SIP में दिख रहा नुकसान? Mutual Fund बंद करने की गलती न करें, 5 साल में बदल जाएगा गेम!

कमजोर शुरुआत का मतलब यह नहीं है कि SIP लंबे समय में खराब रिटर्न देगी. हाल ही में एक रिपोर्ट के मुताबिक, 20 साल के एनालिसिस से पता चलता है कि ज्यादातर पांच साल के SIP पहले दो सालों में कमजोर या नेगेटिव रिटर्न से उबर गए और लगभग 69 फीसदी ने आखिरकार डबल-डिजिट सालाना रिटर्न दिया है.

Mutual Funds Image Credit: मनी9 लाइव

Highlights

  • शुरुआती खराब रिटर्न से न हों परेशान.
  • 5 वर्षीय SIP ने दिया डबल डिजिट रिटर्न.
  • 10 साल में नुकसान की गुंजाइश जीरो.

Mutual Funds में निवेश किया हुआ है लेकिन शुरुआती खराब परफॉर्मेंस निवेशकों के लिए SIP से बाहर निकलने का कारण नहीं होना चाहिए. ShareMarket by PhonePe की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 सालों के डेटा से पता चलता है कि 10 में से 7 पांच-साल के SIP ने डबल-डिजिट सालाना रिटर्न दिया, तब भी जब पहले दो सालों में मार्केट में कमजोर या नेगेटिव रिटर्न आया था.

रिपोर्ट में बताया गया है कि जून 2026 खत्म होने वाले दो दशकों के डेटा का एनालिसिस करने से निवेशकों को भरोसा मिलता है कि हाल ही में SIP में जो शॉर्ट-टर्म सुस्ती देखी गई है, वह कोई नई बात नहीं है और इन्वेस्टमेंट का समय बढ़ाने से नतीजों में काफी सुधार हो सकता है.

रुपी कॉस्ट एवरेजिंग मैकेनिज्म का जादू

इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, पिछले 20 सालों में, Nifty 500 TRI में दो-साल का सालाना SIP रिटर्न 25 फीसदी से ज्यादा मौकों पर 5 फीसदी से नीचे गिर गया है. अगर किसी इन्वेस्टर की SIP के शुरुआती दो सालों में नेगेटिव रिटर्न मिला, तो कुल पांच साल तक जारी रखने से पैसे डूबने का चांस जीरो हो गया. इनमें से लगभग 69 फीसदी मामलों में, 5 साल का सालाना रिटर्न डबल डिजिट में वापस आ गया. रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि SIP को तीन और साल (शुरुआती दो साल के खराब परफॉर्मेंस के बाद) बढ़ाने से रुपी कॉस्ट एवरेजिंग मैकेनिज्म ने अपना जादू चलाया.

जिन ग्रुप ने शुरुआती दो सालों के बाद नेगेटिव रिटर्न के साथ शुरुआत की, उनमें से 53 फीसदी मामलों में आखिर में 15 फीसदी से 20 फीसदी के बीच सालाना रिटर्न मिला. इससे भी जरूरी बात यह है कि अगर इन इन्वेस्टर्स ने पांचवें साल तक अपनी SIP जारी रखी तो रिटर्न कभी भी नेगेटिव नहीं रहा.

जीरो हुआ कैपिटल लॉस का रिस्क

जिन इन्वेस्टर्स को शुरुआत में मामूली 0 फीसदी से 5 फीसदी रिटर्न मिला, अगर उन्होंने पांच साल तक अपनी SIP जारी रखी तो उन्हें हमेशा 5 फीसदी से ज्यादा सालाना रिटर्न मिला. इनमें से लगभग 72 फीसदी मामलों में, रिटर्न डबल डिजिट में पहुंच गया. जिस किसी ने भी मार्केट में सात या 10 साल तक SIP किया है, उसने पहले कभी कैपिटल लॉस का रिस्क बिल्कुल जीरो कर दिया है. 10 साल के समय में, SIP ने लगभग 90 फीसदी बार डबल-डिजिट रिटर्न दिया है.

10 साल तक, 65 फीसदी बार SIP रिटर्न 10 फीसदी से 15 फीसदी रिटर्न बैंड के अंदर ही रहा है. जब 15 फीसदी से 20 फीसदी बैंड (26 फीसदी) के साथ मिलाया जाता है, तो 10 साल की SIP में पहले कभी डबल-डिजिट सालाना रिटर्न देने की 90 फीसदी संभावना रही है.

PhonePe में म्यूचुअल फंड्स के हेड नीलेश डी नाइक ने कहा, मार्केट साइकिल के साथ, इन्वेस्टर्स के लिए अपने म्यूचुअल फंड SIPs में शॉर्ट-टर्म सुस्ती की चिंता करना आम बात है. हालांकि, पिछले दो दशकों में SIP परफॉर्मेंस की हमारी स्टडी से यह पक्का होता है कि SIP के शुरुआती साल उसके आखिरी नतीजे को तय नहीं करते हैं.

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