क्या सच में FD से बेहतर है REIT? टैक्स, रिटर्न और जोखिम में कौन है असली किंग? यहां जानें पूरी सच्चाई

FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट को लोग सालों से सुरक्षित निवेश मानते आए हैं. वहीं अब REIT यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसकी वजह है ज्यादा रिटर्न, टैक्स में फायदा और नियमित कमाई का मौका. खासकर आज के समय में जब लोग सिर्फ सेविंग नहीं बल्कि ग्रोथ भी चाहते हैं, तब REIT एक नया विकल्प बनकर उभरा है. हालांकि दोनों के अपने फायदे और जोखिम हैं.

REIT vs FD Image Credit: Money9 live

REIT vs FD: अगर आप अपने पैसे को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अच्छा रिटर्न भी चाहते हैं, तो आपके सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि FD में निवेश करें या REIT में. FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट को लोग सालों से सुरक्षित निवेश मानते आए हैं. वहीं अब REIT यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसकी वजह है ज्यादा रिटर्न, टैक्स में फायदा और नियमित कमाई का मौका.

खासकर आज के समय में जब लोग सिर्फ सेविंग नहीं बल्कि ग्रोथ भी चाहते हैं, तब REIT एक नया विकल्प बनकर उभरा है. हालांकि दोनों के अपने फायदे और जोखिम हैं. इसलिए निवेश करने से पहले इनके फर्क को समझना जरूरी है ताकि आप अपने पैसे के लिए सही फैसला ले सकें.

रिटर्न में बड़ा फर्क

Groww के मुताबिक FD में आमतौर पर सालाना 5 से 6 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलता है. इसमें आपको निश्चित ब्याज मिलता है, जो पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है. वहीं REIT में पिछले 5 से 6 साल में औसतन 15 से 16 प्रतिशत तक का रिटर्न देखा गया है. इसमें करीब 7 प्रतिशत इनकम और 7 से 8 प्रतिशत कैपिटल ग्रोथ शामिल होती है.

REIT में कमाई कैसे होती है

REIT निवेशकों को “डिस्ट्रिब्यूशन” के रूप में पैसा देता है. इसमें डिविडेंड, ब्याज और कैपिटल रिटर्न शामिल होता है. उदाहरण के तौर पर अगर 20 रुपए का भुगतान होता है, तो इसमें से कुछ हिस्सा डिविडेंड, कुछ ब्याज और बाकी कैपिटल रिटर्न होता है. निवेशकों को कुल रिटर्न पर ध्यान देना चाहिए.

टैक्स में फायदा

Clear Tax के मुताबिक FD का ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है. यानी आपकी आय के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है. वहीं REIT में मिलने वाला डिविडेंड टैक्स फ्री हो सकता है. इससे निवेशकों को ज्यादा फायदा मिलता है. हालांकि बाकी हिस्सों पर टैक्स लागू हो सकता है. REIT की कमाई कमर्शियल प्रॉपर्टी से होती है. ये प्रॉपर्टी बड़ी कंपनियों को लंबे समय के लिए किराए पर दी जाती हैं. जैसे गूगल, अमेजन और IBM जैसी कंपनियां. इससे नियमित और स्थिर आय आती रहती है.

जोखिम भी समझें

REIT पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. इसमें प्रॉपर्टी खाली रहने या किरायेदार बदलने में समय लगने का जोखिम होता है. हालांकि अलग-अलग जगहों पर प्रॉपर्टी होने और लंबे कॉन्ट्रैक्ट के कारण जोखिम कम हो जाता है. FD के मुकाबले REIT में जोखिम थोड़ा ज्यादा होता है.

कैसे करें निवेश

REIT में निवेश शेयर बाजार की तरह किया जाता है. आप इसे BSE और NSE पर खरीद सकते हैं. निवेश से पहले यह देखना जरूरी है कि REIT किस तरह की प्रॉपर्टी में निवेश करता है और उसका पोर्टफोलियो कितना मजबूत है. REIT लंबे समय के निवेश और रिटायरमेंट के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें आपको नियमित इनकम के साथ-साथ ग्रोथ का भी मौका मिलता है. वहीं FD सुरक्षित जरूर है, लेकिन इसमें रिटर्न सीमित होता है.

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