इन 3 शेयरों पर FII फिदा, 3 महीने में 13 फीसदी तक बढ़ाई हिस्सेदारी; जानें क्या है पर्दे के पीछे की कहानी

जून 2026 तिमाही में कई स्मॉलकैप शेयरों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है. GMR Power में FII हिस्सेदारी 3.43 फीसदी से बढ़कर 16 फीसदी हो गई. HFCL में यह 7.08 फीसदी से 15.74 फीसदी और Fedbank Financial में 0.66 फीसदी से 9.3 फीसदी पहुंची.

जून 2026 तिमाही में कई स्मॉलकैप शेयरों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है. Image Credit: Canva/ Money9

जून 2026 तिमाही में कई स्मॉलकैप कंपनियों में विदेशी निवेशकों यानी FII की हिस्सेदारी में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली. कुछ कंपनियों में यह बढ़ोतरी 13 फीसदी तक रही. GMR Power and Urban Infra, HFCL और Fedbank Financial जैसे शेयर इस लिस्ट में शामिल हैं. हालांकि, FII हिस्सेदारी बढ़ने का मतलब हर बार यह नहीं होता कि विदेशी निवेशकों ने ओपन मार्केट से भारी खरीदारी की है. कई बार ब्लॉक डील, प्रेफरेंशियल इश्यू और शेयरों के ट्रांसफर से भी हिस्सेदारी का फीसदी तेजी से बदल जाता है.

GMR Power

GMR Power and Urban Infra में FII की हिस्सेदारी मार्च 2026 के 3.43 फीसदी से बढ़कर जून 2026 में 16 फीसदी पहुंच गई. यानी सिर्फ एक तिमाही में विदेशी हिस्सेदारी में करीब 12.57 फीसदी अंक की बढ़ोतरी हुई. यह कंपनी पावर और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है. कंपनी ने मार्च 2026 में रिन्यूएबल एनर्जी डिविजन बनाने की दिशा में कदम उठाया. हालांकि, हिस्सेदारी में यह तेजी केवल बाजार से खरीदारी का नतीजा नहीं मानी जा सकती.

प्रेफरेंशियल इश्यू से भी बदल सकते हैं आंकडे़

किसी कंपनी में FII हिस्सेदारी बढ़ने के पीछे नए शेयर जारी होना भी एक वजह हो सकती है. अगर कंपनी किसी विदेशी निवेशक को प्रेफरेंशियल इश्यू या अन्य माध्यम से नए शेयर जारी करती है तो उसकी हिस्सेदारी का फीसदी बढ़ जाता है. GMR Power ने 1200 करोड़ रुपये का प्रेफरेंशियल इश्यू किया था. इसलिए शेयरहोल्डिंग में बदलाव को केवल विदेशी निवेशकों की ओपन मार्केट खरीदारी के तौर पर देखना सही नहीं होगा. निवेशकों के लिए शेयरहोल्डिंग के पीछे की पूरी डील को समझना जरूरी है.

HFCL

HFCL में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी मार्च 2026 के 7.08 फीसदी से बढ़कर जून 2026 में 15.74 फीसदी हो गई. यानी 3 महीने में हिस्सेदारी करीब 8.66 फीसदी अंक बढ़ी. कंपनी ऑप्टिकल फाइबर, ऑप्टिकल फाइबर केबल, टेलीकॉम इक्विपमेंट और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम करती है. कंपनी के पास 26000 करोड़ रुपये से अधिक का डायवर्सिफाइड ऑर्डर बुक है. HFCL भारत और विदेशी बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के साथ प्रोडक्ट आधारित बिजनेस पर जोर दे रही है.

Fedbank Financial

Fedbank Financial में FII हिस्सेदारी मार्च 2026 के 0.66 फीसदी से बढकर जून 2026 में 9.3 फीसदी पहुंच गई. इसके पीछे मुख्य वजह एक बड़ी हिस्सेदारी की डील रही. घरेलू प्राइवेट इक्विटी निवेशक True North Fund VI LLP ने अपनी पूरी हिस्सेदारी Nomura India Equity Fund को बेच दी. यह सौदा 13 मई 2026 को हुआ था. यानी विदेशी हिस्सेदारी में तेज उछाल एक ही बडे ट्रांजैक्शन का नतीजा था.

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केवल FII होल्डिंग देखकर फैसला न लें

FII हिस्सेदारी में बढ़ोतरी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है, लेकिन केवल इसी आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए. यह देखना जरूरी है कि हिस्सेदारी बाजार से खरीदारी के कारण बढ़ी है या किसी प्रेफरेंशियल इश्यू, ब्लॉक डील या शेयर ट्रांसफर की वजह से. कंपनी की कमाई, ऑर्डर बुक, कर्ज, कैश फ्लो और बिजनेस ग्रोथ को भी समझना जरूरी है. खासतौर पर स्मॉलकैप शेयरों में निवेश से पहले शेयरहोल्डिंग के आंकडों के पीछे की पूरी कहानी जानना अहम है.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.