न्यूक्लियर स्टॉक्स को भूल तो नहीं गए? ₹740300 करोड़ तक पहुंचा इन 4 कंपनियों का ऑर्डर बुक, डाल लें नजर
भारत में तेजी से बढ़ती बिजली की मांग और 2070 Net-Zero लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने Nuclear Energy Mission पर बड़ा दांव लगाया है. 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य के बीच कई कंपनियों की ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है. जानिए न्यूक्लियर सेक्टर में कौन-सी कंपनियां बन सकती हैं सबसे बड़ी कमाई का जरिया.

भारत की आबादी, बढ़ता तापमान, आधुनिक उद्योग और तेजी से खुल रहे डेटा सेंटर्स देश में बिजली की डिमांड को रिकॉर्ड स्तर पर ले जा रहे हैं. इस भारी मांग को पूरा करने और साल 2070 तक नेट-जीरो (Net-Zero) का लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार ने अपना सबसे बड़ा दांव न्यूक्लियर एनर्जी पर लगाया है. सरकार ने ‘न्यूक्लियर एनर्जी मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके तहत साल 2047 तक 100 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है.
करीब ₹20,000 करोड़ (Rs 200 billion) के शुरुआती निवेश वाले इस मिशन ने घरेलू कंपनियों के लिए कमाई के नए दरवाजे खोल दिए हैं. आइए जानते हैं परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की उन 4 दिग्गज कंपनियों के बारे में, जिनके ऑर्डर बुक इस मिशन के दम पर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं:
- Larsen and Tourbo
L&T भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सर्विसेज देने वाली सबसे बड़ी कंपनी है. देश में चालू 22 परमाणु रिएक्टरों में इस कंपनी का बड़ा योगदान है.
- मजबूत ऑर्डर बुक: वित्त वर्ष 2026 (FY26) के अंत में कंपनी का कुल ऑर्डर बुक 28% की सालाना बढ़त के साथ ₹7,40,300 करोड़ (Rs 7,403 bn) पर पहुंच गया, जिसमें हैवी इंजीनियरिंग सेगमेंट की हिस्सेदारी करीब 5% है.
- बड़े प्रोजेक्ट्स: कंपनी ने हाल ही में कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए NPCIL से बड़ा ऑर्डर जीता है. इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट के लिए स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) बनाने के लिए होल्टेक इंटरनेशनल (Holtec) के साथ साझेदारी की है. हाल ही में कंपनी ने NPCIL के लिए 7वां 700 MWe स्टीम जनरेटर डिस्पैच किया है.
- शानदार फाइनेंशियल: चौथी तिमाही (Q4FY26) में नेट सेल्स बढ़कर ₹82,762.2 करोड़ रही, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹6,317.5 करोड़ पर पहुंच गया. 3 साल का औसत ROE 16.9% और ROCE 20.4% रहा है.
- NTPC
देश की सबसे बड़ी पावर जनरेशन कंपनी NTPC अब न्यूक्लियर सेक्टर में बड़ा धमाका करने की तैयारी में है. कंपनी का लक्ष्य 2047 तक 30 GW न्यूक्लियर क्षमता तैयार करना है.
- अहम साझेदारियां और विस्तार: NTPC ने NPCIL के साथ मिलकर ‘अनुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड’ नाम से एक जॉइंट वेंचर बनाया है, जो राजस्थान के बांसवाड़ा में 4×700 मेगावाट (MW) का परमाणु प्रोजेक्ट लगा रहा है. इसकी पहली यूनिट वित्त वर्ष 2033 तक तैयार होगी.
- नई सब्सिडियरी: कंपनी ने ‘NTPC परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड’ नाम से नई सहायक कंपनी बनाई है, जो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 साइट्स पर रिसर्च कर रही है. साथ ही, कंपनी अपने पीएमआई (PMI) नोएडा सेंटर में न्यूक्लियर ट्रेनिंग भी दे रही है.
- फाइनेंशियल: तीसरी तिमाही (Q3FY26) में कंपनी की नेट सेल्स ₹45,845.7 करोड़ और मुनाफा (PAT) ₹4,318.5 करोड़ रहा. कंपनी का 3 साल का कंपाउंडेड प्रॉफिट ग्रोथ 12.2% रहा है.
- BHEL
भारत के न्यूक्लियर पावर इक्विपमेंट मार्केट में अकेले BHEL का 59% मार्केट शेयर है. देश के 22 चालू रिएक्टरों में से 12 को स्टीम टर्बाइन जनरेटर सेट भेल ने ही सप्लाई किए हैं.
- रिकॉर्ड ऑर्डर बुक: 31 मार्च 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर ₹2,40,000 करोड़ (Rs 2,400 bn) पर पहुंच गया. इसमें से अकेले वित्त वर्ष 2026 में ₹75,900 करोड़ के नए ऑर्डर मिले.
- ताजा ऑर्डर्स: कंपनी को NPCIL से 700 MWe रिएक्टरों के लिए 32 रिएक्टर हेडर असेंबली की सप्लाई का ऑर्डर मिला है. इसके अलावा, कुडनकुलम प्रोजेक्ट में टर्बाइन जनरेटर लगाने के लिए करीब ₹440 करोड़ (Rs 4,400 m) का ऑर्डर मिला है.
- मुनाफे में बंपर उछाल: चौथी तिमाही (Q4FY26) में कंपनी की नेट सेल्स बढ़कर ₹12,310.4 करोड़ रही, जबकि मुनाफा (PAT) पिछले साल के ₹494.5 करोड़ से ढाई गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,273.7 करोड़ पर पहुंच गया.
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- Power Mech
यह इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी न्यूक्लियर प्लांट्स के लिए बेहद नाजुक माने जाने वाले स्टीम टर्बाइन और जनरेटर्स की इरेक्शन, टेस्टिंग और कमिशनिंग (ETC) सर्विसेज देती है.
- ऑर्डर बुक का हाल: फरवरी 2026 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक ₹18,300 करोड़ (Rs 183 bn) था. चालू वित्त वर्ष में फरवरी तक कंपनी को ₹7,800 करोड़ के नए ऑर्डर्स मिले हैं.
- दमदार फाइनेंशियल ग्रोथ: तीसरी तिमाही (Q3FY26) में कंपनी की नेट सेल्स बढ़कर ₹1,419.6 करोड़ और मुनाफा बढ़कर ₹99.7 करोड़ रहा.
- रिटर्न रेशियो में अव्वल: लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस के मामले में पावर मेक काफी मजबूत है. कंपनी की 3 साल की कंपाउंडेड प्रॉफिट ग्रोथ 35.9% रही है, जबकि इसका औसत ROCE 26.8% के बेहद शानदार स्तर पर है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.