iPhone की बढ़ती बिक्री से चमक सकते हैं ये 2 शेयर, Apple से है कारोबारी कनेक्शन; रखें नजर
भारत में Apple की बढ़ती बिक्री और iPhone की मांग से जुड़ी कई कंपनियों पर निवेशकों की नजर है. Apple के साथ सप्लाई चेन और रिटेल कारोबार से जुड़ी Redington और Electronics Mart India इनमें शामिल हैं. Redington Apple के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का हिस्सा है और Q1FY27 में उसके टॉप फाइव वेंडर्स में Apple की हिस्सेदारी 31 फीसदी थी.

Apple के आईफोन की भारत में बढ़ती मांग का फायदा सिर्फ कंपनी को ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी भारतीय कंपनियों को भी मिल सकता है. Apple की मजबूत ब्रांड इमेज और प्रीमियम प्रोडक्ट की मांग लगातार बनी हुई है. भारत में आईफोन की बिक्री और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से उसकी सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों के कारोबार पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में रेडिंगटन और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया जैसी कंपनियां Apple के कारोबार से जुड़ी होने के कारण निवेशकों की नजर में हैं.
रेडिंगटन का Apple से क्या कनेक्शन है
रेडिंगटन भारत समेत कई देशों में टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट की सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है. कंपनी आईटी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और मोबाइल डिवाइस जैसे प्रोडक्ट के लिए सप्लाई चेन सॉल्यूशन देती है. रेडिंगटन का Apple के साथ लंबे समय से कारोबारी संबंध है. कंपनी भारत, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में Apple के अधिकृत नेशनल सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स में शामिल है. इसके जरिए Apple के प्रोडक्ट कई बाजारों और रिटेल चैनल तक पहुंचते हैं.
Apple रेडिंगटन के कारोबार में कितना अहम है
Apple रेडिंगटन के मोबिलिटी कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही में Apple कंपनी के टॉप फाइव वेंडर्स में शामिल था. इन टॉप फाइव वेंडर्स में Apple की हिस्सेदारी 31 फीसदी थी. इससे रेडिंगटन के कारोबार में Apple के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है. कंपनी का नेटवर्क 32 देशों में मौजूद है और 40 बाजारों में कारोबार करता है. Apple की भारत में मौजूदगी बढ़ने से रेडिंगटन के डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार पर भी असर पड़ सकता है.
Apple से कैसा संबंध
इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया देश की बड़ी मल्टी ब्रांड कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल कंपनियों में शामिल है. कंपनी टीवी, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों जैसे प्रोडक्ट की बिक्री करती है. कंपनी की मौजूदगी छह राज्यों के 95 शहरों में है. इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया का Apple से सीधा कारोबारी संबंध उसके आईक्यू बिजनेस के जरिए रहा है. इस बिजनेस के तहत कंपनी Apple के एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट स्टोर चलाती थी.
Apple का रिटेल कारोबार क्यों बदला
इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया ने अपनी रणनीति के तहत Apple के चार रिटेल स्टोर के ऑपरेशन को दूसरी कंपनी को ट्रांसफर कर दिया है. यह ट्रांसफर गोइंग कंसर्न आधार पर किया गया था और इसमें इन्वेंट्री शामिल नहीं थी. कंपनी अब अपने मुख्य मल्टी ब्रांड रिटेल कारोबार पर ज्यादा ध्यान दे रही है. हालांकि Apple के साथ उसका पुराना संबंध और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में मौजूदगी इसे Apple से जुड़ी कंपनियों में शामिल करती है.
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Apple की बढ़ती बिक्री से किसे फायदा
भारत में Apple की बढ़ती बिक्री और आईफोन की मांग से जुड़ी कई कंपनियों पर निवेशकों की नजर है. Apple के साथ सप्लाई चेन और रिटेल कारोबार से जुड़ी रेडिंगटन और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया इनमें शामिल हैं. रेडिंगटन Apple के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का हिस्सा है. वहीं जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही में उसके टॉप फाइव वेंडर्स में Apple की हिस्सेदारी 31 फीसदी थी. हालांकि निवेश से पहले कंपनियों के पूरे कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन को देखना जरूरी है.