2032 तक 7 गुना होगी बैटरी की डिमांड, इन 3 शेयरों की चमक सकती है किस्मत; फोकस में रखें स्टॉक

भारत में बैटरी की मांग 2032 तक करीब 7 गुना बढ़ने का अनुमान है. इलेक्ट्रिक वाहन, एनर्जी स्टोरेज और रिन्यूएबल एनर्जी के विस्तार से इस सेक्टर को मजबूत सपोर्ट मिल सकता है. ऐसे में Exide Industries, Amara Raja Energy & Mobility और HBL Engineering जैसी कंपनियां निवेशकों की नजर में हैं.

देश में बैटरी की मांग 2032 तक करीब 7 गुना बढ़ने का अनुमान है. Image Credit: money9live

देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल, एनर्जी स्टोरेज और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की तेजी के चलते बैटरी की मांग आने वाले वर्षों में कई गुना बढ़ने की उम्मीद है. इंडस्ट्री के अनुमान बताते हैं कि 2032 तक देश में बैटरी की मांग करीब 7 गुना तक पहुंच सकती है. इस बढ़ती मांग का फायदा उन कंपनियों को मिल सकता है जो बैटरी मटेरियल, लिथियम आयन सेल और एनर्जी स्टोरेज वैल्यू चेन में तेजी से निवेश कर रही हैं. ऐसे में निवेशकों की नजर कुछ चुनिंदा शेयरों पर बनी हुई है.

Exide Industries

Exide Industries देश की सबसे बड़ी बैटरी कंपनियों में शामिल है. कंपनी ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल बैटरी कारोबार में मजबूत मौजूदगी रखती है. अब कंपनी लिथियम आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग पर भी तेजी से काम कर रही है. गुजरात में गीगाफैक्ट्री प्रोजेक्ट पर निवेश किया जा रहा है, जिससे भविष्य में कंपनी को ईवी बैटरी बाजार का बड़ा फायदा मिल सकता है. मजबूत ब्रांड और व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क इसकी बड़ी ताकत मानी जाती है.

Amara Raja Energy

Amara Raja Energy एंड मोबिलिटी भी ट्रेडिशन लेड एसिड बैटरी से आगे बढ़कर लिथियम आयन बैटरी कारोबार में निवेश कर रही है. कंपनी तेलंगाना में गीगाकॉरिडोर विकसित कर रही है, जहां बैटरी सेल और बैटरी पैक का प्रोडक्ट होगा. इसके साथ कंपनी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और ईवी सेक्टर की बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारी में है. आने वाले वर्षों में यह विस्तार कंपनी की ग्रोथ को नई दिशा दे सकता है.

Uno Minda

ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली Uno Minda भी ईवी इकोसिस्टम में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है. कंपनी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, बैटरी पैक और ईवी से जुड़े कई प्रोडक्ट पर काम कर रही है. इलेक्ट्रिक टू व्हीलर और फोर व्हीलर बाजार में तेजी से बढ़ती मांग का फायदा कंपनी को मिल सकता है. कई वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी भी इसकी ग्रोथ में मदद कर रही है.

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बैटरी सेक्टर को मिल रहे कई बड़े सपोर्ट

सरकार की पीएलआई योजना, ईवी अपनाने पर जोर और रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने की योजना से बैटरी सेक्टर को लंबी अवधि का सपोर्ट मिल रहा है. एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की जरूरत बढ़ने से बैटरी मैन्युफक्चिरिंग कंपनियों के लिए बड़ा बाजार तैयार हो रहा है. यही वजह है कि विश्लेषकों का मानना है कि इस थीम से जुड़े मजबूत बिजनेस वाली कंपनियां आने वाले वर्षों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.