RBI ने 5 NBFC का लाइसेंस किया रद्द, 8 कंपनियों ने खुद सरेंडर किया सर्टिफिकेट

RBI ने पांच NBFC का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. इसके अलावा आठ NBFC ने अलग-अलग कारणों से अपना लाइसेंस वापस किया है. चार कंपनियों ने NBFI कारोबार से बाहर निकलने के कारण लाइसेंस लौटाया. कुछ कंपनियों का विलय या कानूनी अस्तित्व खत्म होने के कारण लाइसेंस वापस हुआ.

4 कंपनियों ने NBFI कारोबार से बाहर निकलने के कारण लाइसेंस सरेंडर किया. Image Credit: RBI

Highlights

  • 8 NBFC ने अलग अलग कारणों से लाइसेंस लौटाया.
  • 4 कंपनियों ने NBFI कारोबार से बाहर निकलने के कारण लाइसेंस सरेंडर किया.
  • 2 कंपनियों का विलय या कानूनी अस्तित्व खत्म होने से लाइसेंस वापस हुआ.

भारतीय रिजर्व बैंक ने पांच गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी NBFC के सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया है. RBI ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. इसके अलावा आठ NBFC ने अलग-अलग कारणों से अपना लाइसेंस वापस कर दिया है. इनमें कुछ कंपनियों ने NBFC कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया है. वहीं कुछ कंपनियां विलय या दूसरी वजहों से कानूनी इकाई नहीं रही हैं. RBI ने कुछ कंपनियों के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होने के कारण भी लाइसेंस वापस लेने की जानकारी दी है.

इन 5 NBFC का रजिस्ट्रेशन रद्द किया

RBI ने पांच NBFC का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन रद्द किया है. इनमें Dars Financial Services, Rolta Holding and Finance Corporation, Vasudeo Securities, Parsoli Corporation और A C Choksi Financial Services शामिल हैं. इन कंपनियों को अब RBI के NBFC रजिस्ट्रेशन के तहत कारोबार करने की अनुमति नहीं होगी. RBI ने अपने आदेश में इन कंपनियों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की जानकारी दी है.

8 NBFC ने खुद लौटाया लाइसेंस

RBI के अनुसार, आठ NBFC ने अपना सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन वापस कर दिया है. इनमें Anupam Mercantile, Grand Motor and Finance, Sky Limit International Finance और ASA International India Microfinance शामिल हैं. इन कंपनियों ने NBFI यानी गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान का कारोबार बंद करने के कारण लाइसेंस वापस किया है. इसका मतलब है कि इन कंपनियों ने खुद इस कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया है.

कंपनी बंद होने से लाइसेंस वापस

Shivam Securities और April Investment and Finance ने भी अपना लाइसेंस वापस किया है. RBI के मुताबिक इन कंपनियों का विलय या दूसरी कानूनी प्रक्रिया के कारण अलग अस्तित्व समाप्त हो गया है. इसमें अमलगमेशन, मर्जर, डिसॉल्यूशन और वॉलंटरी स्ट्राइक ऑफ जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं. इसलिए इनके पास NBFC के तौर पर कारोबार जारी रखने का आधार नहीं रहा. इसी वजह से इनका सर्टिफिकेट वापस किया गया है.

अब NBFC रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं

RBI ने बताया कि Anagram Industries ने इसलिए लाइसेंस वापस किया क्योंकि वह बिना रजिस्ट्रेशन वाले कोर इंवेस्टमेंट कंपनी के लिए तय मानकों को पूरा करती है. ऐसी कंपनी के लिए RBI के NBFC रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती. इसी तरह CDN Finance ने भी टाइप I NBFC के लिए तय बिना रजिस्ट्रेशन वाले मानकों को पूरा किया है. इसलिए इस कंपनी ने भी अपना सर्टिफिकेट वापस कर दिया.

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RBI की कार्रवाई का क्या मतलब है

RBI का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन किसी NBFC को वित्तीय कारोबार करने के लिए रेगुलेटरी अनुमति देता है. जब RBI किसी कंपनी का रजिस्ट्रेशन रद्द करता है या कंपनी खुद लाइसेंस वापस करती है तो इसका मतलब है कि वह कंपनी अब उस रजिस्ट्रेशन के आधार पर NBFC कारोबार नहीं कर सकती. हालांकि हर मामले का कारण अलग है. कुछ कंपनियों ने कारोबार से बाहर निकलने के कारण लाइसेंस लौटाया है, जबकि कुछ मामलों में विलय या रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं रहने के कारण ऐसा हुआ है.