BSE के शेयर में जोरदार तेजी, प्रॉफिट बुकिंग का ये सही समय या फिर अभी होल्ड करें? जानें- एक्सपर्ट की सलाह

BSE Share Outlook: सोने और चांदी पर आयात शुल्क में हुई भारी बढ़ोतरी ने परोक्ष रूप से BSE के शेयर की कीमत को सहारा दिया, क्योंकि बुलियन की कीमतें बढ़ने पर आमतौर पर वित्तीय बाजारों में ट्रेडिंग की गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं.

बीएसई के शेयर Image Credit: Getty image

BSE Share Outlook: भारत सरकार के सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद BSE के शेयर गुरुवार को NSE पर लगभग 4 फीसदी बढ़कर अपने रिकॉर्ड हाई 4,032.9 रुपये पर पहुंच गए और पहली बार 4000 रुपये का आंकड़ा पार कर लिया. यह इस स्टॉक के लिए लगातार दूसरा बढ़त वाला सेशन है. सरकार ने सोने और चांदी के इंपोर्ट की कई कैटेगरी पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर 10% कर दिया है. साथ ही 5% का एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) भी लगाया है, जिससे कुल प्रभावी इंपोर्ट टैक्स बढ़कर 15 फीसदी हो गया है.

सरकार के इस कदम का मकसद कीमती धातुओं के इंपोर्ट को कम करना, व्यापार घाटे को घटाना और रुपये को सहारा देना है.

BSE के शेयरों को कैसे मिला सहारा?

सोने और चांदी पर आयात शुल्क में हुई भारी बढ़ोतरी ने परोक्ष रूप से BSE के शेयर की कीमत को सहारा दिया, क्योंकि बुलियन की कीमतें बढ़ने पर आमतौर पर वित्तीय बाजारों में ट्रेडिंग की गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं. जब सरकार आयात शुल्क बढ़ाती है, तो घरेलू सोने और चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं, क्योंकि आयातित कीमती धातुएं महंगी हो जाती हैं. कीमतों में इस तरह के तेज उतार-चढ़ाव अक्सर उन ट्रेडर्स और निवेशकों को आकर्षित करते हैं जो बाजार की अस्थिरता का फायदा उठाना चाहते हैं, जिससे कमोडिटी और डेरिवेटिव्स बाजारों में भागीदारी बढ़ जाती है.

एक्सचेंज से जुड़ी कंपनियों को फायदा

बाजार में अधिक हलचल से आम तौर पर एक्सचेंज से जुड़ी कंपनियों को फायदा होता है, क्योंकि उनकी कमाई सीधे तौर पर ट्रेडिंग वॉल्यूम और ट्रांजेक्शन चार्ज से जुड़ी होती है. इसलिए, जब कमोडिटी बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, तो निवेशक BSE और Multi Commodity Exchange of India जैसे शेयरों को लेकर पॉजिटिव हो सकते हैं.

जहां एक तरफ MCX को कमोडिटी फ़्यूचर्स ट्रेडिंग में अपनी मजबूत पकड़ की वजह से सीधा फायदा होता है, वहीं दूसरी तरफ बाजार में बढ़ती भागीदारी और ज्यादा ट्रेडिंग टर्नओवर से BSE जैसे कैपिटल मार्केट इंफ़्रास्ट्रक्चर शेयरों को भी बढ़त मिल सकती है.

BSE Q4 के नतीजे

BSE ने FY26 की मार्च तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया. कंपनी ने 797 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में दर्ज 494 करोड़ रुपये के मुकाबले 61% की सालाना बढ़ोतरी है. Q4FY26 में एक्सचेंज का रेवेन्यू पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 847 करोड़ रुपये के मुकाबले 85 फीसदी बढ़कर 1,564 करोड़ रुपये हो गया.

तिमाही-दर-तिमाही आधार पर, नेट प्रॉफिट Q3FY26 में दर्ज 602 करोड़ रुपये से 32 फीसदी बढ़कर 797 करोड़ रुपये हो गया, जबकि रेवेन्यू दिसंबर तिमाही में दर्ज 1,244 करोड़ रुपये से 26% बढ़कर 1,564 करोड़ रुपये हो गया.

एक्सपर्ट की क्या है सलाह?

लक्ष्मीश्री सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च, अंशुल जैन ने बीएसई के शेयर पर अपनी राय दी. उन्होंने शेयर के 4000 रुपये के टारगेट हिट करने के बाद प्रॉफिट बुकिंग की सलाह दी है. हालांकि, साथ ही उन्होंने कहा कि शेयर अभी 4300 रुपये के लेवल तक जाता हुआ नजर आ रहा है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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