सेंसेक्स छू सकता है 89000 का आंकड़ा, मॉर्गन स्टेनली का अनुमान, पसंदीदा कंपनियों की बताई लिस्ट
ग्लोबल ब्रोकरेज ने कहा कि उसके बेस केस के अनुमान के मुताबिक, जून 2027 तक सेंसेक्स 89,000 के स्तर पर पहुंच जाएगा, जिसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से इसमें 15 फीसदी की बढ़त हो सकती है. मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भू-राजनीतिक तनावों ने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है.
मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय इक्विटीज को लेकर अपना आउटलुक अधिक पॉजिटिव कर लिया है. एक नई स्ट्रैटेजी नोट में उसने घरेलू साइक्लिकल्स, बैंकों और खपत से जुड़ी कंपनियों का सपोर्ट किया है, क्योंकि ब्रोकरेज को उम्मीद है कि छह तिमाहियों की सुस्ती के बाद कमाई में फिर से तेजी आएगी. ग्लोबल ब्रोकरेज ने कहा कि उसके बेस केस के अनुमान के मुताबिक, जून 2027 तक सेंसेक्स 89,000 के स्तर पर पहुंच जाएगा, जिसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से इसमें 15 फीसदी की बढ़त हो सकती है.
बाजार की पसंद
12 मई को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी पूंजी खर्च, बढ़ती खपत और आसान मौद्रिक स्थितियों से जुड़े सेक्टर अगले 12 से 18 महीनों तक बाजार की पसंद बने रह सकते हैं. मॉर्गन स्टेनली ने फाइनेंशियल, इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी शेयरों पर अपनी ‘ओवरवेट’ (ज्यादा निवेश) की राय बरकरार रखी, जबकि एनर्जी, हेल्थकेयर और मटीरियल्स सेक्टर को लेकर वह सतर्क रहा.
ब्रोकरेज की पसंदीदा कंपनियां
ब्रोकरेज की पसंदीदा कंपनियों की सूची में, अडानी पावर, लार्सन एंड टुब्रो, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस और मारुति सुजुकी इंडिया खास तौर पर शामिल हैं.
मॉर्गन स्टेनली ने अपने पॉजिटिव रुख को भारत के कैपिटल एक्सपेंडिचर सायकिल के अगले चरण से जोड़ा है, विशेष रूप से एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा केंद्रों के क्षेत्र में.
मॉर्गन स्टेनली का अनुमान
मॉर्गन स्टेनली के बेस केस के अनुसार, जून 2027 तक सेंसेक्स के 89,000 के स्तर पर पहुंचने की 50 फीसदी संभावना है. ब्रोकरेज के बुल केस में इंडेक्स को 1,00,000 पर रखा गया है, जबकि बेयर केस में यह 66,000 पर है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की GDP ग्रोथ 7.6% रहेगी, जिसके बाद वित्त वर्ष 2028 में यह 6.7% और वित्त वर्ष 2029 में 7% हो जाएगी.

मैक्रो माहौल बेहतर हुआ
मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि महामारी के बाद अपनाए गए कड़े उपायों और पॉलिसी से जुड़ी अनिश्चितता में कमी आने के बाद भारत का मैक्रो माहौल बेहतर हुआ है. रिपोर्ट में अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ हुए व्यापार समझौतों, और साथ ही चीन के साथ सुधरते संबंधों को भी ग्रोथ के लिए सहायक फैक्टर बताया गया है.
मॉर्गन स्टेनली ने कहा, ‘छह तिमाहियों तक चले मिड-साइकिल धीमेपन के बाद अब कमाई में ग्रोथ का रुख बदल रहा है, और इसके और भी तेज होने की संभावना है.’
नई चुनौती
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भू-राजनीतिक तनावों ने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है. अगर भारत की तेल पर निर्भरता पहले की तुलना में काफी कम है, फिर भी उसे तेल आयात करना पड़ता है. प्रत्यक्ष एआई निवेश की कमी शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रतीत होती है, और भारतीय सेवा निर्यात पर एआई के संभावित व्यवधान से स्थिति और भी जटिल हो सकती है. इन चुनौतियों के अलावा, हम उम्मीद करते हैं कि बहुध्रुवीय विश्व में भारत को बड़ा लाभ होगा, और आने वाले दशक में जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स की हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है.
भारत की ताकत
भारत का प्रमुख लाभ उसकी बढ़ती उपभोक्ता संख्या है, जिसमें अपेक्षाकृत युवा आबादी की बढ़ती आय शामिल है. वास्तव में, 2025 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का योगदान 18% था, जो आने वाले वर्षों में और भी अधिक होने की संभावना है. ऊर्जा अवसंरचना के मामले में भारत सबसे तेजी से विकसित होने वाले देशों में से एक है और इससे डेटा केंद्रों में तेजी आ सकती है. श्रम उत्पादकता के निम्न प्रारंभिक स्तर को देखते हुए, भारत एआई आधारित उत्पादकता लाभों से अत्यधिक लाभान्वित होगा.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
गोल्ड-सिल्वर पर बढ़ी ड्यूटी से चमके 2 स्टॉक, इतनी फीसदी आई तेजी; जानें क्या है वजह
गोल्ड पर सख्ती के बावजूद इन कंपनियों के स्टॉक में बंपर तेजी, 11% तक बढ़े शेयर; साउथ इंडिया से है नाता
Nifty Outlook May 14: किस लेवल पर है इमिडिएट सपोर्ट, क्या कंसोलिडेशन फेज में निफ्टी?
