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UPI Payment: अगस्त में बना नया रिकॉर्ड, 24.51 अरब बार हुआ डिजिटल पेमेंट

अगस्त 2026 में UPI के जरिए 29.82 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जो रिकॉर्ड स्तर के करीब है. इस दौरान 24.51 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. पिछले साल अगस्त के मुकाबले ट्रांजैक्शन वैल्यू में 20 फीसदी और संख्या में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

सितंबर में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 1.8 फीसदी घटकर 2,407 करोड़ रही. Image Credit: Money9live/Canva

Highlights

  • अगस्त में UPI से 29.82 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ.
  • UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 24.51 अरब पहुंची, जो अब तक का रिकॉर्ड है.
  • सालाना आधार पर UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 22 फीसदी और वैल्यू 20 फीसदी बढ़ी.

देश में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल लगातार तेजी से बढ़ रहा है. अगस्त 2026 में UPI के जरिए करीब 29.8 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. यह आंकड़ा अब तक के सबसे ऊंचे स्तर के काफी करीब है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है. इस दौरान कुल 24.51 अरब ट्रांजैक्शन हुए. जुलाई में यह संख्या 23.66 अरब रही थी. सालाना आधार पर भी UPI के इस्तेमाल में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

29.82 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन

NPCI के अनुसार, अगस्त 2026 में UPI के जरिए कुल 29.82 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. जुलाई और मई 2026 में UPI ट्रांजैक्शन का वैल्यू करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था. इस लिहाज से अगस्त का आंकड़ा भी रिकॉर्ड के बेहद करीब रहा. पिछले साल अगस्त में UPI के जरिए 24.85 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था. यानी एक साल में ट्रांजैक्शन वैल्यू करीब 20 फीसदी बढ़ गई है.

ट्रांजैक्शन की संख्या ने बनाया नया रिकॉर्ड

अगस्त में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया. NPCI के आंकड़ों के अनुसार कुल 24.51 अरब ट्रांजैक्शन हुए. जुलाई में यह आंकड़ा 23.66 अरब था. जून में 22.72 अरब और मई में 23.2 अरब UPI ट्रांजैक्शन हुए थे. पिछले साल अगस्त में 19.63 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे. इस तरह सालाना आधार पर अगस्त में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या में करीब 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

रक्षाबंधन से भी बढ़ा डिजिटल पेमेंट

अगस्त में UPI ट्रांजैक्शन बढने की एक वजह रक्षाबंधन जैसे त्योहार भी रहे. त्योहार के दौरान लोगों के बीच पैसे भेजने और छोटे पेमेंट करने के मामलों में बढ़ोतरी हुई. रक्षाबंधन ने रोजमर्रा के P2P ट्रांजैक्शन और छोटे पेमेंट को बढ़ाने में मदद की. पिछले तीन महीनों में ट्रांजैक्शन की संख्या लगातार बढ़ने से UPI के इस्तेमाल का दायरा भी बढ़ता दिख रहा है. आने वाले त्योहारों से इसमें और तेजी आने की उम्मीद है.

11 देशों में पहुंचा UPI

UPI का इस्तेमाल अब भारत के बाहर भी तेजी से बढ़ रहा है. फिलहाल 11 देशों में UPI को स्वीकार किया जा रहा है. उज्बेकिस्तान हाल में UPI स्वीकार करने वाला नया देश बना है. इसके अलावा सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और ग्रीस में भी UPI का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ रही है.

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4000 गुना से ज्यादा बढ़ा UPI

UPI की शुरुआत 25 अगस्त 2016 को हुई थी. पिछले करीब 10 साल में इस सिस्टम ने भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर को पूरी तरह बदल दिया है. वित्त वर्ष 2016-17 में UPI के जरिए करीब 0.07 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था. वित्त वर्ष 2025 26 में यह आंकड़ा करीब 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. यानी एक दशक में UPI के जरिए होने वाले ट्रांजैक्शन का वैल्यू 4000 गुना से ज्यादा बढ़ गया है. आने वाले समय में UPI पर नए इस्तेमाल के मामले बढ़ने की उम्मीद है.