HAL से BEL तक, 2.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा ऑर्डर बुक; इन 5 ऐरोस्पेस कंपनियों के पास प्रोजेक्ट्स की भरमार
भारत का एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर तेजी से नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है. HAL, BEL जैसी कंपनियों के ऑर्डर बुक मजबूत हो रहे हैं. बढ़ते रक्षा बजट और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के बीच यह सेक्टर लंबी अवधि की बड़ी ग्रोथ स्टोरी बनता दिख रहा है.
Best Aerospace Stock to buy: दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, रक्षा खर्च में रिकॉर्ड उछाल और भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान ने भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर को नई उड़ान दे दी है. कभी दुनिया के सबसे बड़े रक्षा आयातकों में शामिल भारत अब तेजी से घरेलू उत्पादन की ओर बढ़ रहा है. यही वजह है कि रडार, मिसाइल, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और एवियोनिक्स से जुड़ी भारतीय कंपनियों के ऑर्डर बुक तेजी से भर रहे हैं.
वैश्विक स्तर पर 2025 में सैन्य खर्च बढ़कर 2.9 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. वहीं भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा रक्षा खर्च करने वाला देश बन चुका है. FY27 के लिए भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसमें करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये घरेलू खरीद के लिए रखे गए हैं.
HAL के पास 7 साल की विजिबिलिटी
सरकारी कंपनी Hindustan Aeronautics Limited (HAL) इस समय देश की सबसे मजबूत डिफेंस कंपनियों में गिनी जा रही है. कंपनी LCA Tejas, Dhruv हेलिकॉप्टर और Dornier विमान जैसे प्लेटफॉर्म बनाती है. FY26 की तीसरी तिमाही के बाद कंपनी का ऑर्डर बुक करीब 2.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. यह कंपनी को अगले 7 साल तक मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है. HAL अब सिविल एविएशन MRO बिजनेस में भी एंट्री कर रही है.

BEL को बड़े प्रोजेक्ट्स का सहारा
Bharat Electronics Limited (BEL) का ऑर्डर बुक जनवरी 2026 तक 73,450 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कंपनी रडार, मिसाइल सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और डिफेंस कम्युनिकेशन सिस्टम बनाती है. BEL आने वाले वर्षों में ‘कुशा’ एयर डिफेंस सिस्टम और Akash-NG जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से फायदा उठाने की तैयारी में है. कंपनी की 90% से ज्यादा कमाई डिफेंस सेक्टर से आती है.

Bharat Dynamics की मिसाइल ताकत
Bharat Dynamics Limited (BDL) मिसाइल और टॉरपीडो सिस्टम बनाने वाली सरकारी कंपनी है. दिसंबर 2025 तक इसका ऑर्डर बुक करीब 25,500 करोड़ रुपये था. कंपनी अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये के नए अवसर देख रही है. Astra Mk1, QRSAM और Varunastra जैसे प्रोजेक्ट इसके प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर हैं. कंपनी झांसी और हैदराबाद के पास नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स भी स्थापित कर रही है.

Data Patterns और AXISCADES पर नजर
Data Patterns रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और एवियोनिक्स सिस्टम तैयार करती है. FY26 की तीसरी तिमाही तक इसका ऑर्डर बुक 1,870 करोड़ रुपये था. कंपनी का फोकस हाई-मार्जिन IP-आधारित प्रोडक्ट्स पर है.

वहीं AXISCADES Technologies रक्षा, एयरोस्पेस और एम्बेडेड सिस्टम्स में तेजी से विस्तार कर रही है. कंपनी के पास करीब 3,400 करोड़ रुपये की बिजनेस विजिबिलिटी है, जबकि ऑर्डर पाइपलाइन 14,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. कंपनी भारत के सबसे बड़े निजी रडार प्लांट्स में से एक तैयार कर रही है.

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लंबी रेस का सेक्टर
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर अब लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी बन चुका है. सरकार की घरेलू खरीद नीति, बढ़ता रक्षा बजट और वैश्विक तनाव इस सेक्टर को लगातार मजबूती दे रहे हैं. हालांकि निवेशकों को केवल तेजी देखकर नहीं, बल्कि कंपनियों के ऑर्डर बुक, वित्तीय स्थिति और निष्पादन क्षमता को भी ध्यान में रखना चाहिए.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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