Closing Bell: लगातार दूसरे दिन बाजार में हाहाकार, इन कारणों से निवेशकों के डूबे ₹2 लाख करोड़

भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ. सेंसेक्स 187.90 अंक टूटकर 77,966.35 और निफ्टी 35.75 अंक गिरकर 24,435.95 पर बंद हुआ. TCS 3 फीसदी से ज्यादा फिसला, जबकि Nifty IT में 1.54 फीसदी की गिरावट रही. पश्चिम एशिया का तनाव, महंगा कच्चा तेल, मुनाफावसूली और चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर से बाजार पर दबाव रहा.

बाजार में भारी गिरावट. Image Credit: Canva

इंडियन स्टॉक मार्केट लगातार दूसरे सत्र में गिरावट में रहा. बुधवार, 12 अगस्त को सेंसेक्स और Nifty 50 जैसे प्रमुख इंडेक्स में दिनभर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. पश्चिम एशिया में जारी तनाव, Strait of Hormuz के फिर से खुलने और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के पद से इस्तीफा देने की खबर के चलते बाजार लाल निशान में कारोबार करता दिखा. IT शेयरों में बिकवाली का दबाव सबसे ज्यादा रहा, जबकि बैंकिंग शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया.

सेंसेक्स 187.90 अंक यानी 0.24 फीसदी टूटकर 77,966.35 पर बंद हुआ. वहीं Nifty 50 में 35.75 अंक यानी 0.15 फीसदी की गिरावट रही और यह 24,435.95 के स्तर पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान Nifty ने 24,473.30 का ऊपरी स्तर और 24,265.95 का निचला स्तर छुआ.

कौन रहे आज के टॉप गेनर्स?

Nifty 50 में Hindalco सबसे बड़ा गेनर रहा. कंपनी का शेयर 29.40 रुपये यानी 2.80 फीसदी की तेजी के साथ 1,078.50 रुपये पर बंद हुआ. इसके अलावा Bharti Airtel का शेयर 29.80 रुपये यानी 1.56 फीसदी चढ़कर 1,945 रुपये पर बंद हुआ. SBI का शेयर 16 रुपये यानी 1.50 फीसदी बढ़कर 1,082 रुपये पर पहुंच गया.

वहीं Jio Financial Services का शेयर 3.30 रुपये यानी 1.31 फीसदी की तेजी के साथ 256.05 रुपये और UltraTech Cement का शेयर 111 रुपये यानी 0.94 फीसदी बढ़कर 11,891 रुपये पर बंद हुआ.

कौन रहे आज के टॉप लूजर्स?

आज के कारोबार में TCS Nifty 50 का सबसे बड़ा लूजर रहा. इसका शेयर 96 रुपये यानी 3.93 फीसदी गिरकर 2,349.70 रुपये पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान TCS करीब 5.52 फीसदी तक टूट गया था. इसके अलावा Max Healthcare का शेयर 32.50 रुपये यानी 3.13 फीसदी गिरकर 1,007.50 रुपये पर बंद हुआ.

Apollo Hospitals में 153.50 रुपये यानी 1.75 फीसदी की गिरावट रही और यह 8,597 रुपये पर बंद हुआ. M&M का शेयर 56.50 रुपये यानी 1.63 फीसदी टूटकर 3,403.60 रुपये और Tata Consumer Products का शेयर 16.10 रुपये यानी 1.49 फीसदी गिरकर 1,061.90 रुपये पर बंद हुआ.

कैसा रहा बाजार का ब्रॉड मूव?

बाजार में दबाव के बीच ब्रॉड मार्केट में मिला-जुला रुख रहा. Nifty Midcap 100 इंडेक्स 180.55 अंक यानी 0.28 फीसदी बढ़कर 64,024.40 पर बंद हुआ.

वहीं Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 35.50 अंक यानी 0.18 फीसदी गिरकर 19,821.65 पर बंद हुआ. Nifty Next 50 में 97.25 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त रही और यह 74,748.10 पर बंद हुआ.

सेक्टोरल इंडेक्स का क्या रहा हाल?

सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला. Nifty Bank सबसे मजबूत रहा और 439.60 अंक यानी 0.77 फीसदी बढ़कर 57,885.85 पर बंद हुआ. इसके उलट IT शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा. Nifty IT 490.60 अंक यानी 1.54 फीसदी गिरकर 31,332.55 पर बंद हुआ.

Nifty FMCG 358.50 अंक यानी 0.73 फीसदी गिरकर 48,429.35 पर बंद हुआ. Nifty Auto में 95.50 अंक यानी 0.32 फीसदी की गिरावट रही और यह 29,363.05 पर बंद हुआ. Nifty Financial Services 5.65 अंक यानी 0.02 फीसदी गिरकर 26,426.75 पर बंद हुआ. वहीं Nifty 100 में 24.20 अंक यानी 0.09 फीसदी की गिरावट रही.

कितने शेयर चढ़े और कितने गिरे?

बाजार में कुल 3,476 शेयरों में कारोबार हुआ. इनमें 1,506 शेयर बढ़त के साथ, जबकि 1,866 शेयर गिरावट में बंद हुए. 104 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंचने वाले शेयरों की संख्या 115 रही, जबकि 60 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचे. वहीं 106 शेयर अपर सर्किट और 104 शेयर लोअर सर्किट में रहे.

बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?

बाजार में गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में बनी अनिश्चितता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशकों की सावधानी और कई सेक्टरों में मुनाफावसूली इसके अलावा एन चंद्रशेखरन का इस्तीफा मुख्य वजह रही. Strait of Hormuz को फिर से खोलने और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है. ईरान ने कहा है कि अमेरिका के उसकी शर्तें मानने तक Strait of Hormuz बंद रहेगा, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका का इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर पूरा नियंत्रण है.

इस बीच पश्चिम एशिया में अलग-अलग हमलों की खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है. Yemen के तटरक्षकों के मुताबिक, Bab el-Mandab Strait में Houthi हमले में एक मालवाहक जहाज पर छह लोगों की मौत हुई. वहीं US Central Command ने कहा है कि उसने Gulf of Oman में एक कंटेनर जहाज पर दो मिसाइलें दागीं.

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

बुधवार को Brent Crude करीब 1 फीसदी बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया. अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अनिश्चितता और दो जहाजों पर हुए हमलों से पश्चिम एशिया से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है.

महंगा कच्चा तेल भारत में महंगाई बढ़ा सकता है, चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकता है, रुपये को कमजोर कर सकता है और कंपनियों के मुनाफे पर असर डाल सकता है. इससे विदेशी निवेश में कमी और ब्याज दरों को लेकर चिंता भी बढ़ सकती है.

निवेशकों को ₹2 लाख करोड़ का नुकसान

भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट के बीच निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ. दो दिनों में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 10 अगस्त को करीब 494 लाख करोड़ रुपये था, जो घटकर करीब 492 लाख करोड़ रुपये रह गया.

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