इस कंपनी के शेयर में आई 4% से ज्यादा की तेजी, 5300 करोड़ रुपये का LoI मिलते ही स्टॉक बना रॉकेट; रखें नजर
Ceigall India के शेयर में शुक्रवार को 4% से ज्यादा की तेजी आई. कंपनी को REC पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी से 5,300 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट यानी LoI मिला है. गुजरात में मिलने वाले इस बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के तहत 765/400 केवी एयर-इंसुलेटेड सबस्टेशन और करीब 300 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइंस विकसित की जाएंगी.
Highlights
- Ceigall India के शेयर में 4% से ज्यादा की तेजी.
- 5,300 करोड़ रुपये का LoI मिलने के बाद स्टॉक 363.60 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंचा.
- प्रोजेक्ट का Execution 36 महीने में पूरा होने की उम्मीद है.
Ceigall India: स्मॉल-कैप स्टॉक सीगल इंडिया के शेयरों में शुक्रवार, 4 सितंबर को शुरुआती कारोबार के दौरान 4% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली. कंपनी की ओर से 5,300 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट मिलने की जानकारी दिए जाने के बाद शेयरों में यह उछाल आया. यह एलओआई आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड की ओर से जारी किया गया है. इस खबर के बाद सीगल इंडिया के शेयर लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करते दिखे.
बीएसई पर 363.60 रुपये तक पहुंचा शेयर
सीगल इंडिया का शेयर शुक्रवार को बीएसई पर 363.60 रुपये के भाव पर खुला. इससे पहले गुरुवार को शेयर 348.45 रुपये पर बंद हुआ था. कारोबार के दौरान शेयर 4.3% तक चढ़कर 363.60 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. कंपनी के शेयर में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब स्टॉक पहले से ही साल 2026 में मजबूत प्रदर्शन कर रहा है. निवेशकों की नजर अब कंपनी को मिले इस बड़े प्रोजेक्ट और इससे भविष्य में होने वाली संभावित आय पर है.
5,300 करोड़ रुपये का मिला लेटर ऑफ इंटेंट
सीगल इंडिया ने 3 सितंबर को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी से करीब 5,300 करोड़ रुपये का एलओआई मिला है. यह प्रोजेक्ट गुजरात में एक बड़े कॉमन ट्रांसमिशन सिस्टम के डेवलपमेंट से जुड़ा है.
एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह एलओआई “कॉमन ट्रांसमिशन सिस्टम फॉर एवैक्यूएशन ऑफ पावर फ्रॉम लाकाडिया (फेज-II: 7.5 GW), जाम खंभालिया (फेज-II: 5.5 GW), एंड जामनगर (फेज-I: 1 GW) – पार्ट-B” प्रोजेक्ट के लिए दिया गया है.
इस प्रोजेक्ट के तहत 765/400 केवी एयर-इंसुलेटेड सबस्टेशन (एआईएस) का डेवलपमेंट किया जाएगा. इसके साथ करीब 300 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइंस भी विकसित की जाएंगी. यह प्रोजेक्ट गुजरात में पावर एवैक्यूएशन और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
हर साल 608.67 करोड़ रुपये के ट्रांसमिशन चार्जेज
कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के ऑपरेशनल होने के बाद उसे हर साल 608.67 करोड़ रुपये के ट्रांसमिशन चार्जेज मिलेंगे. प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन को पूरा करने में करीब 36 महीने लगने की उम्मीद है. इसके बाद प्रोजेक्ट की ऑपरेशनल पीरियड 35 साल की होगी.
यानी कंपनी को लंबे समय तक ट्रांसमिशन चार्जेज से रेवेन्यू प्राप्त होने की संभावना है. इस तरह 5,300 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट सीगल इंडिया के लिए केवल एक बड़ा ऑर्डर नहीं है, बल्कि लंबे समय तक रेवेन्यू विजिबिलिटी देने वाला प्रोजेक्ट भी हो सकता है.
साल 2026 में शेयर ने दिया करीब 30% रिटर्न
सीगल इंडिया के शेयर ने साल 2026 में अब तक करीब 30% की तेजी दर्ज की है. इसके मुकाबले सेंसेक्स में इसी अवधि में करीब 10% की गिरावट आई है, जबकि बीएसई इंडस्ट्रियल्स इंडेक्स करीब 12% चढ़ा है. स्टॉक ने इस साल 30 जून को 405 रुपये का 52-वीक हाई बनाया था.
वहीं, 9 दिसंबर को शेयर 223 रुपये के 52-वीक लो पर पहुंचा था. मौजूदा तेजी के साथ निवेशकों का फोकस अब कंपनी के नए ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन और इससे मिलने वाली लंबी अवधि की रेवेन्यू विजिबिलिटी पर रहेगा.
यह भी पढ़ें: महंगे तेल ने कर दिया खेल, 3 महीने में कंपनियों ने घटा दी 25000 शेड्यूल फ्लाइट्स, आंकड़ों से समझिए गणित
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
Tata Motors का ₹41580 करोड़ का बड़ा दांव, Iveco Group डील को इटली की मंजूरी, अब शेयरधारकों की बारी
मार्जिन दमदार… O2C बिजनेस के लिए बेहतर माहौल, फिर 17% क्यों गिरा RIL का शेयर; किस चीज की मांग कर रहा बाजार?
ESDS Software की ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग! IPO प्राइस से 76% प्रीमियम पर हुआ डेब्यू, NSE पर 757 रुपये पर खुला शेयर
