प्रति शेयर नकद के हिसाब से है. ऑफर की अवधि 7 सितंबर से शुरू होकर 26 अक्टूबर तक चलेगी, हालांकि लागू कानूनों के तहत इसे आगे बढ़ाया जा सकता है.

सभी मंजूरियों के बाद शुरू हुआ टेंडर ऑफर

टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी TML CV Holdings B.V. के जरिए यह ऑफर दिया जा रहा है. Iveco के बोर्ड ने सर्वसम्मति से इस सौदे का समर्थन किया है और शेयरधारकों से ऑफर स्वीकार करने की सिफारिश की है. Iveco के सबसे बड़े शेयरधारक Exor ने भी सौदे के समर्थन के लिए अपरिवर्तनीय प्रतिबद्धता दी है. Exor के पास Iveco के करीब 27.06% सामान्य शेयर और 43.19% वोटिंग अधिकार हैं. कंपनी ने अपनी हिस्सेदारी टेंडर करने पर भी सहमति जताई है.

यह कदम Tata Motors और Iveco को जरूरी Competition Clearances, Foreign Direct Investment Approval, Foreign Subsidies Regulation Clearance और सौदे से जुड़ी अन्य पूर्व मंजूरियां मिलने के बाद उठाया गया है.

16 अक्टूबर को शेयरधारकों की अहम बैठक

Iveco 16 अक्टूबर को Extraordinary General Meeting यानी असाधारण आम बैठक बुलाएगी. इसमें शेयरधारक सौदे से जुड़े प्रस्तावों पर मतदान करेंगे. टेंडर ऑफर के लिए सामान्य तौर पर 95% शेयरों की न्यूनतम स्वीकृति जरूरी है. हालांकि, अगर शेयरधारक असाधारण आम बैठक में प्रस्तावित Back-end Resolution को मंजूरी दे देते हैं, तो यह सीमा अपने आप घटकर 80% हो जाएगी.

अगर Tata Motors को कम से कम 95% शेयर मिल जाते हैं, तो वह बाकी शेयर खरीदने के लिए Dutch Legal Squeeze-out प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना रही है. वहीं, अगर उसकी हिस्सेदारी 80% से 95% के बीच रहती है, तो कंपनी शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन Post-offer Demerger और Liquidation प्रक्रिया आगे बढ़ाने का इरादा रखती है. ऑफर की अवधि खत्म होने के बाद अंतिम नतीजों की घोषणा की जाएगी. शुरुआती ऑफर अवधि में टेंडर किए गए शेयरों के लिए भुगतान 30 अक्टूबर को किया जाना है.

Tata Motors और Iveco मिलकर बनाएंगे बड़ा Commercial Vehicle Group

इस सौदे के पूरा होने के बाद Tata Motors के Commercial Vehicle कारोबार और Iveco को मिलाकर एक बड़ा ग्लोबल Commercial Vehicle Group तैयार होगा. दोनों कंपनियों की संयुक्त सालाना बिक्री 5,90,000 से ज्यादा वाहनों की होने की उम्मीद है. संयुक्त कारोबार का राजस्व करीब 21 अरब यूरो यानी ₹2.28 लाख करोड़ से ज्यादा रहने का अनुमान है.

भौगोलिक स्तर पर संयुक्त कारोबार में यूरोप की हिस्सेदारी करीब 46%, भारत की 32%, दक्षिण अमेरिका की 8% और दूसरे बाजारों की 14% रहने की उम्मीद है.

दोनों कंपनियों के कारोबार में सीमित ओवरलैप

कंपनियों के मुताबिक, दोनों के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और भौगोलिक बाजारों में ज्यादा ओवरलैप नहीं है. Tata Motors की भारत और दूसरे उभरते बाजारों में मजबूत मौजूदगी है, जबकि Iveco की यूरोप और लैटिन अमेरिका में महत्वपूर्ण उपस्थिति है.

Tata Motors का कहना है कि दोनों कारोबार के जुड़ने से नए समूह की वैश्विक मौजूदगी मजबूत होगी. साथ ही, दोनों कंपनियां अपने सप्लायर नेटवर्क और औद्योगिक क्षमताओं का इस्तेमाल करके अलग-अलग बाजारों में ग्राहकों को सेवाएं देने में सक्षम होंगी.

Tata Motors के लिए बड़ा विदेशी अधिग्रहण

Iveco के कमर्शियल व्हीकल कारोबार को हासिल करने का यह सौदा Tata Motors के लिए सबसे बड़े विदेशी अधिग्रहणों में से एक है. इसके जरिए कंपनी वैश्विक ट्रक और Commercial Vehicle बाजार में अपनी मौजूदगी को काफी विस्तार देगी. अब सभी जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने और टेंडर ऑफर शुरू होने के बाद सौदा अगले कुछ हफ्तों में शेयरधारकों की स्वीकृति और मतदान के चरण में आगे बढ़ेगा.

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