Adani Group का बड़ा प्लान! हर वर्ष ₹2 लाख करोड़ का ग्रीन निवेश, इस शेयर पर दिखेगा तगड़ा असर
अडानी ग्रुप ने आने वाले पांच साल के लिए बड़े निवेश की योजना बनाई है. समूह हर साल करीब ₹2 लाख करोड़ रुपये ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने की तैयारी कर रहा है. यह निवेश रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा.
भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और इसके साथ ही मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत भी बढ़ती जा रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए अडानी समूह आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर निवेश की तैयारी कर रहा है. समूह ने अगले पांच साल तक हर साल करीब ₹2 लाख करोड़ रुपये ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने की योजना बनाई है. यह निवेश रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा.
पांच साल में बड़ा निवेश का प्लान
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने एक मीडिया कॉन्क्लेव में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अडानी समूह का उद्देश्य भारत में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिल सके.
करण अडानी के मुताबिक, आने वाले पांच वर्षों में हर साल करीब ₹2 लाख करोड़ रुपये नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जाएंगे. इन परियोजनाओं में खास तौर पर रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली ट्रांसमिशन, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और डेटा सेंटर शामिल होंगे.
अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों का हाल
कंपनी के इस फैसले का सीधा असर अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों पर देखने को मिल सकता है. निवेशक इसपर अपना भरोसा बढ़ा सकते हैं और सेंटीमेंट पॉजिटिव हो सकता है.बीते पांच वर्षों में अडानी ग्रीन के शेयरों पर निवेशकों का भरोसा कमोजर ही हुआ है. 26 फीसदी के निगेटिव रिटर्न ने निवेशकों को हताश किया.
शुक्रवार को शेयर लाल निशान के साथ 861 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैप 1,41,781 करोड़ रुपये है.
मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की जरूरत
करण अडानी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में सप्लाई चेन को कई झटके लगे हैं. कोविड-19 महामारी से लेकर अलग-अलग भू-राजनीतिक संघर्षों ने वैश्विक व्यापार को प्रभावित किया है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट ने यह दिखा दिया है कि Strait of Hormuz, Suez Canal और Strait of Malacca जैसे समुद्री रास्ते कितने अहम हैं.
यह भी पढ़ें: Jet Fuel Price Surge: जेट फ्यूल महंगा होने से बढ़ सकते हैं फ्लाइट टिकट के दाम, गर्मियों की यात्रा पड़ सकती है महंगी
अगर इन रास्तों में रुकावट आती है तो इसका असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है. करण अडानी का कहना है कि ऐसे समय में देशों को मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जरूरत है. बंदरगाह, एयरपोर्ट, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के बेहतर तालमेल से सप्लाई चेन ज्यादा प्रभावी बन सकती है. उन्होंने कहा कि जब मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होता है तो व्यापार अपने आप बढ़ने लगता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
