मल्टीबैगर डिफेंस स्टॉक में आई जोरदार तेजी, मजबूत नतीजों ने भरा दम; 2800 फीसदी से अधिक उछल चुका है शेयर

Apollo Micro Systems Share: फाइनेंशियल नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने FY26 के लिए 1 रुपये फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 0.25 रुपये का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है. नतीजों के अलावा, कंपनी के शेयर हाल ही में कई पॉजिटिव डेवलपमेंट की वजह से चर्चा में रहे हैं.

डिफेंस स्टॉक. Image Credit: money9

मल्टीबैगर डिफेंस स्टॉक Apollo Micro Systems सोमवार 18 मई को ट्रेडिंग में 5.58 फीसदी की तेजी के साथ हुआ. मार्च तिमाही के शानदार प्रदर्शन के बाद शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. कंपनी ने मार्च तिमाही के लिए अच्छे आंकड़े पेश किए. ऑपरेशन से होने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 293.26 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 161.77 करोड़ रुपये था. इस तरह, इसमें 81.3% की जबरदस्त सालाना (YoY) बढ़ोतरी दर्ज की गई. तिमाही के लिए कुल इनकम 296.45 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 162.50 करोड़ रुपये थी.

कंपनी का मुनाफा कितना बढ़ा?

कंपनी का टैक्स से पहले का प्रॉफिट (PBT) Q4FY26 में तेजी से बढ़कर 54.79 करोड़ रुपये हो गया, जो Q4FY25 में 22 करोड़ रुपये था. वहीं, टैक्स के बाद का प्रॉफिट (PAT) बढ़कर 36.79 करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 13.96 करोड़ रुपये था. यह 163.5 फीसदी की मजबूत सालाना (YoY) बढ़ोतरी दिखाता है. तिमाही के लिए कुल खर्च बढ़कर 241.66 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 140.50 करोड़ रुपये था.

डिविडेंड का ऐलान

फाइनेंशियल नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने FY26 के लिए 1 रुपये फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 0.25 रुपये का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है, जो शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर है.

शेयर में पॉजिटिव डेवलपमेंट

नतीजों के अलावा, कंपनी के शेयर हाल ही में कई पॉजिटिव डेवलपमेंट की वजह से चर्चा में रहे हैं, जिससे स्टॉक को अपने पहले के ज्यादातर नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली. मई की शुरुआत में कंपनी को रक्षा मंत्रालय से 17.48 करोड़ रुपये, पब्लिक सेक्टर के रक्षा उपक्रमों से 9.53 करोड़ रुपये और प्राइवेट कंपनियों से 24.02 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले.

सरकार से मिले हैं कई ऑर्डर

अप्रैल में, Apollo Micro Systems को भारत सरकार से कई तरह के एडवांस्ड रक्षा हथियार सिस्टम और गोला-बारूद बनाने का लाइसेंस मिला. इस लाइसेंस में 12.7 mm से ज्यादा कैलिबर वाले हथियार शामिल हैं, जिनमें मिसाइलें, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें (ATGM), टॉरपीडो, पानी के नीचे बिछाई जाने वाली माइन्स, हवाई बम, रॉकेट और लोइटरिंग म्यूनिशन्स शामिल हैं.

बिकवाली के बाद शेयर की वापसी

354.70 रुपये प्रति शेयर के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद, स्टॉक पर भारी बिकवाली का दबाव आ गया था. यह गिरावट मार्च तक जारी रही और इसकी कीमत में लगभग 44 फीसदी की कमी आ गई. इसके बावजूद, स्टॉक ने अप्रैल महीने में ही अपनी ज्यादातर गिरावट की भरपाई कर ली, जिससे यह साबित होता है कि निचले स्तरों से वापसी करने की इसकी क्षमता कितनी मजबूत है.

शेयर की चाल

अप्रैल में कंपनी के शेयरों ने अपनी बढ़त का सिलसिला फिर से शुरू किया. पिछले एक महीने में शेयर 11 फीसदी से अधिक की तेजी आई है. तीन महीने में शेयर ने 33 फीसदी की छलांग लगाई है.

2800 फीसदी से अधिक का उछाल

हालांकि, स्टॉक का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड अभी भी अस्थिर बना हुआ है, लेकिन इसका लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस लगातार मजबूत बना हुआ है. पिछले तीन सालों में इसके शेयर 812 फीसदी और पिछले पांच साल में 2,806 फीसदी का उछाल शेयर में आया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.