EPFO Wage Ceiling: ₹15,000 से ₹25,000 हुआ वेज सीलिंग, अब PF का कितना बदलेगा हिसाब?
EPFO की वेज सीलिंग ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हो गई है. इससे पात्र कर्मचारियों की PF कटौती और नियोक्ता योगदान बढ़ सकता है. नई व्यवस्था का असर बेसिक सैलरी, DA और मौजूदा PF योगदान के आधार पर अलग-अलग होगा.
Highlights
- EPFO वेज सीलिंग बढ़कर अब ₹25,000 प्रति माह हो गई
- PF योगदान बढ़ने से इन-हैंड सैलरी पर असर पड़ेगा
- ज्यादा योगदान से कर्मचारी की रिटायरमेंट बचत बढ़ सकती है
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अनिवार्य PF कवरेज की वेज सीलिंग को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है. यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू हो गया है. इससे उन कर्मचारियों की PF गणना बदल सकती है, जिनका योगदान अब तक ₹15,000 की सीमा पर कैप था.
₹25,000 सैलरी पर कितना कटेगा PF?
नई व्यवस्था में अगर किसी कर्मचारी की PF योग्य वेज ₹25,000 है, तो कर्मचारी का योगदान 12% के हिसाब से ₹3,000 प्रति माह होगा. पहले ₹15,000 की सीमा पर यह योगदान ₹1,800 था. यानी ऐसे मामले में कर्मचारी के PF खाते में जाने वाली रकम बढ़ जाएगी.
नियोक्ता का हिस्सा भी बढ़ेगा. ₹25,000 की वेज पर नियोक्ता का EPF हिस्सा 3.67% के हिसाब से करीब ₹917 होगा, जबकि ₹2,083 यानी 8.33% EPS यानी पेंशन स्कीम में जा सकता है. इस तरह कर्मचारी और नियोक्ता को मिलाकर कुल अनिवार्य योगदान करीब ₹3,917 प्रति माह हो सकता है.
हर कर्मचारी की PF कटौती ₹3,000 नहीं होगी
वेज सीलिंग बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी का PF योगदान सीधे ₹1,800 से बढ़कर ₹3,000 हो जाएगा. PF की गणना कर्मचारी की PF योग्य वेज पर होती है. इसमें मुख्य रूप से बेसिक सैलरी, DA और लागू रिटेनिंग अलाउंस जैसे घटक शामिल होते हैं. इसलिए कर्मचारी के वेतन स्ट्रक्चर के हिसाब से असर अलग-अलग हो सकता है.
उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की PF योग्य वेज ₹20,000 है तो कर्मचारी का PF योगदान 12% यानी ₹2,400 हो सकता है. वहीं ₹25,000 की वेज पर यह राशि ₹3,000 होगी.
इन-हैंड सैलरी पर भी पड़ सकता है असर
जिन कर्मचारियों का PF पहले ₹15,000 की सीमा के आधार पर ₹1,800 था, उनकी PF कटौती बढ़ सकती है. इससे कुछ मामलों में इन-हैंड सैलरी कम हो सकती है. हालांकि, अतिरिक्त राशि कर्मचारी के PF खाते में जमा होगी और लंबे समय में रिटायरमेंट सेविंग बढ़ाने में मदद करेगी.
मसलन, अगर किसी कर्मचारी की PF योग्य वेज ₹22,000 है, तो पहले ₹1,800 PF कटता था. नई व्यवस्था में 12% के हिसाब से यह ₹2,640 हो सकता है. यानी कर्मचारी की मासिक PF कटौती ₹840 बढ़ सकती है.
नियोक्ता कर्मचारी से अपना PF हिस्सा नहीं वसूल सकता
नई व्यवस्था में नियोक्ता के योगदान की जिम्मेदारी नियोक्ता की ही रहेगी. वह अपने हिस्से के बढ़े हुए PF योगदान को कर्मचारी की सैलरी से काटकर वसूल नहीं सकता. कंपनियों को अपने पेरोल सिस्टम में नए नियम के अनुसार बदलाव करना होगा.
इस बदलाव का वास्तविक असर कर्मचारी की बेसिक सैलरी, DA, मौजूदा PF व्यवस्था और वेतन स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगा. इसलिए नई वेज सीलिंग लागू होने के बाद कर्मचारियों को अपनी सैलरी स्लिप में PF कटौती और PF योग्य वेज जरूर जांचनी चाहिए.
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