Q1 में CEAT का हुआ बुरा हाल! 96% गिरा मुनाफा, 7% से ज्यादा टूटा शेयर, ₹1205 करोड़ का विस्तार प्लान भी नहीं आया काम
CEAT के अप्रैल-जून तिमाही नतीजों में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 22.4% बढ़कर 4,318 करोड़ रुपये पहुंच गया. हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट 96.4% गिरकर सिर्फ 4 करोड़ रुपये रह गया. बढ़ती लागत का असर कंपनी की कमाई पर साफ दिखाई दिया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई.

CEAT Share: टायर निर्माता CEAT Ltd के जून तिमाही के नतीजों के बाद शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली है. पहली तिमाही में मुनाफे में 96.4 फीसदी की भारी गिरावट और मार्जिन पर बढ़े दबाव के चलते निवेशकों ने शेयर बेचे हैं. जिस वजह से कारोबार के दौरान CEAT का शेयर 7 फीसदी से ज्यादा टूट गया है. हालांकि कंपनी ने नागपुर प्लांट के विस्तार के लिए 1,205 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है, लेकिन इसका सकारात्मक असर फिलहाल शेयर पर नहीं दिख रहा है.
7% से ज्यादा टूटा शेयर
शुक्रवार को CEAT का शेयर 279.10 रुपये यानी 7.32% की गिरावट के साथ 3,549 रुपये पर कारोबार के साथ बंद हुआ. इस दौरान कंपनी का मार्केट कैप 14,355 करोड़ रुपये रहा. शेयर का 52 सप्ताह का हाई 4,438 रुपये और लो लेवल 3,000 रुपये है. वहीं, कंपनी का P/E 22.5, बुक वैल्यू 1,247 रुपये, डिविडेंड यील्ड 0.84%, ROCE 18.7%, ROE 15.9% और फेस वैल्यू 10 रुपये है.
Q1 FY27 में CEAT के मुनाफे में 96% की गिरावट
टायर निर्माता CEAT के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों में बिक्री तो मजबूत रही, लेकिन बढ़ती लागत ने कंपनी की कमाई पर बड़ा असर डाला है. कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 22.4% बढ़ा, जबकि नेट प्रॉफिट 96.4 फीसदी गिर गया. कंपनी ने मुनाफे में इस बड़ी गिरावट के लिए कच्चे माल की बढ़ती कीमतों को जिम्मेदार बताया.
ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 22.4% की बढ़ोतरी
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में CEAT का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 4,318 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही (Q1 FY26) के 3,529 करोड़ रुपये से 22.4% अधिक है.
कुल रेवेन्यू भी बढ़ा
कंपनी का कुल रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 22.4% बढ़कर 4,324 करोड़ रुपये हो गया. एक साल पहले समान तिमाही में यह 3,534 करोड़ रुपये था.
पश्चिम एशिया संकट का पड़ा असर
कंपनी के मुताबिक, पश्चिम एशिया संकट के चलते कच्चे माल की कीमतों में आई तेजी का असर तिमाही के नतीजों पर पड़ा. बढ़ती लागत ने बेहतर बिक्री का फायदा कम कर दिया और मुनाफे पर दबाव बना रहा.
नागपुर प्लांट के विस्तार पर ₹1,205 करोड़ खर्च करेगी कंपनी
कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद CEAT ने दीर्घकालिक विस्तार योजना पर बड़ा फैसला लिया है. कंपनी के बोर्ड ने 1,205 करोड़ रुपये के कैपेक्स को मंजूरी दी है. यह निवेश नागपुर स्थित विनिर्माण इकाई की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा.
विस्तार के बाद प्लांट की उत्पादन क्षमता में करीब 53,000 टायर प्रतिदिन की बढ़ोतरी होगी. कंपनी की मौजूदा स्थापित उत्पादन क्षमता, पहले से लागू की जा रही क्षमता को छोड़कर, करीब 80,000 टायर प्रतिदिन है और इसका उपयोग स्तर करीब 95 फीसदी है.
क्यों बढ़ाई जा रही क्षमता?
कंपनी ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि नागपुर प्लांट में दोपहिया वाहनों के टायरों की मौजूदा उत्पादन क्षमता लगभग पूरी तरह इस्तेमाल हो रही है. इसी को देखते हुए कंपनी आंतरिक आकलन के आधार पर ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड विस्तार के जरिए उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी.
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