20 हजार रुपये की तेजी के साथ 3 लाख के करीब पहुंची चांदी, ₹8000 से ज्यादा महंगा हुआ सोना

सरकार द्वारा आयात शुल्क और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने के बाद घरेलू बाजार में कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली. दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 8550 रुपये महंगा होकर 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया. वहीं चांदी 20500 रुपये बढ़कर 2.97 लाख रुपये प्रति किलो हो गई.

सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने के बाद घरेलू बाजार में कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली. Image Credit: Canva/ Money9

Gold Silver Today: सरकार द्वारा सोना और चांदी परआयात शुल्क और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस बढ़ाने के बाद घरेलू बाजार में कीमती मेटल्स की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला. दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 8550 रुपये महंगा होकर 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया. वहीं चांदी की कीमत में 20500 रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई. सरकार ने आयात शुल्क और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. सरकार का कहना है कि इसका मकसद गैर जरूरी आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा पर दबाव घटाना है. पश्चिम एशिया संकट और कमजोर रुपये की वजह से भी कीमतों पर असर देखने को मिल रहा है.

सोने की कीमत में भारी उछाल

दिल्ली बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 8550 रुपये महंगा होकर 1 लाख 65 हजार 350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इससे पहले इसका भाव 1 लाख 56 हजार 800 रुपये था. आयात शुल्क बढ़ने से घरेलू बाजार में सोना और महंगा हो सकता है. आने वाले दिनों में इसका असर खरीदारी पर भी दिखाई दे सकता है. निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बनी हुई है.

चांदी ने भी लगाई बड़ी छलांग

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. दिल्ली बाजार में चांदी 20500 रुपये महंगी होकर 2 लाख 97 हजार 500 रुपये प्रति किलो पहुंच गई. पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 2 लाख 77 हजार रुपये प्रति किलो था. बाजार जानकारों का कहना है कि आयात शुल्क बढ़ने और रुपये की कमजोरी की वजह से चांदी की कीमतों में तेजी आई है. औद्योगिक मांग का असर भी कीमतों पर दिखाई दे रहा है.

सरकार ने क्यों बढ़ाया आयात शुल्क

सरकार ने आयात शुल्क और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. वहीं प्लैटिनम पर शुल्क 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 15.4 फीसदी किया गया है. सरकार का मानना है कि इससे गैर जरूरी आयात कम होगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी. पश्चिम एशिया संकट और बढ़ते आयात बिल के बीच यह फैसला लिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोने की खरीद पर कंट्रोल और बचत बढ़ाने की अपील की थी.

ये भी पढ़ें- सेंसेक्स छू सकता है 89000 का आंकड़ा, मॉर्गन स्टेनली का अनुमान, पसंदीदा कंपनियों की बताई लिस्ट

कमजोर रुपये से बढ़ी परेशानी

जानकारों का मानना है कि कमजोर रुपये ने भी सोना और चांदी की कीमतों को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है. डॉलर के मुकाबले रुपया 95.80 के निचले स्तर तक पहुंच गया. विदेशी मुद्रा के आउटफ्लो और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से रुपये पर दबाव बना हुआ है. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कीमती धातु उपभोक्ता देश है. ऐसे में आयात महंगा होने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है.