Suzlon Energy Q1: प्रॉफिट में 6 फीसदी की गिरावट, रेवेन्यू में उछाल; कंपनी को मिला रिकॉर्ड ऑर्डर

Suzlon Energy Q1 Results: सुजलॉन ने पहली तिमाही में अब तक की सबसे अधिक 506 MW की डिलीवरी की जानकारी दी, जो साल-दर-साल 14% अधिक है. इस तिमाही में सुजलॉन को लगभग 1 GW के नए ऑर्डर मिले, जो एक रिकॉर्ड है.

सुजलॉन के वित्तीय नतीजे. Image Credit: Piotr Swat/SOPA Images/LightRocket via Getty Images

Suzlon Energy Q1 Results: रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशन देने वाली कंपनी सुजलॉन एनर्जी ने मंगलवार 28 जुलाई को मार्केट के समय के दौरान जून 2026 (Q1 FY27) में खत्म हुई पहली तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के 324 करोड़ रुपये के मुकाबले 6 फीसदी घटकर 305 करोड़ रुपये हो गया.

प्रॉफिट में गिरावट के बावजूद, बिजनेस एक्टिविटी बढ़ने की वजह से Q1 FY27 में ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू 22.5 फीसदी बढ़कर 3,819 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 3,117 करोड़ रुपये था.

EBITDA मार्जिन

कंपनी का EBITDA पिछले साल की इसी तिमाही के 599 करोड़ रुपये से मामूली रूप से घटकर 595 करोड़ रुपये हो गया. नतीजतन, EBITDA मार्जिन 19.2 फीसदी से घटकर 15.6 फीसदी हो गया.

सबसे अधिक डिलीवरी

सुजलॉन ने पहली तिमाही में अब तक की सबसे अधिक 506 MW की डिलीवरी की जानकारी दी, जो साल-दर-साल 14% अधिक है, जबकि कमीशनिंग 2.3 गुना बढ़कर 269 MW हो गई. कंपनी का कुल ऑर्डर बुक 6.1 GW था, जिसमें से 84 फीसदी ऑर्डर पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) और कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) सेगमेंट से मिले थे.

कंपनी को मिले रिकॉर्ड ऑर्डर

इस तिमाही में सुजलॉन को लगभग 1 GW के नए ऑर्डर मिले, जो एक रिकॉर्ड है. इनमें टाटा पावर और वारी ग्रुप से मिले दो बड़े EPC ऑर्डर भी शामिल हैं. अपनी मार्केट स्ट्रैटेजी के अनुसार, कंपनी के ऑर्डर बुक में EPC ऑर्डर का हिस्सा Q1 FY26 के 22% से बढ़कर 32% हो गया.

कंपनी ने भारत और यूरोप में अपना नया S175 (5 MW) विंड टर्बाइन प्लेटफॉर्म भी पेश किया और भारत में इस प्लेटफॉर्म के लिए अपना पहला ऑर्डर हासिल किया. इसके अलावा, सुजलॉन ने अपनी ‘सुजलॉन 2.0’ स्ट्रैटेजी लॉन्च की, जिसके तहत उसने अपने कामकाज को चार बिजनेस वर्टिकल- RE Tech, RE DevCo, RE Projects और RE AMS में पुनर्गठित किया.

सुजलॉन 2.0 पर चल रहा काम

इस तिमाही के बारे में बात करते हुए सुजलॉन ग्रुप के वाइस चेयरमैन गिरीश तांती ने कहा कि कंपनी अपनी ‘सुजलॉन 2.0’ रणनीति के साथ ग्रोथ के अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है. उन्होंने कहा, ‘सुजलॉन पहले से कहीं ज़्यादा मजबूत है और हम अपने भविष्य में निवेश करने के लिए इस मजबूती का लाभ उठा रहे हैं. सुजलॉन 2.0 पर काम चल रहा है, जिसके तहत हम विंड-बेस्ड RE (रिन्यूएबल एनर्जी) समाधानों के साथ विकास के चार रणनीतिक इंजन तैयार कर रहे हैं, अपनी टेक्नोलॉजी को मजबूत कर रहे हैं और ग्राहकों के साथ लंबे समय तक चलने वाली पार्टनरशिप पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.’

तांती ने आगे कहा कि कंपनी की विकास की नई पहल तेजी पकड़ रही हैं. S175-5.x MW प्लेटफॉर्म ने जबरदस्त शुरुआत की है और S144-3.x MW प्लेटफॉर्म को भी अच्छे ऑर्डर मिल रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सुजलॉन ने इस तिमाही के दौरान मौजूदा ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत किया और क्लाइंट्स की एनर्जी ट्रांजिशन योजनाओं में मदद करने के लिए नई पार्टनरशिप भी कीं.

शेयर का हाल

सुजलॉन के शेयर मंगलवार को दोपहर 2:40 बजे 8.96 फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ 48.39 रुपये पर कारोबार कर रहे थे.

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