NSE IPO का बजेगा डंका! निवेशकों की कराएगा मोटी कमाई, 200 रुपए पहुंचा GMP

NSE IPO के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम 200 रुपए प्रति शेयर है, इस IPO का मकसद 30,000 करोड़ जुटाना है. SEBI से मंजूरी और पिछले रेगुलेटरी मामलों को दूर करने के बाद, ये आईपीओ शायद भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन जाएगा.

आईपीओ Image Credit: money9live

Highlights

  • 200 रुपए प्रति शेयर है ग्रे मार्केट प्रीमियम.
  • सेबी से मंजूरी से रास्ता हुआ साफ.
  • 30 हजार करोड़ का सबसे बड़ा IPO.

NSE IPO को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है, शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशक बेसब्री से इस आईपीओ के आने का इंतजार कर रहे हैं. अब आईपीओ वॉच के अनुसार, शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP 200 रुपए प्रति शेयर है. यह प्रीमियम इस इश्यू में इन्वेस्टर्स की मजबूत दिलचस्पी दिखाता है, हालांकि यह ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट ट्रेंड्स अनऑफिशियल हैं और IPO खुलने से पहले बदल सकते हैं.

ग्रे मार्केट की कीमतें अनऑफिशियल हैं और जरूरी नहीं कि ये IPO के फाइनल वैल्यूएशन को दिखाएं, जबकि फाइनल प्राइस बैंड मर्चेंट बैंकर्स कई फैक्टर्स पर विचार करने के बाद तय करते हैं.

SEBI से मंजूरी के बाद NSE का रास्ता साफ

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिलने के बाद लिस्टिंग प्रोसेस में एक अहम कदम आगे बढ़ाया है. इश्यू का साइज 30,000 करोड़ होने का अनुमान है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा IPO बना सकता है. इस वैल्यूएशन पर, NSE IPO भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफरिंग बन जाएगा, जो हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के 27,859 करोड़ के IPO और LIC के 20,557 करोड़ के इश्यू को पीछे छोड़ देगा.

मार्केट रेगुलेटर के साथ एक अपडेट के अनुसार, NSE को 4 सितंबर को सेबी के फाइनल ऑब्जर्वेशन मिले. देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज और दुनिया के सबसे एक्टिव डेरिवेटिव्स एक्सचेंज ने को-लोकेशन विवाद सहित कई सालों की रेगुलेटरी देरी के बाद जून में ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए.

सबसे पहले 2016 में पेपर्स हुए थे फाइल

लाइव मिंट के मुताबिक, NSE ने सबसे पहले 2016 में IPO पेपर्स फाइल किए, जिसके बाद यह को-लोकेशन स्कैंडल में फंस गया और इसपर कुछ खास ब्रोकर्स को अपने सर्वर का गलत एक्सेस देने का आरोप लगा. जैसे-जैसे मामला लंबा खिंचता गया, लीडरशिप में बदलाव के बीच IPO को रोक दिया गया.

जनवरी 2026 में नए मैनेजमेंट के तहत, NSE ने सेबी के साथ 1300 करोड़ का सेटलमेंट किया और अपने पेपर्स को फिर से फाइल करने की हरी झंडी मिल गई. DRHP के अनुसार, NSE IPO में मौजूदा इंस्टीट्यूशनल शेयरहोल्डर्स द्वारा 149 मिलियन इक्विटी शेयर्स तक की बिक्री का ऑफर शामिल है. इसका मतलब है कि NSE की पेड-अप कैपिटल का कुल 6 फीसदी नए इन्वेस्टर्स को ऑफर किया जा रहा है. इस ट्रांजैक्शन के हिस्से के तौर पर कोई नई इक्विटी कैपिटल जारी नहीं की जाएगी.

इस ट्रांज़ैक्शन से होने वाली कमाई पूरी तरह से बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को जाएगी, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, मॉर्गन स्टेनली, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, टेमासेक, बैंक ऑफ बड़ौदा, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल है.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ, म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है.

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