NSE IPO पर बड़ा अपडेट, इसी महीने लिस्टिंग का अनुमान, अगले हफ्ते हो सकता है प्राइस बैंड का ऐलान

यह जानकारी भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा NSE को-लोकेशन और डार्क-फाइबर मामलों में रेगुलेटर की अपीलों को खारिज करने के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है. NSE ने जून में SEBI के पास IPO के लिए DRHP फाइल किया था.

एनएसई आईपीओ. Image Credit: money9 live AI image

Highlights

  • एक्सचेंज के IPO के रास्ते में एक बड़ी रेगुलेटरी बाधा दूर हो गई है.
  • NSE ने जून में SEBI के पास IPO के लिए DRHP फाइल किया था.
  • NSE ने IPO पर काम करने के लिए 20 बैंकों को नियुक्त किया है.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के लंबे समय से प्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को अगले सप्ताह सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से मंजूरी मिल सकती है. CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मंजूरी मिलने के तुरंत बाद NSE एक अपडेटेड प्रॉस्पेक्टस फाइल कर सकता है. NSE 11 सितंबर को IPO प्राइस बैंड की घोषणा कर सकता है, क्योंकि मैनेजमेंट का लक्ष्य 25 सितंबर को लिस्टिंग का है.

खत्म हुई रेगुलेटरी बाधा

यह जानकारी भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा NSE को-लोकेशन और डार्क-फाइबर मामलों में रेगुलेटर की अपीलों को खारिज करने के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिससे देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के IPO के रास्ते में एक बड़ी रेगुलेटरी बाधा दूर हो गई है.

जून में फाइल किया था DRHP

NSE ने जून में SEBI के पास IPO के लिए DRHP फाइल किया था. इसमें 14.89 करोड़ शेयरों तक की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) शामिल है, जो कंपनी की पेड-अप कैपिटल का लगभग 6% है.

यह इश्यू पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ है, जिसका मतलब है कि इससे मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगी. इस प्रस्तावित इश्यू की वैल्यू लगभग 30,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और यह भारत के सबसे बड़े IPOs में से एक हो सकता है.

पिछले हफ्ते सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि रेगुलेटर NSE IPO को मंजूरी देने के करीब है.

वैल्यूएशन

ब्लूमबर्ग ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से पहले बताया था कि NSE अपने IPO के जरिए 5.26 लाख करोड़ रुपये (55 अरब डॉलर) तक का वैल्यूएशन हासिल करना चाहती है.

NSE ने IPO पर काम करने के लिए 20 बैंकों को नियुक्त किया है, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, JM फाइनेंशियल लिमिटेड, मॉर्गन स्टेनली, HSBC होल्डिंग्स PLC और सिटीग्रुप इंक शामिल हैं.

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