ब्रेंट क्रूड $91 से नीचे, Eternal, JK Tyre, Asian Paints के शेयरों में बंपर उछाल; OMCs के स्टॉक्स भी बने रॉकेट

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 5 फीसदी गिरकर 91 डॉलर प्रति बैरल हो गई. यह गिरावट तब आई जब ईरान ने रविवार को कहा कि वह अपने हमले तब तक रोक देगा जब तक अमेरिका भी ऐसा ही करेगा. टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी देखी गई.

इन शेयरों में जोरदार तेजी. Image Credit: TV9 Bharatvarsh & Canva

वेस्ट एशिया में तनाव कम होने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिसके बाद सोमवार को क्रूड ऑयल से जुड़ी कंपनियों- जैसे ऑयल मार्केटिंग, एविएशन, पेंट, टायर और फ़ूड डिलीवरी, के शेयरों में 6 फीसदी तक की बढ़त देखी गई. ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 5 फीसदी गिरकर 91 डॉलर प्रति बैरल हो गई. यह गिरावट तब आई जब ईरान ने रविवार को कहा कि वह अपने हमले तब तक रोक देगा जब तक अमेरिका भी ऐसा ही करेगा.

तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के शेयरों में 2 फीसदी से अधिक की बढ़त आई. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर लगभग 3 फीसदी चढ़े और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के शेयरों में करीब 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

मार्जिन को मिलता है सपोर्ट

डाउनस्ट्रीम ऑयल मार्केटिंग कंपनियों – जो क्रूड ऑयल को रिफाइन करती हैं और पेट्रोलियम प्रोडक्ट बेचती हैं, को क्रूड की कम कीमतों से फायदा होता दिख रहा है, क्योंकि इससे इनपुट कॉस्ट कम होती है और मार्जिन को सपोर्ट मिलता है.

Eternal और Swiggy में बंपर उछाल

फ़ूड डिलीवरी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी आई, जिसमें Eternal और Swiggy दोनों में 5 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई. उम्मीद है कि ईंधन की कम कीमतों से डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, जिससे उनके ऑपरेटिंग मार्जिन को सहारा मिल सकता है.

पेंट कंपनियों के शेयर उछले

पेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी तेजी रही, क्योंकि कच्चे तेल की कम कीमतों से पेट्रोकेमिकल-आधारित कच्चे माल की लागत कम हो जाती है, जिनका इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग में होता है. Asian Paints में 2.8 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि Kansai Nerolac के शेयरों में 6 फीसदी तक की तेजी आई.

टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी

टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी देखी गई. JK Tyre के शेयर में 2 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि CEAT और Apollo Tyres के शेयरों में 1 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई. टायर बनाने वाली कंपनियां कच्चे तेल से बनने वाले सिंथेटिक रबर और दूसरे पेट्रोकेमिकल इनपुट पर निर्भर करती हैं, जबकि ईंधन की कम कीमतें ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स की लागत कम करने में भी मदद करती हैं.

कच्चे तेल की कम कीमतों को भारत के लिए अच्छा माना जाता है, क्योंकि भारत इस कमोडिटी का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है. कम कीमतों से महंगाई का दबाव कम करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और कंपनियों का मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलती है.

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