AI डेटा सेंटर बूम से चमक सकते हैं ये 2 स्टॉक्स! ₹44500 करोड़ का ऑर्डर बुक; निवेशक रखें नजर

AI डेटा सेंटर बूम के बीच Welspun Corp और DEE Development Engineers जैसे स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर है. दोनों कंपनियां डेटा सेंटर, एनर्जी और कूलिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े पाइप और पाइपिंग सॉल्यूशंस कारोबार में मौजूद हैं. Welspun Corp का ग्लोबल ऑर्डर बुक करीब 42,100 करोड़ रुपये है, जबकि DDEL का ऑर्डर बुक 2,428 करोड़ रुपये है.

डेटा सेंटर Image Credit: Canva/ Money9

AI Data Centre Boom: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती डिमांड अब सिर्फ चिप्स, सर्वर्स और सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रह गई है. दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे डेटा सेंटर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती रिलायबल पावर सप्लाई और कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की बनती जा रही है. इसी वजह से AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी पाइप और पाइपिंग सॉल्यूशंस कंपनियों के लिए भी बड़ा अवसर तैयार हो रहा है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दो इंडियन कंपनियां इस बदलते AI इंफ्रास्ट्रक्चर साइकिल से फायदा उठाने की स्थिति में हैं. इनमें वेल्सपन कॉर्प और डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स शामिल हैं. दोनों कंपनियां डेटा सेंटर्स के लिए जरूरी एनर्जी और कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े पाइप और पाइपिंग सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती हैं. दोनों कंपनियों का कुल ऑर्डर बुक करीब 44,500 करोड़ रुपये है.

2030 तक डेटा सेंटर कैपेसिटी दोगुनी होने का अनुमान

AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डेटा सेंटर कैपेसिटी में तेजी से विस्तार हो रहा है. जेएलएल के अनुमान के मुताबिक, ग्लोबल डेटा सेंटर कैपेसिटी 2025 के 103 GW से बढ़कर 2030 तक करीब 200 GW हो सकती है. इस विस्तार को पूरा करने के लिए करीब 3 ट्रिलियन डॉलर तक इन्वेस्टमेंट की जरूरत पड़ सकती है. वहीं, 2026 में डेटा सेंटर इलेक्ट्रिसिटी कंजम्पशन में 26% की बढ़ोतरी का अनुमान है.

वेल्सपन कॉर्प को US डेटा सेंटर बूम का फायदा

वेल्सपन कॉर्प लार्ज-डायमीटर लाइन पाइप इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनियों में शामिल है. कंपनी की मौजूदगी इंडिया, US और सऊदी अरब में है. US लार्ज-डायमीटर लाइन पाइप मार्केट में इसकी हिस्सेदारी करीब 33-35% बताई गई है. US में डेटा सेंटर्स के लिए ऑन-साइट गैस पावर प्लांट्स बनाए जा रहे हैं.

इन पावर प्लांट्स को नेचुरल गैस सप्लाई से जोड़ने के लिए पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पड़ती है, जिससे वेल्सपन कॉर्प को फायदा मिल रहा है. US में गैस टर्बाइन प्रोजेक्ट्स का पाइपलाइन भी तेजी से बढ़ा है. अगले 4-5 वर्षों के लिए 300 से ज्यादा गैस टर्बाइन्स का ऑर्डर पाइपलाइन बताया गया है, जबकि दो साल पहले यह संख्या करीब 5-10 थी.

42,100 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक

वेल्सपन कॉर्प की US कैपेसिटी FY28 तक बुक्ड है. 20 अगस्त 2026 तक कंपनी का ग्लोबल ऑर्डर बुक करीब 42,100 करोड़ रुपये था. कंपनी को US प्लांट से पाइप्स सप्लाई करने के लिए 17,200 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर भी मिला है, जिसकी एक्जीक्यूशन FY28 और FY29 के दौरान होनी है.

डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स की भी मजबूत पोजीशन

दूसरी कंपनी डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स यानी DDEL है. यह प्रोसेस पाइपिंग सॉल्यूशंस में इंडिया की बड़ी कंपनियों में शामिल है और 27 से ज्यादा कंट्रीज में बिजनेस करती है. कंपनी के पास इंडिया और थाईलैंड में कुल 7 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं. इसकी प्रोसेस पाइपिंग कैपेसिटी 93,500 MT और हेवी फैब्रिकेशन कैपेसिटी 32,400 MT सालाना है.

डेटा सेंटर्स में सर्वर्स से पैदा होने वाली हीट को कंट्रोल करने के लिए कूलिंग और थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम्स जरूरी होते हैं. ऐसे में डेटा सेंटर कैपेसिटी में बढ़ोतरी से कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और उससे जुड़े पाइपिंग सॉल्यूशंस की डिमांड बढ़ने की संभावना है.

थाईलैंड प्लांट अगले 3 साल तक 100% बुक्ड

DDEL का थाईलैंड प्लांट ग्लोबल OEMs जैसे सीमेंस, GE और नूटर एरिक्सन को HRSG पाइपिंग सप्लाई करता है. यह प्लांट अगले तीन वर्षों के लिए 100% बुक्ड बताया गया है. HRSG से निकलने वाली हाई-प्रेशर स्टीम को स्टीम टर्बाइन तक पहुंचाने के लिए स्पेशलाइज्ड पाइपिंग सिस्टम्स की जरूरत होती है.

Q1FY27 में DDEL का रेवेन्यू 31.6% बढ़कर 294.5 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA 38.7% बढ़कर 49.7 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 22.4% बढ़कर 16.1 करोड़ रुपये पहुंच गया. 30 जून 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक 2,428 करोड़ रुपये था.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.