विदेश घूमने जा रहे हैं? इन 5 पैसों वाली गलतियों से बचें, वरना बढ़ सकता है ट्रिप का खर्च
विदेश यात्रा के दौरान भारतीय पर्यटकों को करेंसी एक्सचेंज, TCS, टैक्सी, ट्रैवल इंश्योरेंस और पैसों की सुरक्षा से जुड़ी गलतियों से बचना चाहिए. एयरपोर्ट पर महंगे रेट से करेंसी बदलने से लेकर सारा पैसा एक ही जगह रखने तक, छोटी लापरवाही बजट बिगाड़ सकती है. यात्रा से पहले खर्च, पेमेंट और इमरजेंसी की तैयारी करना जरूरी है.

World Tourism Day 2026: विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं तो सिर्फ फ्लाइट और होटल का बजट बनाना काफी नहीं है. करेंसी बदलने का खर्च, एयरपोर्ट से शहर तक पहुंचने का किराया, ट्रैवल इंश्योरेंस और अचानक आने वाले खर्च आपकी पूरी ट्रिप का बजट बिगाड़ सकते हैं. खासकर अगर बजट सीमित है, तो छोटी-छोटी लापरवाही भी जेब पर भारी पड़ सकती है. यहां 5 ऐसी आम गलतियां हैं, जिनसे भारतीय यात्रियों को बचना चाहिए.
1. एयरपोर्ट पर करेंसी एक्सचेंज कराने से बचें
विदेश जाने पर एयरपोर्ट के करेंसी एक्सचेंज काउंटर से पैसे बदलना आसान जरूर लगता है, लेकिन यहां आमतौर पर रेट महंगा मिल सकता है. कुछ मामलों में चार्ज 10% से 12% तक पहुंच सकता है. इसलिए यात्रा से पहले अलग-अलग जगहों के करेंसी रेट और चार्ज की तुलना कर लें. जरूरत न हो तो एयरपोर्ट पर बड़ी रकम एक्सचेंज कराने से बचें. विदेशी करेंसी सरकारी और निजी बैंकों के साथ अधिकृत मनी एक्सचेंज सेंटर से भी ली जा सकती है. ट्रैवल कार्ड भी एक विकल्प है.
2. विदेशी यात्रा पर TCS के नियम नजरअंदाज न करें
विदेशी टूर पैकेज पर अब 2% की फ्लैट दर से TCS लागू है. यह पहले लागू 5% और 20% की व्यवस्था में बदलाव के बाद आया है.
हालांकि, यात्रा या विदेशी टूर पैकेज पर जमा किया गया TCS पूरी तरह रिफंडेबल या एडजस्टेबल है. इसे उस वित्त वर्ष की आयकर देनदारी के खिलाफ समायोजित किया जा सकता है, जिसमें यात्रा का खर्च हुआ है.
3. एयरपोर्ट से टैक्सी लेते समय रेट जरूर जांचें
विदेश पहुंचने के बाद एयरपोर्ट के बाहर मिलने वाली बिना मीटर वाली या महंगी टैक्सी आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है. खासकर तब, जब उस देश की करेंसी भारतीय रुपये के मुकाबले ज्यादा मजबूत हो.
इससे बचने के लिए पहले ही स्थानीय सार्वजनिक परिवहन की जानकारी ले लें. आधिकारिक एयरपोर्ट ट्रांसफर की बुकिंग करना या उस देश में चलने वाले राइड-हेलिंग ऐप का इस्तेमाल करना भी विकल्प हो सकता है.
4. इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंस को नजरअंदाज न करें
कुछ हजार रुपये बचाने के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस नहीं लेना विदेश यात्रा के दौरान महंगा पड़ सकता है. मेडिकल इमरजेंसी आने पर इलाज का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की, रूस, अमेरिका और क्यूबा जैसे कुछ देशों में विदेशी यात्रियों के लिए उनकी एंट्री शर्तों के मुताबिक इंश्योरेंस जरूरी है. ट्रैवल इंश्योरेंस बीमारी के अलावा यात्रा और फ्लाइट से जुड़ी दूसरी परेशानियों में भी मदद कर सकता है.
5. सारा पैसा और कार्ड एक ही जगह न रखें
यात्रा के दौरान अपना मुख्य कार्ड, बैकअप कार्ड और पूरी नकदी एक ही वॉलेट या बैग में रखना जोखिम भरा हो सकता है. अगर बैग खो गया या चोरी हो गया तो आपके पास पेमेंट का दूसरा विकल्प नहीं बचेगा.
इसलिए पैसे और कार्ड अलग-अलग सुरक्षित जगहों पर रखें. पासपोर्ट, ट्रैवल इंश्योरेंस की जानकारी और इमरजेंसी नंबर भी सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध जगह पर रखें.
विदेश में UPI भी आ सकता है काम
विदेश यात्रा के दौरान भारतीय यात्रियों के लिए UPI भी एक विकल्प बन रहा है. फिलहाल 11 अन्य देशों में UPI स्वीकार किया जा रहा है. ग्रीस और मालदीव इसके सबसे नए देशों में शामिल हैं. इसके अलावा कंबोडिया, भूटान, नेपाल, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, श्रीलंका, मॉरीशस और कतर में भी UPI स्वीकार किया जाता है.
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