3 महीने में 100% उछला इस कर्जमुक्त कंपनी का शेयर, रिकॉर्ड नतीजों ने निवेशकों का बढ़ाया भरोसा, रखें नजर
जयपुर की रिफ्रैक्टरी उत्पाद निर्माता राघव प्रोडक्टिविटी एन्हांसर्स लिमिटेड (RPEL) ने जून 2026 तिमाही में रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है. मजबूत रेवेन्यू, तेज मुनाफा बढ़ोतरी, कर्जमुक्त बैलेंस शीट और क्षमता विस्तार की योजनाओं के दम पर कंपनी का शेयर अप्रैल से जून के बीच करीब 100% चढ़ गया. कंपनी के बेहतर नतीजों ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है.
Raghav Productivity Enhancers : जयपुर की रिफ्रैक्टरी मैटेरियल बनाने वाली कंपनी राघव Raghav Productivity Enhancers (RPEL) ने जून 2026 तिमाही में अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है. कंपनी ने रिकॉर्ड रेवेन्यू, EBITDA और मुनाफा दर्ज किया है. मजबूत नतीजों, कर्जमुक्त बैलेंस शीट और लगातार बढ़ती मांग के दम पर कंपनी का शेयर अप्रैल से जून 2026 यानी 3 महीने में करीब 100% चढ़ चुका है. तीन महीने में निवेशकों का पैसा डबल हो गया है.
रिकॉर्ड तिमाही नतीजों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
RPEL दुनिया की सबसे बड़ी सिलिका रैमिंग मास निर्माता कंपनी है. यह उत्पाद इंडक्शन फर्नेस के जरिए स्टील बनाने वाले प्लांट्स, फाउंड्री और कास्टिंग यूनिट्स में इस्तेमाल होता है. अप्रैल 2026 की शुरुआत में कंपनी का शेयर करीब 600 रुपये के आसपास था, जो जून के आखिर तक लगभग 1,200 रुपये के पार पहुंच गया. फिलहाल शेयर 1,296 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है और कंपनी का मार्केट कैप करीब 6,005 करोड़ रुपये है.
Q1 FY27 में अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन
जून 2026 तिमाही में कंपनी ने अब तक की सबसे ज्यादा सेल्स और मुनाफा दर्ज किया. इस दौरान कंपनी की सेल्स वॉल्यूम 97,000 मीट्रिक टन रही, जो पिछले साल की समान अवधि से 25% अधिक है.
कंपनी की आय 49% बढ़कर 87 करोड़ रुपये पहुंच गई. वहीं EBITDA 62% बढ़कर 26 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा (PAT) 68% बढ़कर 20 करोड़ रुपये हो गया. खास बात यह रही कि मुनाफे की बढ़ोतरी लगातार चौथी तिमाही में रेवेन्यू वृद्धि से तेज रही.
किन वजहों से बढ़ा कंपनी का मुनाफा
कंपनी के अनुसार, ज्यादा मार्जिन वाले वैल्यू-एडेड और फाउंड्री ग्रेड उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ने से मुनाफे में सुधार हुआ है. रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के जरिए तैयार किए गए नए उत्पादों ने भी बेहतर कीमत और मार्जिन दिलाने में मदद की है.
निर्यात कारोबार में भी मजबूत बढ़त
RPEL का निर्यात कारोबार भी तेजी से बढ़ा है. कंपनी ने बताया कि तिमाही आधार पर निर्यात वॉल्यूम में 34% की बढ़ोतरी हुई. हालांकि इस दौरान समुद्री मालभाड़ा और वैश्विक तनाव के कारण लागत बढ़ी, लेकिन कंपनी ने अतिरिक्त खर्च ग्राहकों से वसूल कर लिया, जिससे मुनाफे पर असर नहीं पड़ा.
क्षमता विस्तार का काम तय समय पर
कंपनी के राजस्थान के निवाई स्थित प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता अभी 4.14 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) है. कंपनी अक्टूबर 2026 तक ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना पूरी करने की तैयारी में है. इसके बाद क्षमता बढ़कर 5.34 लाख MTPA हो जाएगी.
इसके अलावा कंपनी देश के प्रमुख स्टील हब के पास नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के विकल्प भी तलाश रही है, ताकि भविष्य में कई स्थानों पर उत्पादन किया जा सके.
स्टील उद्योग से मिल रहा मजबूत समर्थन
भारत में इंडक्शन फर्नेस (IF) के जरिए बनने वाले स्टील की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है. जून 2026 तिमाही में देश के कुल स्टील उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 40% से ज्यादा रही. सरकार की ग्रीन स्टील नीति भी इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है.
वहीं अफ्रीका और मध्य पूर्व जैसे देशों में भी DRI और स्पंज आयरन आधारित स्टील उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है. इससे इंडक्शन फर्नेस और उससे जुड़े रिफ्रैक्टरी उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ने की उम्मीद है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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