1191 में से 629 नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हुए, संसद में सरकार ने दी जानकारी

देश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की रफ्तार उम्मीद से धीमी रही है. सरकार ने संसद में बताया कि निर्माणाधीन 1,191 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में से 629 अपनी तय समय सीमा से पीछे चल रही हैं. वहीं खराब गुणवत्ता के कारण 2023 24 से 2025 26 के बीच 103 ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई.

देश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की रफ्तार उम्मीद से धीमी रही है. Image Credit: @tv9

National Highway Projects: देश में नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट की रफ्तार को लेकर सरकार ने संसद में अहम जानकारी दी है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस समय 1191 नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं. इनमें से 629 प्रोजेक्ट तय समय डेडलाइन के भीतर पूरी नहीं हो सकीं. सरकार ने यह भी बताया कि खराब क्वालिटी के काम पर कई ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. साथ ही हाईवे पर सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है.

629 हाईवे प्रोजेक्ट समय से पीछे

राज्यसभा में लिखित जवाब में नितिन गडकरी ने बताया कि देशभर में 1191 नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट अंडर कंस्ट्रक्शन हैं. इनमें से 629 प्रोजेक्ट अपनी तय डेडलाइन से आगे निकल चुकी हैं. हालांकि सरकार ने देरी की कोई खास वजह नहीं बताई. इन प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियां काम कर रही हैं.

खराब काम पर 103 ठेकेदारों पर कार्रवाई

सरकार ने बताया कि वर्ष 2023 24 से 2025 26 के दौरान 103 ठेकेदारों और कंसेशनायर पर खराब क्वालिटी के कारण कार्रवाई की गई. इनमें ब्लैकलिस्ट करने और जुर्माना लगाने जैसे कदम शामिल हैं. सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में क्वलिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

हाईवे पर आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम लागू होगा

सरकार ने चार लेन और उससे अधिक चौड़ाई वाले करीब 52647 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की योजना बनाई है. इसके तहत लोकल, रीजनल और नेशनल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाए जाएंगे. इससे ट्रैफिक की निगरानी, दुर्घटना प्रबंधन और डेटा एनालिसिस आसान होगा. पूरे नेटवर्क के लिए एकीकृत सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म भी तैयार किया जा रहा है.

6358 ब्लैक कॉरिडोर की पहचान

सरकार ने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच उपलब्ध दुर्घटना आंकड़ों के आधार पर 6358 ब्लैक कॉरिडोर की पहचान की गई है. ये ऐसे हिस्से हैं जहां लगातार गंभीर सड़क हादसे हुए हैं. इनकी पहचान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक से की गई है. सरकार इन स्थानों पर सुरक्षा उपाय मजबूत करने पर काम कर रही है.

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FASTag एनुअल पास का बढ़ रहा इस्तेमाल

सरकार ने बताया कि प्राइवेट कार, जीप और वैन के लिए FASTag आधारित एनुअल पास योजना 15 अगस्त 2025 से लागू है. वर्ष 2026 27 के लिए 3075 रुपये में यह पास एक साल या 200 टोल पार करने तक मान्य रहता है. जून 2026 तक 77 लाख से ज्यादा एनुअल पास जारी किए जा चुके हैं.

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