सोने में गिरावट, चांदी ₹5000 से ज्यादा फिसली! क्या Kevin Warsh की नियुक्ति से बदल जाएगा बाजार का मूड?

14 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. भारतीय बाजार में गोल्ड ₹640 और चांदी ₹5,000 से ज्यादा टूटी. विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रॉफिट बुकिंग, बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी और ट्रंप समर्थित केविन वॉर्श के फेड चेयरमैन बनने से बाजार में दबाव बढ़ा है.

सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. Image Credit: money9 live AI image

Gold Silver Price Today 14 May: आज 14 मई 2026 को सोने और चांदी के बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है. भारत के घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक, सोने की चमक आज फीकी पड़ी है, हालांकी चांदी अभी भी स्थिर है. जहां भारतीय बाजार में प्रॉफिट बुकिंग का हावी होना कीमतों को नीचे खींच रहा है, वहीं वैश्विक स्तर पर ट्रंप के करीबी केविन वॉर्श के फेडरल चेयरमैन बनने के फैसले का असर मेटल पर पड़ता दिख रहा है.

बुलियन मार्केट में सोने-चांदी का क्या है हाल?

आज भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख है. बुलियन मार्केट में सोना ₹640 गिरकर ₹1,62,240 प्रति 10 ग्राम पर है, जबकि MCX पर भी इसमें ₹476 की कमी आई है और यह ₹1,61,710 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है. वहीं चांदी की बात करें तो बुलियन बाजार में यह ₹5,010 लुढ़ककर ₹2,95,990 प्रति किलो पर आ गई है और MCX वायदा में भी ₹4,737 की बड़ी गिरावट के साथ यह ₹2,95,501 पर बनी हुई है.

ग्लोबल मार्केट का हाल

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, स्पॉट गोल्ड $4,675.56 (-0.08%) पर मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी 1.83 फीसदी तेजी के साथ $86.52 साथ मजबूत स्तर पर बना हुआ है.

क्यों है बाजार में ये गिरावट?

1. फेडरल रिजर्व के नए बॉस का खौफ

अमेरिकी सीनेट ने केविन वॉर्श (Kevin Warsh) को फेडरल रिजर्व का नया चेयरमैन नियुक्त किया है. वॉर्श को ट्रंप का बेहद करीबी और ‘हॉकिश’ (कठोर नीति वाला) माना जाता है. बाजार में यह सस्पेंस गहरा गया है कि वॉर्श के आने के बाद ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो जाएंगी, जिससे डॉलर और भी मजबूत होगा और बिना ब्याज वाले एसेट जैसे सोने की मांग घट जाएगी.

आज की गिरावट को बाजार विश्लेषकों ने 30 जनवरी 2026 की उस ऐतिहासिक गिरावट से जोड़कर देख रहा है, जब केविन वॉर्श के नामांकन मात्र से चांदी 37% और सोना 9% तक टूट गया था

2. ‘प्रॉफिट बुकिंग’ और सरकारी सख्ती

भारत सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% करने के बाद पिछले सत्र में जो उछाल आया था, आज निवेशकों ने उस बढ़े हुए दाम पर मुनाफा वसूली शुरू कर दी है. इसके अलावा, पीएम मोदी द्वारा नागरिकों से सोने की खरीद कम करने की अपील का असर भी भौतिक मांग (Physical Demand) पर पड़ा है.

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फिलहाल बाजार ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है. ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली आगामी बैठक और केविन वॉर्श के पहले आधिकारिक बयान पर ही अब सोने की अगली दिशा तय होगी.